Skip to main content

महँगाई को लेकर महिला कांग्रेस प्रदर्शनकारियों पर बरबर हुई भाजपा मुख्यालय पुलिस । लोकतंत्र का हनन।

महँगाई को लेकर  महिला कांग्रेस  प्रदर्शनकारियों पर भाजपा मुख्यालय पुलिस बरबर हुई। लोकतंत्र का हनन।

जब हर चीज़ की क़ीमत बढ़ती जा रही है तब महंगाई पर काबू पाने का दावा वाकई हास्यास्पद है। आज महिला कांग्रेस ने भाजपा मुख्यालय के सामने खाद्य पदार्थों की बढ़ी कीमतों को लेकर प्रदर्शन किया।अडानी लूटपाट नीति के खिलाफ कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन


इससे सरकार की पुलिस बौखला गई और ...


भारत की रीजधानी दिल्ली में देश में बढ़ती महंगाई को लेकर महिलाएं प्रदर्शन कर रही थीं। इसी दरम्यान दिल्ली पुलिस के एक इंसपेक्टर ने आंदोलन कर रहें महिलाओं के साथ मारपीट करने की घटना सामने आई है।


सवाल सरकार पर खङे हो रहे हैं कि एक इंसपेक्टर महिला आंदोलनकारी के साथ ऐसा व्यवहार कैसे कर सकता है? आखिर यह कैसे हुआ कि एक इंसपेक्टर आंदोलन को समाप्त करने पर आमदा हो गया। इस थप्पड़बाज इंस्पेक्टर को चारों ओर शिकायत हो रही है।


इस घटना को लेकर लोगों ने ऐसे राय दी हैं:


वाह रे! बीजेपी जंगल राज की सच्चाई सामने आई। मोदी जी आपको लाज लगती है, तो महंगाई काहे किये हो। एक दम, बेशर्मी कि हद है। पुलिस लगाके लात घुसा चलवाओगे? बाह रे, बिजेपी का जंगल राज।


दम है तो महंगाई कम करो। हम लोग का मुंह बंद करोंगे, कब तक करेगे ? कान खोल के सुन लो मोदी, ये तेरा अत्याचार ठीक नही होगा। सरकार जाने वाली है। इतनी जुल्म ठीक नही। महँगाई के विरोध मे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी  के अध्यक्ष घोषणा करें कि सभी राज्य मे धरना देने की।


कांग्रेस महँगाई को लेकर सरकार को राय दी है। कांग्रेस ने सरकार को बताया कि देश में लोग महँगाई से त्रस्त हैं, सरकार चाहे तो एक्साइज ड्यूटी कम कर जनता को बड़ी राहत दे सकती है। इससे डीजल का दाम घटेगा तो सब्जियां और जरूरी चीजें भी सस्ती होंगी।

 

कांग्रेस लीडर सुप्रिया श्रीनेत का कहना है कि कुछ नहीं, तो कांग्रेस की सरकारों से सीख ले मोदी की सरकार। देश में लोग महँगाई से त्रस्त हैं, लेकिन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। सरकार चाहे तो एक्साइज ड्यूटी कम कर जनता को बड़ी राहत दे सकती है।

 

डीजल का दाम घटेगा तो यातायात की लागत घटेगी, सब्जियां और जरूरी चीजें सस्ती होंगी। महंगाई से आम लोगों का हाल बेहाल है और मोदी सरकार महंगाई पर काबू पाने का दावा कर रही है।

Comments

Popular posts from this blog

एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात का ख्याल अवश्य रखना चाहिए।

एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए, यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात  का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए। यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इन बातों का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। हम कोई भी काम करते हैं उसकी योजना अवश्य तैयार करते हैं। एक छोटा सा छोटा काम के लिए भी हम योजना बनाते हैं। हलांकि छोटे कामों के लिए बनाये गए योजना हमारा दिमाग को पता नहीं चलता। हमारे दिमाग को इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसपर कभी आपने सोचा है कि आख़िर ऐसा क्यों होता है ? इसकी वजह को हमे जानने का प्रयास अवश्य करनी चाहिए। ऐसे तो इसके अनेकों वजह हो सकते हैं और इसके मनोवैज्ञानिक कारण भी कई हो सकते हैं, लेकिन हमे इन भारी वजहों को छोड़कर एक सरल वजह की तलाश करने की जरूरत है। मेरे अनुसार सरल स्वभाव से इसका एक वजह यह भी हो सकता है कि हमारा दिमाग इन छोटे-छोटे कामों को पहले कई बार कर चुका होता है। यूं कहें इस काम को मेरा दिमाग पूर्ण रूप से अभ्यस्त हो गया होता है। इसलिए हमारा दिमाग को इस छोटा काम को पूरा करने में किसी प्रकार की परेश...

एक कप चाय, मिट्टी वाली में - चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर भी नहीं वो कैसे !

एक कप चाय से याद आया कि मिट्टी के बर्तन वाली चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर एक प्रेमी को अपने प्रेमिका या एक प्रेमिका को अपने प्रेमी से मिलने में भी नहीं होगा! लेकिन वो मजा इस चाय पीने में आपको मिलेगा।  आप महिला हों या पुरुष यदि आप अपने जीवन में, प्रेम में प्रवाहित होने के आनंद से वंचित रह गाएं हैं तो हमारी मानिये एक बार इस चाय के प्रेम में बह जाइये, डूब जाइये और इसके गर्माहट में गोते लगा लीजिये! इसके मंद-मंद सुगंध में अपने नाक के दोनों सुराग को झोंक दीजिये। लेकिन एक बात का ख्याल रखियेगा,   इस चाय को पीने में कभी जल्दीबाजी नहीं कीजियेगा। नहीं तो, आपका जीभ आपसे नाराज हो जायेगा। बेमतलब के आप बेचारा स्वभाव से कोमल जीभ को रुखा कर दीजियेगा। यदि आपको विश्वास नहीं होता, तो एक बार मिट्टी वाला चुक्का में परोसी गई चाय को अपने होंठ से लगाकर और चाय को जीभ पर गिराकर तो देखिये! जैसे हीं, यह चाय आपके जीभ को स्पर्श करेगी वैसे हीं आप स्वयं इसके स्वाद से परिचित हो जाएंगें। हमारी मानिये तो आज हीं आप नुक्कड़ वाली एक कप चाय का मज़ा ले लीजिये। भारत आधुनीकता की ओर कदम बढ़ा च...

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।।

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।। राहुल गांधी ने संसद में जिस 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल या संदर्भ का जिक्र किया, वह सीधा हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की कार्यशैली पर था। गांधी ने सदन में एक पुरानी फाइल या रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह तर्क देने की कोशिश की कि सरकार कुछ खास उद्योगपतियों (अडानी-अंबानी) को फायदा पहुँचाने के लिए नियमों में बदलाव करती है। उन्होंने 'एल्फिंस्टन' नाम का जिक्र उन ऐतिहासिक नियमों या व्यवस्थाओं के संदर्भ में किया जो मुंबई के बंदरगाहों या रेलवे के बुनियादी ढांचे से जुड़ी थीं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरते हुए निम्नलिखित बातें कहीं: ​नियमों में बदलाव: उनका आरोप था कि सरकार ने पुराने नियमों (जिनका उन्होंने एल्फिंस्टन संदर्भ से जोड़ा) को दरकिनार कर दिया ताकि एयरपोर्ट्स और पोर्ट्स का नियंत्रण कुछ विशेष व्यापारिक समूहों को दिया जा सके। ​अडाणी समूह का जिक्र: उन्होंने दावा किया कि पहले नियम था कि जिसे एयरपोर्ट संचालन का अनुभव नहीं है, उसे टेंडर नहीं म...