इंडिया अलायंस नेता संजय सिंह सदन से बरख़ास्त हुए। मणिपुर हिंसा पर सदन में बोल रहे थे।
मणिपुर हिंसा पर सदन में सवाल करने पर संजय सिंह को सदन से बाहर कर
दिया गया है इन्हें सदन से बरख़ास्त कर दिया गया है। वह इस पूरे सत्र सदन से बाहर
रहेंगे।
संजय सिंह विपक्ष एलाइंस इंडिया और आम आदमी पार्टी के कर्मठ नेता हैं।
वह देश के जरूरी मुद्दों पर बे-धङक बोलने के लिए भारत में जाने जाते हैं। वह ऐसे
नेता हैं, जो देश हीत के लिए बोलने से कभी और किसी से नहीं डरते।
इंडिया एलाइंस नेता अक्सर बोलते हैं कि हम देश के जरूरी मुद्दों पर
बोलेंगे- मोदी जी चाहे तो हमें जेल में डाल सकते हैं।
इस बार, मणिपुर जहां हिंसा और दंगा-फसाद का नंगा नाच चल रहा है,
जिसमें करीब 150 लोग मारे गए, 5000 घर
जला दिए गए, 100 चर्चों को डिस्ट्रॉय कर दिया गया है और 60000 लोग घर-बार छोड़कर सरकारी तंबू में रहने को
मजबूर हैं।
मणिपुर में बीजेपी की सरकार है, फिर भी यह हालात है और इसके बावजूद
हिंसा मणिपुर में चर्म सीमा पर जारी है। मणिपुर भारत के लिए ही नहीं बल्कि विश्व
समुदाय के लिए संसद में चर्चा का विषय बन चुका है।
मणिपुर पर संजय सिंह सदन में सत्तापक्ष से सवाल कर दिए, तो इन्हें
सदन से ही बरख़ास्त कर दिया गया। संजय सिंह बर्खास्त होने से पहले एक इंटरव्यू में
मणिपुर हिंसा पर बोले थे- वहाँ की राज्यपाल का रही हैं कि वहाँ स्थिति बहुत खराब
है, तो राज्यपाल को रिपोर्ट भेजना चाहिए वहाँ राष्ट्रपति शासन लगाओ। वहाँ की सरकार
को बर्खास्त करो।
उन्होंने आगे कहा था कि मणिपुर में हिंसा सरकार प्रायोजित हिंसा है
और भाजपा प्रायोजित हिंसा है। मैं बार-बार इस बात को कहता रहा हूँ कि जहाँ बीजेपी
रहेगी- नफरत रहेगी, हिंसा रहेगी, देंगे रहेंगे और फसाद रहेंगे। इनको देश के विकास
से कोई लेना-देना नहीं है। इनको शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली-पानी के मुद्दों से
कोई लेना-देना नहीं है। यह लोग देश की तरक्की नहीं- बर्बादी चाहते हैं।

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