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टमाटर, धनिया, परवल, भिंडी आदि सब्जियों के दाम आम लोगों के औकात से बाहर हुई।।

टमाटर, धनिया, परवल, भिंडी आदि सब्जियों के दाम आम लोगों के औकात से बाहर हुई।।Everyday items have become expensive in India, yet why are people silent, it seems people of India are afraid of Modi


टमाटर 160 रूपए किलो, धनिया 300 रुपए किलो, परवल 80 रुपये किलो, अरबी 80, भिंडी 70 मिल रहें हैं, जिसका मुख्य और एकमात्र कारण जमाखोरों को माना जा रहा है।


सब्जियों के बढते दामो पर लोग परेशान हैं, इसपर लोग कह रहें हैं कि..........


अब सब्ज़ियां भी आम आदमी की थाली से बाहर हो गई है, हालाँकि बारिश होने पर सब्जियों के दाम बढ जाते है, लेकिन इतना कि लोग खाना छोङ दें, यह किसान और देश के लिए ठीक नहीं। जमाखोरी के संकेत लगते हैं।


गरीब आदमी को जो राशन मिल रहा है, उसी को पीसकर पानी में घोलकर पीने की नौबत आ गई है, इतनी मंहगाई है।


मंहगाई बढ़ने का कारण है, बड़े बड़े व्यपारियो ने स्टॉक कर रखा है और इसपर सरकार ध्यान दे।


गरीब लोग कुछ दिन पूर्व दस रुपया किलो टामाटर खूब खाये हैं, अब खाने की जरूरत नहीं है! दो माह बाद फिर खायेंगे दस रुपया किलो, किसानो की थोड़ा सा आम दनी बढ़ते ही चिल्लाहट मच जाती है प्याज मारा-मारा फिर रहा है, तर्रोई का सीजन चल रहा है, लौकी अलग पड़ी है कोई पूछ नही रहा है


टमाटर मत खाइये । लौकी, तुरई ,प्याज ,आम जैशी सस्ता आइटम खाइये  किसान खुश तो देश खुश, और सभी शहर वाले तो बिचोलियों को खुश देखना चाहते हैं।


महंगाई 80के पार, अबकी बार भाजपा रेड लाइन के पार वक्त आ गया है। इन्हीं टमाटरों से इनकी धुलाई की जाए । अंडे से धुलाई कर दो सस्ता पड़ेगा।


कोई बात नहीं, मोदी जी हैं न सस्ती हो जाएगी।  लोगो को 2024 में सरकार को इसका सबक सिखाना चाहिए।  जागो गोबर को भोजन समझने वालोँ। अब तो जागो, क्या अच्छे दिन यही है?


गरीबोँ की परवाह किसको है। मरो मरजाओ किसको को कोई फर्क़ नहीं पङता। बस वोट के टाइम् गरीब याद आते हैं। जीतने के बाद भूल जाते है या याददाश् कमजोर हो जाती है।


कोई बात नहीं। आपने घबराना नहीं है। हिंदू राष्ट्र बन रहा। आप सिर्फ़ हिंदू मुस्लिम करते रहें। फेक मैसेजेस को व्हाट्सअप पे फॉरवर्ड करते रहें। जितना हो सके सुबह-सुबह मोदी-मोदी चिल्लाते रहें। ज़रूरत पड़े तो ताली-थाली सब बजाएँ और अगर भूख लगे, तो मंदिर के बाहर भीख माँग के खा लें।

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