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Showing posts from March, 2021

अमरुद- अमरुद का नाम लेते हीं बचपन की बहुत सारे यादें अंगडाईयां लेने शुरू कर देती है जैसे!

अमरुद का नाम लेते हीं बचपन की बहुत सारे यादें अंगडाईयां लेने शुरू कर देती है। जैसे, बिहार राज्य के नालंदा जिला के जिस गांव में बचपन गुजरा वहां के लोग अपने घरों में अमरुद का पेड़ लगाने के रिवाज से ओत-प्रोत थे। घर के दरवाजे के पास भी कुछ लोग अमरुद का पेड़ लगाया करते, लेकिन ऐसे लोगों की संख्या न के बराबर थी, यूं कहें था हीं नहीं। गांव में जीतने अमरुद के पेड़ थे वो सभी एक चाहरदीवारी के अन्दर कैद थे और इसके साथ इसपर कठोर पहरा देने की प्रथा थी। पहरा ऐसा होता जैसे आज के नेता चुनाव के समय अपने मतदाताओं पर देते हैं। आज भी यहाँ अमरुद की गाछ दरवाजे के पास ही देखने को मिलता हैं, हलांकि घर के आंगन में लगाना लोग छोड़ चुके हैं, क्योंकि अब के घर पहले जैसा मिट्टी के दिवार से या बीस इंच मोटी ईंट से बने नहीं हैं बल्कि दस इंच के पक्की ईंट और सीमेंट से मिलकर बनी है। समय के अनुसार सब कुछ बदल जाता है और बदलने में हीं समझदारी है लेकिन एक बात जो आज भी यहाँ के लोगों में कूट-कूट कर भरा पड़ा है वो है अमरुद से लादे पेड़ के प्रति प्रेम और इसपर पहरा देने का रिवाज आज भी यह प्रथा वैसे हीं मौजूद है जैसे नब्बे के दशक में ...

एक कप चाय, मिट्टी वाली में - चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर भी नहीं वो कैसे !

एक कप चाय से याद आया कि मिट्टी के बर्तन वाली चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर एक प्रेमी को अपने प्रेमिका या एक प्रेमिका को अपने प्रेमी से मिलने में भी नहीं होगा! लेकिन वो मजा इस चाय पीने में आपको मिलेगा।  आप महिला हों या पुरुष यदि आप अपने जीवन में, प्रेम में प्रवाहित होने के आनंद से वंचित रह गाएं हैं तो हमारी मानिये एक बार इस चाय के प्रेम में बह जाइये, डूब जाइये और इसके गर्माहट में गोते लगा लीजिये! इसके मंद-मंद सुगंध में अपने नाक के दोनों सुराग को झोंक दीजिये। लेकिन एक बात का ख्याल रखियेगा,   इस चाय को पीने में कभी जल्दीबाजी नहीं कीजियेगा। नहीं तो, आपका जीभ आपसे नाराज हो जायेगा। बेमतलब के आप बेचारा स्वभाव से कोमल जीभ को रुखा कर दीजियेगा। यदि आपको विश्वास नहीं होता, तो एक बार मिट्टी वाला चुक्का में परोसी गई चाय को अपने होंठ से लगाकर और चाय को जीभ पर गिराकर तो देखिये! जैसे हीं, यह चाय आपके जीभ को स्पर्श करेगी वैसे हीं आप स्वयं इसके स्वाद से परिचित हो जाएंगें। हमारी मानिये तो आज हीं आप नुक्कड़ वाली एक कप चाय का मज़ा ले लीजिये। भारत आधुनीकता की ओर कदम बढ़ा च...