Skip to main content

आम आदमी पार्टी किस Ideology पर चल रही है #nalandafive #shailendrakumar #aap




आम आदमी पार्टी अभी हाल के पंजाब विधानसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत लाकर ये सिद्ध कर दिया है कि यह पार्टी भारत के एक मजबूत पार्टी की ओर कदम बढ़ा दिया है। इसके बाद ये भी साफ हो जाता है कि अब इस पार्टी के ideology पर चर्चा होनी चाहिए। आख़िर क्यों न आम आदमी पार्टी (आप) के ideology पर चर्चा होनी चाहिए और इसके संस्थापकों पर चर्चा क्यों न होनी चाहिए?


आप याद कीजिये अन्ना हजारे के आंदोलन को इस आंदोलन ने भारत में दो परिवर्तन किया। एक देश को प्रधानमंत्री के नरेंद्र मोदी मिले और दूसरे आम आदमी पार्टी के रूप में अरविन्द केजरीवाल जो दिल्ली में विधानसभा चुनाव लड़ा और स्पष्ट बहुमत से जीत हासिल किया और फ़िर मुख्यमंत्री चुने गए। उस दिन से आज तक के राजनीतिक सफ़र से लेकर आज तक में आप इस बार पंजाब के विधानसभा चुनाव में झंडा गाड़ दी है।


अरविन्द केजरीवाल व इनके समर्थकों और अन्य लोगों ने अन्ना हजारे को गाँधी कहा, सत्याग्रही भी कहा था जब हजारे आंदोलन कर रहे थे। इनके आंदोलन के परिणाम में भारत को नरेंद्र मोदी और अरविन्द केजरीवाल जैसे नेता मिला जो आज स्पष्ट बहुमत लाने में माहिर हो चुका है। लेकिन अन्ना हजारे के नियत से पर्दा उस समय खत्म हो गया जब पंजाब के किसान भारत की राजधानी दिल्ली के पास आंदोलन किये तथा जिसमें करीब 700 किसान सरकार के अत्याचार में मारे गए, अन्ना ने किसान के आंदोलन को देखने तक नहीं आया जो ये सिद्ध नहीं करता कि अन्ना हजारे ने आंदोलन के माध्यम से भारत के लोगों को ठगा है ?


अन्ना हजारे और अरविन्द केजरीवाल अपने आंदोलन के समय भारत के लोगों को बताया था कि भारत के नेता पर अपराधिक मामले हैं, नेता करोड़पति होते जा रहे हैं और जनता गरीब। नेता सरकारी पैसा को अपनी प्रोपर्टी समझकर अपने फायदे के लिए इस्तमाल कर रहें हैं। देश में भ्रष्टाचार का भरमार हो गया है, कोई नेता नहीं है जो आम आदमी के बारे में सोचता हो और काम करता हो आदि  जैसे मुद्दा का माहौल बनाकर आम आदमी पार्टी की स्थापना किया और चुनाव जीते।


वर्तमान समय में अन्ना हजारे और अरविन्द केजरीवाल की पार्टी दो राज्यों में स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता चला रही है। उसमें दिल्ली सरकार में आप के 73 प्रतिशत विधायक करोड़पति है और पंजाब में 69 प्रतिशत विधायक करोड़पति है।पंजाब इलेक्शन वाच और ADR के अनुसार पंजाब के इस विधानसभा चुनाव के 117 विधायक में 58 विधायक अपराधिक मामले के अभियुक्त हैं और इन 58 विधायक में 52 विधायक अरविन्द केजरीवाल के (आप) के हैं। 


जिस समय अरविन्द केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे उस समय इनपर आरोप लगा था कि केजरीवाल ने सरकारी पैसा का प्रयोग आम जनता के विकास में न करके बल्कि अपने पार्टी के प्रचार-प्रसार में खर्च किया जबकि उस समय लोग विश्वास नहीं कर रहे थे लेकिन अभी पंजाब में पंजाब सरकार के सरकारी खजाने से करीब दो करोड़ रूपया पंजाब में अपनी पार्टी के आयोजन में खर्च कर दिया है इसको किस रूप में भारत के लोगों को देखा जाना चाहिए।

Comments

Popular posts from this blog

एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात का ख्याल अवश्य रखना चाहिए।

एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए, यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात  का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए। यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इन बातों का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। हम कोई भी काम करते हैं उसकी योजना अवश्य तैयार करते हैं। एक छोटा सा छोटा काम के लिए भी हम योजना बनाते हैं। हलांकि छोटे कामों के लिए बनाये गए योजना हमारा दिमाग को पता नहीं चलता। हमारे दिमाग को इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसपर कभी आपने सोचा है कि आख़िर ऐसा क्यों होता है ? इसकी वजह को हमे जानने का प्रयास अवश्य करनी चाहिए। ऐसे तो इसके अनेकों वजह हो सकते हैं और इसके मनोवैज्ञानिक कारण भी कई हो सकते हैं, लेकिन हमे इन भारी वजहों को छोड़कर एक सरल वजह की तलाश करने की जरूरत है। मेरे अनुसार सरल स्वभाव से इसका एक वजह यह भी हो सकता है कि हमारा दिमाग इन छोटे-छोटे कामों को पहले कई बार कर चुका होता है। यूं कहें इस काम को मेरा दिमाग पूर्ण रूप से अभ्यस्त हो गया होता है। इसलिए हमारा दिमाग को इस छोटा काम को पूरा करने में किसी प्रकार की परेश...

एक कप चाय, मिट्टी वाली में - चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर भी नहीं वो कैसे !

एक कप चाय से याद आया कि मिट्टी के बर्तन वाली चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर एक प्रेमी को अपने प्रेमिका या एक प्रेमिका को अपने प्रेमी से मिलने में भी नहीं होगा! लेकिन वो मजा इस चाय पीने में आपको मिलेगा।  आप महिला हों या पुरुष यदि आप अपने जीवन में, प्रेम में प्रवाहित होने के आनंद से वंचित रह गाएं हैं तो हमारी मानिये एक बार इस चाय के प्रेम में बह जाइये, डूब जाइये और इसके गर्माहट में गोते लगा लीजिये! इसके मंद-मंद सुगंध में अपने नाक के दोनों सुराग को झोंक दीजिये। लेकिन एक बात का ख्याल रखियेगा,   इस चाय को पीने में कभी जल्दीबाजी नहीं कीजियेगा। नहीं तो, आपका जीभ आपसे नाराज हो जायेगा। बेमतलब के आप बेचारा स्वभाव से कोमल जीभ को रुखा कर दीजियेगा। यदि आपको विश्वास नहीं होता, तो एक बार मिट्टी वाला चुक्का में परोसी गई चाय को अपने होंठ से लगाकर और चाय को जीभ पर गिराकर तो देखिये! जैसे हीं, यह चाय आपके जीभ को स्पर्श करेगी वैसे हीं आप स्वयं इसके स्वाद से परिचित हो जाएंगें। हमारी मानिये तो आज हीं आप नुक्कड़ वाली एक कप चाय का मज़ा ले लीजिये। भारत आधुनीकता की ओर कदम बढ़ा च...

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।।

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।। राहुल गांधी ने संसद में जिस 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल या संदर्भ का जिक्र किया, वह सीधा हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की कार्यशैली पर था। गांधी ने सदन में एक पुरानी फाइल या रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह तर्क देने की कोशिश की कि सरकार कुछ खास उद्योगपतियों (अडानी-अंबानी) को फायदा पहुँचाने के लिए नियमों में बदलाव करती है। उन्होंने 'एल्फिंस्टन' नाम का जिक्र उन ऐतिहासिक नियमों या व्यवस्थाओं के संदर्भ में किया जो मुंबई के बंदरगाहों या रेलवे के बुनियादी ढांचे से जुड़ी थीं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरते हुए निम्नलिखित बातें कहीं: ​नियमों में बदलाव: उनका आरोप था कि सरकार ने पुराने नियमों (जिनका उन्होंने एल्फिंस्टन संदर्भ से जोड़ा) को दरकिनार कर दिया ताकि एयरपोर्ट्स और पोर्ट्स का नियंत्रण कुछ विशेष व्यापारिक समूहों को दिया जा सके। ​अडाणी समूह का जिक्र: उन्होंने दावा किया कि पहले नियम था कि जिसे एयरपोर्ट संचालन का अनुभव नहीं है, उसे टेंडर नहीं म...