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घरेलू गैस के दाम 1200 रुपये हुए, लोगों के खरीद शक्ति से बाहर हुई।।

घरेलू गैस के दाम 1200 रुपये हुए, पर लोगों की आवाज।

आज भी मेरी आंखें उन मूर्ख अनपढ़ों को खोज रही हैं, जिन्होंने अच्छे दिन के आस में इन लूटेरों को चुना।

घरेलू गैस के दामों में बेतहाशा विकास होने से आम-जन काफी आर्थिक परेशानी का सामना कर रहें हैं, लोग अपनी परेशानी को छूपाना चाहते हैं, इसका ढोल पीटना नहीं चाहते लेकिन आर्थिक मार इन्हे बोलने पर और कुछ लिखने पर लोगों को मजबूर कर देता है।


ऐसा हीं अशोक शुक्ला हैं, जिन्होंने घरेलू गैस के बढ़ते दामों को लेकर चिंता जाहीर करते हुए पोस्ट किये हैं और मोदी सरकार से सवाल किये हैं, क्योंकि नरेंद्र मोदी 2014 में चुनाव के समय गैस के दाम पर हल्ला किया था और लोगों को गैस का दाम कम करने को कहा था जब वो पीएम बनेंगे। इस समय घरेलू गैस का दाम 400 रुपया था और अब 1200 रुपया हो गया है।

 

उन्होंने पोस्ट में लिखा है कि आज ही सिलेंडर लिया हूँ, मेरे शहर में गैस सिलेंडर की कीमत लगभग 1200/- ₹ है, इस डायन महंगाई का वही गुणगान कर सकता है जो या तो हराम की खाता होगा, या तो वो लकड़ी के चूल्हे में खाना पकाता होगा।


आज भी मेरी आंखें उन मूर्ख अनपढ़ों को खोज रही हैं, जिन्होंने अच्छे दिनों की आस में 400/-₹ के गैस सिलेंडर के स्थान पर 1200/- ₹ का गैस सिलेंडर टिकाने वाले इन लुटेरों की सरकार को चुना था।


इनके पोस्ट के जवाब में लोगों ने लिखा है- इसे कहते हैं करे कोई,भरे सब। अरे भाई! जिन्होंने वोट दिया हैं और कहते हैं हाँ हम भक्त हैं उनको 1200 में मिलनी चाहिए और जो भक्त नहीं हैं या वोट नहीं किया उनको 400 में।


भक्तों गाली देने से पहले स्मृति ईरानी जी की कांग्रेस सरकार में गैस के दामों के लिए आंदोलन देख ले। फिर कुछ कहे।


न जाने लोग महंगाई पर आवाज उठाना ही क्यों भूल गये! रोते सब है बोलते नही और जो बोलते है उनकी सरकार सुनती नहीं। सरकार हमे अमेरिका मे घुमा रही है।


चुभती है एलपीजी की इतनी कीमत। गोबरभक्तों के घर चोरी की लकड़ी से खाना पकता है, तभी मालिक का जाप किया करते हैं।

 

 

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