भारत के लोकतंत्र का नायक विपक्षी नेता राहुल गांधी ने ऐसा क्या कहा- कि उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई। हालाँकि , राहुल गांधी की सदस्यता रद्द होना को कानूनी कार्रवाई से ज्यादा , एक राजनीतिक कार्रवाई बताया जा रहा है , जो नरेंद्र मोदी व इनके सहयोगियों के द्वारा रची गई साजिश का परिणाम है। इसका मूल कारण ये बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने गौतम अडानी के द्वारा किया गया विश्व का सबसे बड़ा घोटाला के विरोध में आवाज उठाने शुरू कर दिया था। भारत की राजनीति में चर्चा ये है कि यदि राहुल गांधी , गौतम अडानी महा-घोटाला मामला के साथ नरेंद्र मोदी का नाम जोड़ दिये , जिसके कारण हीं राहुल गांधी पर कानूनी कार्रवाई हो गई। यदि वह इस घोटाला के साथ नरेंद्र मादी का नाम नहीं जोड़ते , तो शायद राहुल गांधी के ऊपर इतनी बड़ी कार्रवाई नहीं होती। इनकी सदस्यता नहीं जाती। क्योंकि गांधी का जिस मुकदमा में सजा हुआ है , वो मुकदमा वर्ष 2019 में स्टे ले लिया गया था। अब यहाँ बताना जरूरी हो जाता है कि आखि़र राहुल गांधी ने क्या कहा था कि कोर्ट ने उन्हे दो साल की सजा सुना दी है। राहुल गांधी कर्नाटक के कोलार में भारी जनसमूह को ...