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Showing posts from March, 2022

What is the condition of the education system of Bihar? #narendrmodi #nitishkumar #nalandafive .

Today, the government education level is being played in Bihar votes are being sought in its name, but is the present government really worth it? The reality is that even in managing and running the educational system given by Dr. Manmohan Singh, the government of Narendra Modi and Nitish Kumar has proved to be laggy in Bihar. It has become clear that Bihar is a state where it is very necessary to improve the educational level. In this way, Dr. Manmohan Singh did a lot of work to improve the government educational system of Bihar, in which he built cemented houses for schools, got toilets in the school, got practical rooms prepared for science subjects, provided games like games to play. And in some schools, computers and its rooms were also provided for computer education. After Manmohan Singh, the Prime Minister of India is Narendra Modi and the Chief Minister of Bihar is Nitish Kumar, in whose time more work should have been done to improve the educational situation in Bihar tha...

Did Nitish Kumar sell his political ideology? #nitishkumar #nal...

It is said that whatever happens in politics, it works. But if a leader compromises with his ideology, how should it be understood? It should not be seen as a way in which leaders move from one party to another. Changing party by leader is different and changing ideology is different. Don't make the mistake of treating these two as equals. The difference between the two is land to sky. Nitish Kumar was such as leader whom the people of Bihar respected a lot, gave the right to run power, gave the opportunity to hoist the flag in the power of the center. But did Nitish Kumar do such work for the people of Bihar which the people of Bihar did for him. It should be churned by both the people of Bihar and Nitish Kumar. Democracy is such a system in which the people are the leader and the leader is also the people, although it is a different matter that the leaders consider themselves above the people. Remember when Nitish Kumar stands in the Parliament House, which is called the temp...

पेट्रोल के बढ़ते दाम पर बिफरे नरेंद्र मोदी और फिसड्डी साबित हुए| #narendramodi #nalandafive..

भारत में पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों से परेशान जनता को देखकर नरेंद्र मोदी बौखला गए और उन्होंने भारतीय मीडिया में बिफ़रते हुए केन्द्र सरकार को जोरदार लताड़ लगाई। मीडिया भी इस खबर को प्राथमिकता देते हुए लोगों को खबर दिखाया और लोकतंत्र के चौथा स्तम्भ होने की भूमिका को निभाने का काम किया। जिसके बाद भारतीय मीडिया के बारे में ये कहा जा सकता है कि मीडिया ईमानदार है जो देश के लिए हितकर है। केन्द्र सरकार के नाकामयाबी को देखते हुए नरेंद्र मोदी ने मीडिया को कहा कि देश में जिस प्रकार से पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए गए ये दिल्ली सरकार की शासन चलाने के नाकामयाबी का जीता-जागता सबूत है। मोदी मीडिया को संबोधन करते हुए आगे कहते हैं कि देश की जनता के अन्दर भारी आक्रोश है, इसके कारण और भी चीजें पर बहुत बड़ा बोझ होनेवाला है और सरकार पर भी बहुत बड़ा बोझ होनेवाला है। भारत के आम लोगों का आर्थिक फ़िक्र तथा प्रधानमंत्री को सचेत करते हुए नरेंद्र मोदी भारतीय मीडिया को आगे कहते हैं कि मैं आशा करूँगा कि प्रधानमंत्री ज़ी देश की स्थिति को गंभीरता से लेंगें और पेट्रोल के दाम बढ़ाएं हैं उसको कम करेंगें। उपरोक्त यह खबर वर्ष 20...

आम आदमी पार्टी किस Ideology पर चल रही है #nalandafive #shailendrakumar #aap

आम आदमी पार्टी अभी हाल के पंजाब विधानसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत लाकर ये सिद्ध कर दिया है कि यह पार्टी भारत के एक मजबूत पार्टी की ओर कदम बढ़ा दिया है। इसके बाद ये भी साफ हो जाता है कि अब इस पार्टी के ideology पर चर्चा होनी चाहिए। आख़िर क्यों न आम आदमी पार्टी (आप) के ideology पर चर्चा होनी चाहिए और इसके संस्थापकों पर चर्चा क्यों न होनी चाहिए? आप याद कीजिये अन्ना हजारे के आंदोलन को इस आंदोलन ने भारत में दो परिवर्तन किया। एक देश को प्रधानमंत्री के नरेंद्र मोदी मिले और दूसरे आम आदमी पार्टी के रूप में अरविन्द केजरीवाल जो दिल्ली में विधानसभा चुनाव लड़ा और स्पष्ट बहुमत से जीत हासिल किया और फ़िर मुख्यमंत्री चुने गए। उस दिन से आज तक के राजनीतिक सफ़र से लेकर आज तक में आप इस बार पंजाब के विधानसभा चुनाव में झंडा गाड़ दी है। अरविन्द केजरीवाल व इनके समर्थकों और अन्य लोगों ने अन्ना हजारे को गाँधी कहा, सत्याग्रही भी कहा था जब हजारे आंदोलन कर रहे थे। इनके आंदोलन के परिणाम में भारत को नरेंद्र मोदी और अरविन्द केजरीवाल जैसे नेता मिला जो आज स्पष्ट बहुमत लाने में माहिर हो चुका है। लेकिन अन्ना हजारे के नियत से पर्द...

In Punjab, government with absolute majority to conduct road-shows and rallies at government expense. #nalandafive

At present, the political situation in India has become like the weather. One who lives in one place and something else in another place and leaders are one thing while seeking votes in an election and become something else after winning the election. Recently, assembly elections have been completed in Punjab and its results have also come and the government has also been formed. But, in the meantime, you will be aware of the behavior of the winning party then the matter will become clear. This time in Punjab, the Aam Aadmi Party (AAP) has won the assembly elections. That too with a clear majority, AAP has won in Punjab. AAP has won 92 seats in the 2022 Punjab Assembly elections. In other words, this party has got a clear majority. Getting a clear majority in the election of a party is a big deal. This means that now no one can remove AAP from the power of Punjab for five years. The news from Punjab is that Aam Aadmi Party chief and Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal organized a...

"Kashmir File Film" proved to be a political gimmick. #nalandafive

The Hindi film 'The Kashmir File' proved to be a film of political maneuvering, after all why the same should not be said about this film! The film is said to be liked by 95 percent. After watching this film, the audience is standing and crying, some people are going to watch this film by chanting Jai Shri Ram. People are abusing and using unconstitutional language in the review of the film. People are saying that till date this incident has been kept hidden from us, the government has committed atrocities on Kashmiri Pandits which cannot be tolerated. People are speaking dialects like breaking brotherhood and using language like increasing social and political disputes in their film reviews. Not only this, the Prime Minister of India has also spoken about this film the news is being run in the Indian media. The Prime Minister has said in support of the film that such news is being run by the Indian media. After this incident, now Kashmir File has proved to be not a film but ...

पांच विधानसभा चुनाव में किसकी जीत और किसकी हार| #nalandafive #election ...

अभी हाल में भारत के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव सम्पन्न हुआ है जिसमें सभी राज्यों में सत्ताधारी सरकार व इनके समर्थक पार्टी की जीत हुई है। इस जीत के बहुत मायने हो सकते हैं लेकिन भारतीय मीडिया जीत का जश्न मना रही है चुनाव में हारे हुए पार्टी के नेताओं से सवाल करके। मीडिया हारे हुए पार्टी से सवाल कर रही है कि आप लोग कैसे हार गए इस पर मंथन किया जा रहा है और जीती हुए पार्टी के साथ जश्न मनाया जा रहा है। आज के भारतीय मीडिया का जीता-जगता तस्वीर यहीं हे जिसे लोगों को जरूर देखना चाहिए और इसपर विचार करनी चाहिए। इन पांच राज्यों में कांग्रेस चुनाव लड़ रही थी, जिसे इस जंग का नेता कहा जा सकता है। उतर प्रदेश से समाजवादी पार्टी चुनाव लड़ रही थी यहाँ अखिलेश यादव को नेता माना जा रहा था और पंजाब में चरनजीत सिंह चन्नी को मुख्य नेता माना जा रहा था। जनता ने इन लोगों को सरकार चलाने का मौका नहीं दिया। आख़िर क्यों नहीं दिया, जबकि ये लोग जनता की आवाज उठा रहे थे, जनता को मदद करना चाहते थे और जुल्मी सरकार से जनता को बचाना चाहते थे फ़िर भी ये लोग चुनाव हार गए। इस बात को इस रूप में समझा जा सकता है। भारत की जनता ...

आख़िर पंजाब के लोग व किसान ने एक योग्य नेता को मुख्यमंत्री क्यों नहीं चुन...

वर्ष 2014 के पहले भारत के लोग पढ़-लिखे नेता की इच्छा रखते थे। इस समय लोगों का यह मानना था कि नेता को भी पढ़ा-लिखा और मानवीय गुणों से भरपूर होना चाहिए। लोग इस मुद्दे पर घंटों चर्चा करते रहते थकते तक नहीं थे। मीडिया भी इस मुद्दा को लेकर चर्चा करती रहती। जबकि शुरुआती के समयों में भारत में पढ़े-लिखे लोगों का अभाव था और राजनीतिक में ऐसे लोगों की भागीदारी जरूरी थी उस समय लोग पढ़-लिखे नेता ख़ोज रहे थे। अब जब ये लोग पढ़-लिख कर नेता बन गए हैं तब इन नेताओं का तिरस्कार किया जा रहा है | क्यों? इसका सबसे बड़ा सबूत है पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 के परिणाम इस कांग्रेस की ओर से पंजाब के मुख्यमंत्री के उम्मीदवार चरनजीत सिंह चन्नी थे। ये पंजाब विश्वविद्यालय से एलएलबी और एमबीए की उच्चस्तरीय शिक्षा ग्रहण किये हैं। इतना हीं नहीं करीब 200 दिनों तक पंजाब के मुख्यमंत्री भी रहे औऱ इस दरम्यान इन्होंने जो राजनीतिक फैसला लिये उनमें इनके सभी फैसला लोकतान्त्रिक, आम लोगों के हीत और किसानों के ध्यान में रखकर लिया गया फैसला रहा। इनका एक भी फैसला ऐसा नहीं रहा जिसे गलत माना जाय। इतना हीं नहीं जब पंजाब के किसान कृषि कानून को ...

नरेंद्र मोदी चुनाव ऐसे जीतते हैं #nalandafive #shailendrakumar #EVM #in...

भारत के लोग को जानकारी हो जानी चाहिए कि नरेंद्र मोदी चुनाव ऐसे भी जीतते हैं, विश्व के लोकतान्त्रिक देशों को भी ये जान लेना चाहिए कि नरेंद्र मोदी भारत में लोकतंत्र के चुनावी खेल ऐसे खेलते हैं और लोकतंत्र की रक्षा ऐसे कर रहें हैं| बहुत चिंताजनक बात है कि भारत में दिनदहाड़े एवीएम और मत-पत्र को चुनाव के बाद हेराफेरी किया जा रहा है और इसके बाद भी भारतीय मीडिया लोगों को ये बता रही है कि चुनाव नरेंद्र मोदी की टीम हीं जीत रही है | क्यों? अभी भारत के उतर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव समाप्त हुआ है और 10 मार्च से गिनती होनी है उससे पहले आजमगढ़ में 10,000 सादा बैलेट पेपर पकड़ा जाना, लाईट बंद करके स्ट्रांग रूम के अन्दर अवैध तरीके से गाड़ी का जाना, SDM की गाड़ी में 11900 मत-पत्र का पकड़ा जाना, वनारस में बीजेपी के लोग गाड़ी भर के EVM लेकर जाते हुए को पकड़ा जाना, EVM से भरा ट्रक और कूड़े की गाड़ी में एवीएम और बैलेट पेपर तीन बक्से में मिलना ये संकेत करता है कि उतर प्रदेश में चुनाव जीतने के लिए अवैधानिक कार्य किये जा रहें हैं | वर्तमान समय में केन्द्र में बीजेपी की सरकार है और चुनाव से पहले तक उतर प्रदेश में ...

उक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों के दो तत्कालिन कारण #ukrain #india #nalanda five...

वर्तमान समय में भारत के हजारों छात्र उक्रेन में फंसे हुए हैं। और इसमें करीब दो छात्रों की मृत्यु होने की खबर है। इतना हीं नहीं अभी तक स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हम यह खबर आपको ट्विटर पर पोस्ट के आधार पर बता रहें हैं। सोशल मीडिया पर उक्रेन में फंसे छात्र अपने स्थिति को पोस्ट कर रहें हैं उससे पता चलता है कि उक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों व नागरिकों की स्थिति ठीक नहीं है। इसपर भारत सरकार को कोई ठोस राजीनीतिक निर्णय लेने की आवश्यकता है, भारत सरकार को ठोस कदम उठाने की नितांत आवश्यकता है ताकि छात्रों को सुरक्षित सुनिश्चित किया जा सके। लेकिन भारत सरकार के वर्तमान रवैये से ये कहना भ्रम होगा कि सरकार किसी प्रकार का ठोस कदम उठानेवाली है। जबकि सरकार ठोस कदम उठाकर फंसे नागरिकों को सुरक्षित भारत ला सकती है, लेकिन भारत की सरकार ऐसा करना नहीं चाहती सरकार के नीयत साफ नहीं लगती। आज हजारों भारतीय छात्र उक्रेन में फंसे है जिसका दो तत्कालिन कारण हो सकते हैं: इसको इस रूप में समझा जा सकता है। आज हजारों भारतीय छात्र उक्रेन में फंसे है जिसका दो तत्कालिन कारण हो सकते हैं। पहला, पूरी दुनिया को एक फरवर...

भुखमरी के बाद सस्टेनेबल डेवलपमेंट में भी अपने पड़ोसी देशों से पिछड़ा भारत #india #nalandafive #hungerindex...

भारत अपने पड़ोसी देशों से विश्व हंगर इंडेक्स में पिछड़ गया था। नेपाल, भूटान और पाकिस्तान जैसे प्राकृतिक रूप से संकटग्रस्त देश ने भी भारत को पिछे कर दिया। भारत के लिए बड़ी शर्म की बात है कि भारत विश्व का उपजाऊ मिट्टी का देश होने के बावजूद भी संकटग्रस्त देशो से भी भूखा साबित हुआ है जिससे भारत सरकार को सचेत होना चाहिए इतना हीं नहीं भारत सस्टेनेबल डेवलपमेंट रिपोर्ट -2021 में भी अपने पड़ोसी देशों से पिछे हो गया है| सिर्फ पाकिस्तान की स्थिति भारत से ख़राब है इसके नाम पर सत्ताधारी सरकार वोट मांग सकते हैं। विश्व के 190 देशों के इस रिपोर्ट में भारत का स्थान 120 वां प्राप्त हुआ है और भारत ने इसमें 60.1 स्कोर किया है। वहीं पाकिस्तान का 129 वां स्थान प्राप्त हुआ और इसने 57.7 स्कोर किया है। लेकिन पिछले आंकड़े के अनुसार पाकिस्तान की स्थिति वैसे हीं कायम है, जबकि भारत की स्थिति ख़राब हो गई है। पिछले आंकड़े के अनुसार भारत तीन पायदान फिसल कर नीचे हो गया है और पाकिस्तान अपने स्थिति को बनाये रखने में कायम रहा है। इस हिसाब से भारत ऐसा देश में शामिल हो जाता है जिसकी स्थिति पाकिस्तान से ख़राब है। भारत के पड़ोसी द...