हम चाहते हैं कि हर भारतीय के थाल में बिहार का कोई-न-काई व्यंजन हो- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।। बिहार की राजधानी पटना में आयोजित ‘किसान समागम’ में करिब पाँच हजार किसानों ने भाग लिया। राज्य के चारों कोने से आए किसान इस समागम का हिस्सा बने , गवाह बने। इसमें हाईप्रोफ़ाइल किसानों से लेकर , साधारण जीवन व्यतित करनेवाले , बिहार के किसान शामिल हुए थे। हिन्दी , मगही , ठेठ बिहारी बोलनेवाले किसान थे , तो अंग्रेजी भाषा में बात करनेवाले भी किसान , इस समागम का हिस्सा थे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी समागम के हिस्सा थे। बिहार के कृषि व्यवस्था में सुधार करना और खेती से अधिक-से-अधिक फसलों का उत्पादन करना आदि इस समागम का मुख्य उद्देश्य रहा। राज्य में जिस प्रकार से खेत के दायरा कम होते जा रहा है और उसके स्थान पर सड़क , उद्योग-धंधे , सरकारी भवनों आदि का निर्माण किया जा रहा है , उससे कम खेती में अधिक पैदावार उत्पादन करने की व्यवस्था को राज्य में जल्द-से-जल्द बहाल करने कि जरूरत है , ताकि खाद्य समस्या को पैदा होने से रोका जा सके और इसपर नियंत्रण रखा जा सके। ‘ किसान समागम’ में तैयार किये गए रोड मैप की ज...