Skip to main content

"एक जवाब नहीं दिया प्रधानमंत्री जी ने"- राहुल गाँधी।। गौतम अदानी लूटपाट।

"एक जवाब नहीं दिया प्रधानमंत्री जी ने"- राहुल गाँधी।। गौतम अडानी लूटपाट। 

'लोकतंत्र सिपाही' राहुल गांधी संसद भवन से बाहर निकले, तो उदास, परेशान व काफी व्यथित दिखे, इनको देखने से ऐसा लग रहा था कि इनका मूल्यवान चीज, कोई ले लिया हो या  सिपाही के देश पर किसी ने हमला कर दिया हो और सिपाही को बंदी बना लिया हो। ऐसी हालात में पत्रकारों के द्वारा पूछे गए सवाल को जवाब में राहुल गाँधी ने कहा, " प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एक भी सवाल का जवाब नहीं दिए।" 

राहुल गाँधी ने कहा, "हमारे सवाल कठीन बिलकुल ही नहीं थे। सवाल सरल व असान थे, उसको भी प्रधानमंत्री ने जवाब नहीं दिए। पता नहीं क्यों जवाब नहीं दिए! अडानी जी से संबंधित सवाल थे, लेकिन जवाब नहीं दे सके। मैंने तो यहीं पूछा था, अडानी के साथ आपका रिश्ता क्या है, उनके साथ आपका संबंध कैसे हैं, आप और वो एक-साथ विदेश गए हैं ? ऐसे छोटे से सवालों का जवाब हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी नहीं दिए। " 

आपको बता दूँ  कि ऐसे तो राहुल गाँधी बहुत पहले से भारत के उद्योगपति गौतम अडानी के द्बारा किए जा रहे 'लूटपाट नीति' से देशवासियों को अवगत कराते आ रहें हैं, लेकिन अमेरिका के हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट- 'अडानी कैसे विश्व के दूसरे अमिर व्यक्ति बन गए! का खुलासा ने भारत क्या, पूरे विश्व को हिला कर रख दिया है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही राहुल गाँधी संसद भवन में गौतम अडानी के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछे, जिसका जवाब नरेंद्र मोदी ने नहीं दिया है।


Comments

Popular posts from this blog

एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात का ख्याल अवश्य रखना चाहिए।

एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए, यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात  का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए। यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इन बातों का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। हम कोई भी काम करते हैं उसकी योजना अवश्य तैयार करते हैं। एक छोटा सा छोटा काम के लिए भी हम योजना बनाते हैं। हलांकि छोटे कामों के लिए बनाये गए योजना हमारा दिमाग को पता नहीं चलता। हमारे दिमाग को इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसपर कभी आपने सोचा है कि आख़िर ऐसा क्यों होता है ? इसकी वजह को हमे जानने का प्रयास अवश्य करनी चाहिए। ऐसे तो इसके अनेकों वजह हो सकते हैं और इसके मनोवैज्ञानिक कारण भी कई हो सकते हैं, लेकिन हमे इन भारी वजहों को छोड़कर एक सरल वजह की तलाश करने की जरूरत है। मेरे अनुसार सरल स्वभाव से इसका एक वजह यह भी हो सकता है कि हमारा दिमाग इन छोटे-छोटे कामों को पहले कई बार कर चुका होता है। यूं कहें इस काम को मेरा दिमाग पूर्ण रूप से अभ्यस्त हो गया होता है। इसलिए हमारा दिमाग को इस छोटा काम को पूरा करने में किसी प्रकार की परेश...

एक कप चाय, मिट्टी वाली में - चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर भी नहीं वो कैसे !

एक कप चाय से याद आया कि मिट्टी के बर्तन वाली चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर एक प्रेमी को अपने प्रेमिका या एक प्रेमिका को अपने प्रेमी से मिलने में भी नहीं होगा! लेकिन वो मजा इस चाय पीने में आपको मिलेगा।  आप महिला हों या पुरुष यदि आप अपने जीवन में, प्रेम में प्रवाहित होने के आनंद से वंचित रह गाएं हैं तो हमारी मानिये एक बार इस चाय के प्रेम में बह जाइये, डूब जाइये और इसके गर्माहट में गोते लगा लीजिये! इसके मंद-मंद सुगंध में अपने नाक के दोनों सुराग को झोंक दीजिये। लेकिन एक बात का ख्याल रखियेगा,   इस चाय को पीने में कभी जल्दीबाजी नहीं कीजियेगा। नहीं तो, आपका जीभ आपसे नाराज हो जायेगा। बेमतलब के आप बेचारा स्वभाव से कोमल जीभ को रुखा कर दीजियेगा। यदि आपको विश्वास नहीं होता, तो एक बार मिट्टी वाला चुक्का में परोसी गई चाय को अपने होंठ से लगाकर और चाय को जीभ पर गिराकर तो देखिये! जैसे हीं, यह चाय आपके जीभ को स्पर्श करेगी वैसे हीं आप स्वयं इसके स्वाद से परिचित हो जाएंगें। हमारी मानिये तो आज हीं आप नुक्कड़ वाली एक कप चाय का मज़ा ले लीजिये। भारत आधुनीकता की ओर कदम बढ़ा च...

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।।

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।। राहुल गांधी ने संसद में जिस 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल या संदर्भ का जिक्र किया, वह सीधा हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की कार्यशैली पर था। गांधी ने सदन में एक पुरानी फाइल या रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह तर्क देने की कोशिश की कि सरकार कुछ खास उद्योगपतियों (अडानी-अंबानी) को फायदा पहुँचाने के लिए नियमों में बदलाव करती है। उन्होंने 'एल्फिंस्टन' नाम का जिक्र उन ऐतिहासिक नियमों या व्यवस्थाओं के संदर्भ में किया जो मुंबई के बंदरगाहों या रेलवे के बुनियादी ढांचे से जुड़ी थीं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरते हुए निम्नलिखित बातें कहीं: ​नियमों में बदलाव: उनका आरोप था कि सरकार ने पुराने नियमों (जिनका उन्होंने एल्फिंस्टन संदर्भ से जोड़ा) को दरकिनार कर दिया ताकि एयरपोर्ट्स और पोर्ट्स का नियंत्रण कुछ विशेष व्यापारिक समूहों को दिया जा सके। ​अडाणी समूह का जिक्र: उन्होंने दावा किया कि पहले नियम था कि जिसे एयरपोर्ट संचालन का अनुभव नहीं है, उसे टेंडर नहीं म...