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Showing posts from July, 2023

मणिपुर हिंसा के सवाल पर पीएम मोदी भागते-भागते फिर रहे हैं, क्यों!

मणिपुर हिंसा के सवाल पर पीएम मोदी भागते-भागते फिर रहे हैं, क्यों!   मणिपुर हिंसा के सवाल पर पीएम मोदी भागते-भागते फिर रहे हैं- कभी अमेरिका जाते हैं, कभी समारोह में चले जाते हैं और कभी चुनाव में चुनाव के प्रचार प्रसार में, कभी उद्घाटन में तो कभी मीडिया को बेतूका का बयान दे देते हैं। लेकिन, पीएम मोदी मणिपुर हिंसा पर बात नहीं करते। अब ब्रिटेन के संसद में मणिपुर हिंसा पर चर्चा हो गई, जहाँ के प्रधानमंत्री भारतीय मूल के वंशज हैं। मणिपुर के राज्यपाल स्वयं कह रही हैं कि मणिपुर में हिंसा जिस प्रकार की हिंसा हुई है, वैसे हिंसा मैंने जिंदगी में नहीं देखी। यहां के हालात ठीक नहीं है, बहुत दुखद है। मैं सेंट्रल सरकार को इसकी सूचना दे दी हूं और मीडिया को भी बता दी हूं। छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम देव ने कहा है कि अगर पीएम मोदी मणिपुर की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते हैं, तो गृहमंत्री अमित शाह को प्रधानमंत्री बना देना चाहिए। मणिपुर के मुख्यमंत्री जो बीजेपी के ही हैं, एम वीरेंद्र सिंह ने कहा कि अगर केंद्रीय नेतृत्व बोलेगी तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। अब दिल्ली में बैठे पीएम नरेंद्र मोदी और इनके मो...

इंडिया अलायंस नेता संजय सिंह सदन से बरख़ास्त हुए। मणिपुर हिंसा पर सदन में बोल रहे थे।

इंडिया अलायंस नेता संजय सिंह सदन से बरख़ास्त हुए। मणिपुर हिंसा पर सदन में बोल रहे थे। मणिपुर हिंसा पर सदन में सवाल करने पर संजय सिंह को सदन से बाहर कर दिया गया है इन्हें सदन से बरख़ास्त कर दिया गया है। वह इस पूरे सत्र सदन से बाहर रहेंगे। संजय सिंह विपक्ष एलाइंस इंडिया और आम आदमी पार्टी के कर्मठ नेता हैं। वह देश के जरूरी मुद्दों पर बे-धङक बोलने के लिए भारत में जाने जाते हैं। वह ऐसे नेता हैं, जो देश हीत के लिए बोलने से कभी और किसी से नहीं डरते। इंडिया एलाइंस नेता अक्सर बोलते हैं कि हम देश के जरूरी मुद्दों पर बोलेंगे- मोदी जी चाहे तो हमें जेल में डाल सकते हैं। इस बार, मणिपुर जहां हिंसा और दंगा-फसाद का नंगा नाच चल रहा है, जिसमें करीब 150 लोग मारे गए, 5000 घर जला दिए गए, 100 चर्चों को डिस्ट्रॉय कर दिया गया है और 60000 लोग घर-बार छोड़कर सरकारी तंबू में रहने को मजबूर हैं। मणिपुर में बीजेपी की सरकार है, फिर भी यह हालात है और इसके बावजूद हिंसा मणिपुर में चर्म सीमा पर जारी है। मणिपुर भारत के लिए ही नहीं बल्कि विश्व समुदाय के लिए संसद में चर्चा का विषय बन चुका है। मणिपुर पर संजय सिंह ...

“मणिपुर हिंसा व्यवस्थित और पूर्व सुनियोजित करके किया गया हिंसा है- फिओना ब्रूसे”

“ मणिपुर हिंसा व्यवस्थित और पूर्व सुनियोजित करके किया गया हिंसा है - फिओना ब्रूसे ” मणिपुर हिंसा पूर्वसंयोजित हिंसा- ब्रिटेन संसद। फिओना ब्रूसे भारत के पूर्व में स्थित मणिपुर हिंसा से पीड़ित राज्य अपने ही संसद भवन में चर्चा होने को लेकर संघर्ष कर रहा है। मणिपुर हिंसा को संसद में चर्चा करने के लिए विपक्ष एलाइंस इंडिया को आंदोलन करने पङ रहे हैं, 10:00 बजे रात्रि तक आंदोलन करने पङ रहे हैं और सत्तापक्ष नेताओं के अपशब्द सुनने पङ रहे हैं। इसके बावजूद भी मणिपुर हिंसा पर चर्चा होगी की नहीं कहना कठीन लगता है, लेकिन मणिपुर हिंसा की चर्चा भारत के सांसद में भले ही न हो, भारत के पीएम मणिपुर हिंसा की चर्चा सांसद में करना जरूरी नहीं समझते हों, लेकिन ब्रिटेन के संसद में मणिपुर हिंसा पर चर्चा हुई। ब्रिटेन पीएम के द्वारा मणिपुर हिंसा पर चर्चा की अनुमति दिए जान की खबर है। खबर यह है कि ब्रिटेन संसद में प्रधानमंत्री के चहेते सांसद द्वारा मणिपुर हिंसा पर चर्चा की गई है। सांसद फिओना ब्रूसे ने खड़े होकर ब्रिटेन को बताएं कि भारत की मणिपुर बहुत बड़े हिंसा का शिकार हुआ है। 100 लोगों को मार दिया गया ह...

मणिपुर हिंसा।पीएम के प्रेस वार्ता से नहीं माने। INDIA एलायंस सदन में चर्चा की माँग की।।

पीएम मोदी मणिपुर हिंसा पर बोले। प्रेस का बयान दिया। मोदी जी मुख्य रूप से एक वाक्य बोले हैं।

मणिपुर हिंसा प्राकृतिक से भी बङी त्रासदी। महिला यौन हिंसा की शुरूआत।

बंगलूरू एलायंस मीटिंग में राहुल शांत थे, लेकिन मोदी को उखाड़ फेंकने के फूल मूड में थे।

बंगलूरू एलायंस मीटिंग में राहुल शांत थे, लेकिन मोदी को उखाड़ फेंकने के फूल मूड में थे। देश की आवाज को दबाया और कूचला जा रहा है- राहुल गांधी। कांग्रेस I.N.D.I.A   “ यह लड़ाई अपोजिशन और बीजेपी के बीच नहीं है बल्कि यह लड़ाई देश की आवाज को दबाया और उछाल जा रहा है उसके लिए कहना है भारत लीडर राहुल गांधी जी का ”   ‘इंडिया’ एलायंस गठन के बाद भारत लीडर राहुल गांधी ने कहा, “ लड़ाई एनडीए और इंडिया के बीच में है। नरेंद्र मोदी जी और इंडिया के बीच में है। नरेंद्र मोदी के विचारधारा और इंडिया के बीच में लड़ाई है। ” उन्होंने आगे कहा कि जब भी कोई हिंदुस्तान के सामने खड़ा होता है तो इंडिया उसके सामने खड़ा होता है और जीत इंडिया की होती है। राहुल गांधी ने बेंगलुरु मीटिंग में कहा कि ये हमारी एलायंस की दूसरी मीटिंग है, इसके बाद महाराष्ट्र में मीटिंग होगी और हम सभी के निर्णय अनुसार अब हम लोग एक एक्शन प्लेन तैयार करेंगे, जहां हम एक साथ मिलकर देश में हमारी विचारधारा के बारे में और जो हम देश के लिए जो करने जा रहे हैं, उसके बारे में जनता को बताएंगे। जनता के बीच बोलेंगे। भारत लीडर राहुल गांध...

मणिपुर को हिंसा से अब कौन बचाएगा, क्या मणिपुर भी गुजरात हो जायेगा!

डर इस बात की है कि कहीं मणिपुर भी गुजरात ना हो जाये! मणिपुर को हिंसा से अब कौन बचाएगा,  कहीं मणिपुर भी गुजरात ना हो जाये! पीएम मोदी मणिपुर को जातिय हिंसा के आग में जलने के लिए क्यों छोङ दिये? आज का बङा सवाल आज मणिपुर हिंसा के आग में जल रहा है। जातीय संघर्ष से शुरू हुआ इस हिंसा में लगभग 5000 घर जलकर रख हो चुके हैं। अनेकों गाड़ियाँ जलकर रख हो गई हैं। सरकारी और आम लोगों की संपत्ति को आग के हवाले कर दिया गया है। आम लोगों की संपत्ति को दंगाई लोग कभी भी आग के हवाले कर सकते हैं, मणिपुर के ये वर्तमान स्थिति है। मणिपुर के इस हिंसा में करीब 150 लोगों को मारे जान की भी खबर है, से लोग तबाह हो गए हैं और भयभित भी हैं। मणिपुर के लोग अपना गाँव घर छोड़कर शहर या दूसरे जगह भाग निकले हैं। गांव-के- गांव खाली हो चुके हैं। कुछ जंगल को भाग रहे हैं। बच्चे, बूढ़े, नौजवान और महिलाएं आदि सभी लोग गाँव छोड़ चुके हैं। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार करीब मणिपुर के साठ हजार लोग अपना घर छोङकर सरकारी तंबू में र रहे हैं। मणिपुरी लोग सरकारी तंबू में रहने को मजबूर है, ये मणिपुर की स्थिति है।   मणिपुर महामहिम र...

पीएम मोदी मणिपुर को जातिय हिंसा के आग में जलने के लिए क्यों छोङ दिये? आज का बङा सवाल।

पीएम मोदी मणिपुर को जातिय हिंसा के आग में जलने के लिए क्यों छोङ दिये? आज का बङा सवाल। प्रधानमंत्री ने संसद भवन में जवाब नहीं दिए- राहुल गाँधी आज के भारत में सिर्फ मणिपुर में हिंसा की बात हो रही। इसको लेकर लोग खूब चर्चा कर रहें हैं। आख़िर यह कैसे और क्यों हुआ कि लोग देश के अन्य समस्याओं को भूलकर सिर्फ मणिपुर के बारे में चर्चा करने पर आमदा हैं। आज के भारत के लिए यह बहुत बङा और जरूरी सवाल है। इसपर सोचने कि जरूरत है। कहीं ऐसा न हो, इसके आङ में देश का बङा नुकसान कर दिया जाय। सोचनेवाली बात यह है कि पिछले दो माह से मणिपुर हिंसा से ग्रस्त है, यहाँ सेना का भी तैनात कर दिया गया है, इसके बावजूद हिंसा थमने का नाम नहीं ले रहा। भारत के गृहमंत्री भी मणिपुर गये, लेकिन दंगा पर कोई असर नहीं हुआ। गृहमंत्री को मणिपुर से लौटने के बाद ख़बर ये आयी की मणिपुर में हिंसा और बढ़ गया। गृहमंत्री के जाने के बाद राज्य में शांति स्थापित नहीं हुई, तो इसके बाद केन्द्र सरकार को और उपाय करने कि जऱूरत थी। इसके बाद भारत के प्रधानमंत्री को मणिपुर जाकर समस्या को समझकर बङे अधिकारी के साथ दूसरा उपाय करने थे। लेकिन, भारत...

मणिपुर में सैंकङो युवकों ने दो युवती को नंगे करके सङक पर घुमाया।

मणिपुर में दो युवती को नंगे करके सैंकङो युवको ने सङक पर घुमाने मामला सामने आया। उतरपूर्वी भारत में स्थित मणिपुर राज्य जातिय हिंसा से आगे निकल चुका है। यह राज्य अब ‘महिला यौन हिंसा’ की ओर कदम बढ़ा दिया है। सोचनेवाली बात ये है कि राज्य सरकार और केन्द्र सरकार को इस मामला में कोई ख़बर हीं नहीं है। मणिपुर राज्य सरकार और भारत केन्द्र सरकार को उस समय मालूम हुआ है, जब दुनियाँ के लोगों को पता चला कि मणिपुर में ‘यौन हिंसा’ की शुरूआत हो चुकी है। लोगों को एक वीडियो के वायरल होने से पता चला कि मणिपुर यौन हिंसा का शिकार हो चुका है। मणिपुर का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें सैंकङों की संख्या में युवक दो युवती को नंगे करके इनके नंगे शरीर के साथ खेलते हुए, उन्हे नोचते हुए जंगल ले जा रहें हैं। वीडियो बीते कल वायरल हुआ तब लोगों को पता चला और फिर मणिपुर राज्य सरकार को पता चला। वायरल वीडियो का सरकारी छानबिन से पता चला कि यह घटना मई माह का है, जो 20 जुलाई को वायरल हुआ है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मणिपुर में इंटरनेट सेवा बंद कर दिया गया है। मणिपुर मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब दो माह पहले से हीं मणिपुर ...

जब नेहरूजी की माँ पर पुलिस ने लाठियाँ बरसा दी और नेहरू जी जेल में कैद थे।

जब नेहरूजी की माँ पर पुलिस ने लाठियाँ बरसा दी और नेहरू जी जेल में कैद थे। इतिहास के पऩ्ना से नेहरूजी की कहानी, जब उनकी माँ पर पुलिस ने लाठियाँ बरसा दी और नेहरू जी जेल में कैद थे लेकिन वह भयभीत नहीं हुए और जेल से हीं कहा, “ यदि मैं जेल से बाहर होते तो शायद अहिंसा का पालन नहीं कर पाते। ”   नेहरूजी के दूसरा संतान बेटा पैदा लेते हीं, पत्नि कमला नेहरू की तबियत बहुत ख़राब हो गई 8 अप्रैल 1932 देश भर में 1919 की भयावह घटनाओं की स्मृति में मनाए जा रहे कांग्रेस सप्ताह का दूसरा दिन था। इलाहाबाद में विशाल जुलूस निकला तो वयोवृद्ध स्वरूपरानी नेहरूजी सबसे अग्रिम पंक्ति में थीं।   जुलूस को पुलिस ने रोका। स्वरूप रानी जी सड़क के बीच में बैठ गईं। पुलिस की लाठियाँ चलीं तो माताजी को भी नहीं बख्शा गया। उनके सिर पर गंभीर चोट आई और वह अचेत होकर गिर पड़ीं। शहर में शोर मच गया कि माताजी नहीं रहीं। हालाँकि वह स्वस्थ हो गईं और पूरे उत्साह से आंदोलन में लगी रहीं लेकिन इस चोट ने उनके स्वास्थ्य पर गहरा असर किया।   जवाहरलाल नेहरूजी उस समय बरेली की जेल में थे ; इस समाचार ने उन्हें क्रोध ...

‘आग लगा देंगे पूरे बिहार में, जान लीजिए’ बीजेपी एमएलसी के इस इरादा को बिहार पुलिस नाकाम कर दी।।

‘आग लगा देंगे पूरे बिहार में, जान लीजिए’ बीजेपी एमएलसी के इस इरादा को बिहार पुलिस नाकाम कर दी।। बीजेपी एमएलसी नेता ने बयान दिया ‘आग लगा देंगे पूरे बिहार में , जान लीजिए।’ बीजेपी नेता का यह बयान उस दिन का है, जिस दिन बिहार की राजधानी पटना में ये लोग सभा करने के लिए पटना के गांधी मैदान में जमा हुए। और इसके थोङे देर में हीं बीजेपी के शीर्ष नेता भीङ को गांधी मैदान- से सङक पर ले आये। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) बिहार से सत्ता जाने पर एक दम से बौखला गई है , या केन्द्र सरकार में पीएम मोदी जो बिहार के नेताओं पर ईडी आदि से छापे मरवा कर विरोधी नेताओं को डरा रखे हैं के बल पर बिहार में आग लगा देंगे का बयान दिया। जबकि, बिहार पुलिस का कहना है कि इस दिन जिस पार्टी को गांधी मैदान में सभा करने की अनुमति दी गई थी, उस पार्टी को सिर्फ गांधी मैदान में हीं सभा करने की अनुमति थी। और किसी दूसरे जगह जुलूस या रैली निकालने की अनुमति नहीं दी गई थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, बीजेपी के लोगों ने गांधी मैदान- से विधान सभा तक जुलूस व रैली निकालने का काम किया। ये सिद्द करने या बिहार के लोगों को समझने के लिए काफी है,...

बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान से डाक बंगला चौराहा तक बीजेपी के जुलूस का सच।

बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान से डाक बंगला चौराहा तक बीजेपी के जुलूस की धुलाई का सच। 13 जुलाई के दिन बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान से डाक बंगला चौराहा तक बीजेपी रौद्र रूप धारण कर ली, जिसमें बीजेपी के कार्यकर्तों पर लाठी चार्ज और इनके एक कार्य कर्ता की जान जाने की घटना पर बिहार में राजनीतिक गरम हो गई है। पहला तर्क- बीजेपी के लोग बिहार सरकार के नई शिक्षा नियमावली और डोमिसाईल पालिसी के विरोध में पटना के गांधी मैदान में सभा करने के लिए जमा हुए थे। डोमिसाईल शिक्षा पालिसी बिहार के ग़रीब लोगों और सरकारी स्कूलों पर निर्भर बच्चों के लिए वरदान साबित होनेवाली शिक्षा पालिसी है, फिर बीजेपी द्वारा इस शिक्षा नीति के विरोध में गांधी मैदान में सभा का आयोजन करने का उद्देश्य क्या हो सकते हैं! दूसरा तर्क- बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने बताया कि हमलोग शांति ढंग से गांधी मैदान से विधान सभा तक मार्च निकालने रहे थे, जिसे बिहार पुलिस ने लाठी-डंडों से हमारे कार्यकर्ताओं को पीटा और विधान सभा तक जाने नहीं दिया गया और इसमें हमारे एक कार्यकर्ता की मौत भी हो गई। इसपर बिहार पुलिस का कहना है कि 1...

Times Now woman journalist had to face severe humiliation by BJP MP Brij Bhushan Sharan.

The woman journalist had to face severe humiliation by BJP MP Brij Bhushan Sharan. BJP people don't even forgive women journalists, don't take care of anyone, these people give an introduction of magnanimity with anyone, in this case it seems a sin to abstain from these people. Times woman journalist questioned BJP MP Brij Bhushan, so this person became like a madman and became enraged at the journalist itself. However, the reporter didn't panic and kept asking questions, but things took a turn for the worse. Gradually the matter got so bad that BJP MP Brij Bhushan Sharan Singh ran like a stray dog to bite the female journalist and finally bit her. If she didn't defend herself in time, her hands could have been broken. Times journalist asked BJP MP Brij Bhushan whether you are resigning now? On this, the BJP MP went mad with anger and said furiously at the journalist, 'Why should we resign, why should we resign, what have I done that we should resign? We w...