हम चाहते हैं कि हर भारतीय के थाल में बिहार का कोई-न-काई व्यंजन हो-मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।।
बिहार की राजधानी पटना में आयोजित ‘किसान समागम’ में करिब पाँच हजार
किसानों ने भाग लिया। राज्य के चारों कोने से आए किसान इस समागम का हिस्सा बने, गवाह बने। इसमें हाईप्रोफ़ाइल किसानों से लेकर, साधारण जीवन व्यतित करनेवाले, बिहार के किसान शामिल हुए थे। हिन्दी, मगही, ठेठ
बिहारी बोलनेवाले किसान थे,
तो अंग्रेजी भाषा में बात करनेवाले भी
किसान, इस समागम का हिस्सा थे। बिहार के
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी समागम के हिस्सा थे।
बिहार के कृषि व्यवस्था में सुधार करना और खेती से अधिक-से-अधिक
फसलों का उत्पादन करना आदि इस समागम का मुख्य उद्देश्य रहा। राज्य में जिस प्रकार
से खेत के दायरा कम होते जा रहा है और उसके स्थान पर सड़क, उद्योग-धंधे, सरकारी भवनों आदि का निर्माण किया जा रहा है, उससे कम खेती में अधिक पैदावार उत्पादन करने की
व्यवस्था को राज्य में जल्द-से-जल्द बहाल करने कि जरूरत है, ताकि खाद्य समस्या को पैदा होने से रोका जा सके
और इसपर नियंत्रण रखा जा सके।
‘किसान
समागम’ में तैयार किये गए रोड मैप की जानकारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीटर
के माध्यम से भी लोगों को दिए। उन्होंने ट्वीट में लिखा, “वर्ष 2008
में पहले कृषि रोड मैप पर काम शुरू हुआ। वर्ष 2012 से
2017 तक दूसरे कृषि रोड मैप के आधार पर 5 साल काम हुआ। वर्ष 2017 से लेकर इस वर्ष मार्च तक तीसरे कृषि रोड मैप
पर काम चल रहा है। हमलोगों ने तय किया है कि चौथा कृषि रोड मैप बनाकर उस पर आगे
काम करेंगे।”
कुमार ने अपने ट्वीट में लिखा, “बिहार
में कृषि के क्षेत्र में काफी काम हुआ है। यहाँ अनाज का उत्पादन काफी बढ़ा है।
किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए हमलोग लगातार प्रयासरत हैं। हम चाहते हैं कि हर
भारतीय के थाल में बिहार का कोई-न-काई व्यंजन हो। हमलोग बेहद सस्ती दर पर किसानों
को सिंचाई के लिए बिजली देते हैं। ‘सात
निश्चय’-2 के अंतर्गत हर खेत तक सिंचाई का पानी
पहुँचाने के लिए काम किया जा रहा है। बाढ़ एवं सूखा की स्थिति में प्रभावित सभी
लोगों की हमलोग मदद करते हैं। बिहार के विकास को लेकर हमलोग काम करते रहेंगें, बिहार का और विकास करेंगे। बिहार अगे बढ़ेगा तभी
तो देश आगे बढे़गा।”

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