बीबीसी के दिल्ली और मुंबई स्थित कार्ययालय पर आयकर विभाग का करीब साठ घंटा का रेड।
बीबीसी के दिल्ली और मुंबई स्थित कार्ययालय पर आयकर विभाग ने करीब साठ घंटा तक खोज-बीन किया है। इसमें विभाग को क्या दास्तावेज हाथ लगे हैं, जिसका अभीतक खुलासा नहीं हुआ है। फिर भी, लोग अनुमान लगा रहे हैं कि यह भरतीय प्रेस के साथ सरकार ठीक व्यवहार नहीं की। सरकार के इस कार्य से भारत के प्रेस की आजादी पर गलत असर पड़ेगा और इससे भारतीय प्रेस की स्वतंत्रता प्रभावित होगी, जबकि पहले से ही भारतीय प्रेस की स्वतंत्रता पड़ोसी देशों से भी खराब स्थिति में है।
भारत सरकार के इस फैसला पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “बीबीसी पर आयकर विभाग के द्वारा रेड करना, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण को दर्शाता है। यह भारतीय जनता पार्टी बीजेपी सरकार का राजनीतिक प्रतिशोध है। यह प्रेस की स्वतंत्रता को पूरी तरह से प्रभावित करता है और ऐसा ही चलता रहा तो भारत से मीडिया ही समाप्त हो जाएगी। बीजेपी भारत की एकमात्र जनादेश तानाशाही पार्टी है जो हिटलर से भी कहीं बढ़कर है।”
कांग्रेस लीडर पवन खेरा ने कहा, “साहब के अतीत पर कोई प्रकाश डाल दे, कोई इनके अतीत को खंगालकर जनता के सामने लाने का काम कर दे, तो उस आदमी और उस मीडिया हाऊस का भविष्य बरबाद कर दिया जाता है। और बीबीसी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। बीबीसी ने साहब के बीस साल पुराने इतिहास को खंगाल कर जनता के सामने उसे लाने का प्रयास किया, जिसका परिणाम है कि इस मीडिया पर आयकर विभाग का रेड पड़ा है।”
आपको बता दूँ बीबीसी ने कुछ माह पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समय गुजरात में हुआ दंगा पर एक डाकुूमेंटरी रीलिज की थी, जिसमें मोदी को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया था, हालाँकि इसे भारत सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया है।

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