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Corona Virus की लड़ाई में भारत सरकार भूमिका ।।


लॅाकडाउन की तैयारी स्वयं करें सरकारी सहायता का मुद्दा छोड़े।।
भारत के लोगों से अपील है कि जितना हो सकें अपने घरों में हीं रहें जो जहाँ हैं वहीं रहें और शांति के साथ भारत सरकार के अगले आदेश का इंतजार करें। इतना हीं नहीं अपने आसपास के लोगों को यथाशक्ति मदद करें दूरी बनाकर। कोरोना वायरस से बचने का सिर्फ यहीं एक उपाय है। दूसरा अभी तक कोई ईलाज नहीं चला है। नवीनतम जानकारी के अनुसार यह पता चला है कि मास्क पहनकर बाहर निकलने से इस वायरस से बचा नहीं जा सकता, इसका सिर्फ एक मात्र ईलाज यह है कि लोगों से मिलना बन्द करें आपस में एक से दो मीटर की दूरी बनाये रखें और साफसफाई का ख्याल रखें विशेषकर अपने हाँथों को 60 प्रतिशत अल्कोहल वाले हैण्ड वश से अपने हाँथ को घंटे दो घंटे पर धोते रहना बहुत आवश्यक है। 

जरा सोचिये! बिहार राज्य के नालंदा जिला के नगरनौसा के निवासी को कोरोना वायरस positive पाया गया है। यदि सूत्रों पर विश्वास किया जाय तो यह युवक उस अस्पताल में वार्ड बॉय का काम करता था, जिसमें कुछ दिन पहले कोरोना वायरस से संक्रमित युवक सैफ का ईलाज हुआ था, जिसको बाद में मौत हो गई। नगरनौसा निवासी युवक के बारें में एक बात और सामने आया है कि यह मृतक सैफ के ईलाज के समय उसके सम्पर्क में आया था। इसके बाद आप अनुमान लगा सकते हैं कि इस कोरोना वायरस का नेचर क्या है? इससे कैसे बचा जा सकता है? क्योंकि अभी तक इसके बारें में जो भी मालूम है घटना को देखते हुए अनुमान हीं लगाय गया है। इसलिए लोगों से दूरी बनाये रखें। 
   
अब मुद्दे पर चलते हैं। हम सब भारतियों को अपने घरों में कैद रहना लोगों से दूरी बनाकर बातचीत करना मजबूरी हो गया है यदि अपनेआप को और अपने परिवार, समाज और देश को बचाना है तो बाहर बिल्कुल हीं मत निकलिए घरों में रहने की आदत डाल लीजिये। इस बीमारी का ईलाज दुनिया के देशों के पास नहीं है जो हमारे देश के पास भी नहीं है लेकिन दुनिया के देशों के पास मास्क तथा कोरोना के जाँच करने के किट भरपूर मात्र में उपलब्ध हैं या व्यवस्था करने की क्षमता इन देशों के पास है परन्तु हमारा देश भारत के पास न जाँच करने के किट है और न हीं भविष्य में व्यवस्था करने की क्षमता भी नहीं है। भारत को इस बीमारी के संबंध में तैयारी के नाम पर शुन्य है सिर्फ थाली पिटने की क्षमता है इससे ज्यादा कुछ भी नहीं। आपको बता दूँ कि बिहार राज्य में कोरोना से एक व्यक्ति की मौत हो गई है फ़िर भी यहाँ अभी तक जाँच करने की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई जाँच के लिए महाराष्ट्र भेजना पड़ता है लेकिन सूचना यह भी मिल रहा है कि बिहार में जल्द से जल्द जाँच करने की सुविधा की व्यवस्था बिहार सरकार करने जा रही है। हमें एक बात और गौर से ध्यान देनेवाली बात है कि भारत वहीं देश है जहाँ ऑक्सिज़न के अभाव में सैंकड़ों बच्चों की मौत हो जाती है, इसलिए हम सब को अपने घरों में बन्द रहने के अलावा कोरोना से बचने का दूसरा कोई रास्ता नहीं है।

आपको यह याद जरुर होगा कि भारत में एक समय नोटबंदी हुई थी, उस समय यहीं हुआ था कि अचानक भारत के प्रधानमंत्री ने घोषणा किया था कि आज रात के बारह बजे से पांच सौ और एक हजार के नोट बन्द हो जाएंगें तथा लोग अपना – अपना रुपया इतना तारीख तक अपने बैंक खाता में जमा कर दें। कोरोना वायरस के साथ भी यहीं हुआ है, लोगों को घर से बाहर निकलना बन्द कर दिया जाने की घोषणा कर दिया गया और लोग बन्द हो गये जो जरुरी फैसला है। सरकार का यह निर्णय समय रहते अच्छा है इससे दूसरा और कोई निर्णय लिया हीं नहीं जा सकता। अब सवाल यहाँ यह उठता है की नोटबंदी कर दिया गया था, लेकिन उसकी तैयारी कुछ भी नहीं थी, लोग पैसा के लिए इधर-उधर भाग रहे थे जिसमें बहुत लोग की जानें भी चली गई थी। कोरोना के लिए किया गया lock-down भी उसी रास्ते पर चल पड़ा है, लोगों को बन्द रहने के लिया आदेश जारी कर दिया गया, लेकिन सरकार के पास इसकी तैयारी कितनी है जो देख लीजिये।

भारत सरकार के पास मास्क का अभाव है, कोरोना जाँच किट सीमित मात्र में हीं है, संक्रमित मरीजों को पकड़ने की क्षमता में भी भारत सरकार असफल होती दिख रही है और सबसे बड़ी बात बाजार पर भी नियंत्रण नहीं रहा। भारत के राष्ट्रीय समाचार पत्रों पर भरोसा किया जाय तो lock-down की वजह से भारत की राजधानी दिल्ली से हजारों संख्या में मजदूर लोग हजारों किलोमीटर पैदल चलकर अपने घर लौटने को मजबूर इसलिए हो गए हैं कि इन लोगों कई दिनों से खाना नहीं खाया है तथा इनसे रहने का छत भी छीन लिया गया है। आवास और भोजन का भी प्रबन्ध भारत सरकार तथा दिल्ली सरकार से नहीं हो पाया है तो इन लोग कोरोना वायरस जैसे खतरनाक बीमारी जिससे अमेरिका, इटली, स्पेन और चीन जैसे देश मुकाबला नहीं कर सकते तो हमारा भारत सरकार क्या कर सकती है, जिसके पास मजदूरों के लिए रहने तथा उन्हें खाना देने की व्यवस्था नहीं है।हमारी सरकार को lock-down का मतलब जानना चाहिए कि इसके अन्तर्गत लोगों को घरों में बन्द रहने के साथ-साथ युद्ध स्तर पर corona test भी शामिल होता है, इसलिए हम भारतियों के पास एक मात्र रास्ता यहीं बचा है कि हम सब अपने घरों में रहें और दूसरों को रहने में मदद भी करें लेकिन दूरी बनाकर। जय हिन्द!     

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