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Showing posts from February, 2020

दिल्ली हिंसा (delhi voilence) से गर्म हुई भारतीय राजनीतिक ।।

भारत की राजधानी दिल्ली धू-धू कर जलती रही लोग तड़प – तड़प कर मरते रहे पर कोई रोकने में सफ़ल नहीं रहा किसी का बुद्धि काम नहीं आया। अब हालात दिनों – दिन बेहतर हो रहें हैं और लोग सामान्य जीवन की ओर जाना शुरू कर दिया है। इस भयावह घटना की जाँच के लिए टीम का गठन भी   किया जा चुका है। वहीं विपक्ष भी अपना मोर्चा खोल दिया है। इतना हीं नहीं देश – विदेश से इस घटना को लेकर भारत सरकार को आलोचना सुनना पड़ा है लेकिन कोई कर भी क्या सकता है ऐसी घटना में   सब लाचार और बेवस हो जाते हैं। विपक्ष पार्टी कांग्रेस घेराबंदी करने के लिए भाग दौड़ करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी अपनी अगुआई में एक शिष्टमंडल का निर्माण करके भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात भी कर चुकीं है। इनके शिष्टमंडल में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी, वरिष्ठ नेता अहमद पटेल और कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला तथा अन्य प्रमुख कांग्रेसी नेता शामिल हैं। इन सभी नेतागण राष्ट्रपति से मुलाकात किये और दिल्ली के इस घटना पर उचित फैसला लेने का आग्रह किया है। ...

महात्मा बुद्ध अपशब्द बोलनेवाले को ऐसे ज्ञान दिए थे ।

इस भागम-भाग की जिन्दगी में कौन क्या कर रहा है भला इस पर कौन ध्यान देता है? फ़िर भी कुछ लोग अपने भड़ास निकालने के लिए अपने से ऊँचे ओहदे या नीचे ओहदे वालों से दुखी हो जाते हैं तो उनको अपशब्द तक बक देते हैं। इससे किसी का फ़ायदा नहीं होता न कहनेवाला को और न हीं जिसको अपशब्द कहा गया था उसको कुछ नुकसान होता है। फ़िर अपशब्द कहने से क्या फायदा। इसलिए उससे अच्छा तो यह होगा कि हम मौन हीं रहें । ऐसे तो आज का समय यह है की कोई किसी को निंदा नहीं करना चाहता और न हीं गाली-गलौज जैसे व्यवहार करता है, क्योंकि लगभग सब लोग जान चुके हैं कि ये दोनों व्यवहार गलत है। ऐसा बरताव करनेवाले से भला कौन संबंध रखना चाहेगा। उल्टे अपशब्द बोलनेवाले अपने आस-पास के लोगों से अलग-थलग हो जाते हैं। ऐसे आदमी को लोग यहीं कहते हैं कि यह व्यक्ति ठीक नहीं है, इसके पास बैठना पाप है तथा इससे दोस्ती रखने का मतलब है बिरादरी में बदनाम हो जाना। व्यक्ति पढ़ा-लिखा हो या फ़िर अनपढ़ हीं क्यों न हो सबको मालूम है कि निंदा तथा गाली जैसे व्यवहार करना अच्छे मनुष्य का शोभा नहीं देता है। इतना सबकुछ जानने के बावजूद भी निंदा और गाली से हमसब अछूता नहीं ...

भ्रष्टाचार भगाओ आन्दोलन बनाम 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाला ।।

यूपीए गठबंधन के समय डाक्टर मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। इन्हीं के समय टू-ज़ी स्पेक्ट्रम घोटाला प्रकाश में आया। गठबंधन भ्रष्टाचार के विरुद्ध कभी घुटने नहीं टेके। हिम्मत दिखाई और द्रुत कार्रवाई की। इससे जुड़े सभी लोगों पर मुकदमा दायर किया गया। अभियुक्त लोगों को तुरन्त गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। अनेकों खम्बे पर चल रही सरकार ने अपने हीं मंत्री को गिरफ्तार करके जेल भेजने की हिम्मत दिखाई। लेकिन इतने होने के बावजूद भी मामला थमने का नाम नहीं ले रहा था। विपक्ष ने इस मामला को चुनावी जंग में तेज धार युक्त तलवार की तरह इस्तेमाल किया। देश में भ्रष्टाचार का इतना प्रचार हुआ कि यूपीए गठबंधन की सरकार अगली लोकसभा चुनाव हार गई। बीजेपी स्पष्ट बहुमत से केन्द्र में सरकार बनाने में सफल रही। अब उसी मामला पर न्यायालय ने फैसला सुनाया है। कैग ने 1.76 लाख करोड़ रूपये के घोटाला होने का खुलासा किया। यह 2ज़ी के लाइसेंस बाँटने में इतनी बड़ी धांधली हुई। कैग के द्वारा इसकी खुलासा किये जाने पर भारत के जनता को हिला कर रख दिया। विपक्ष   (भारत के लोग) ने यूपीए सरकार को घोटाले की सरकार के नाम से संबोधित कर...

पाकिस्तान की ओर से हमला के कहर से त्रस्त भारत की अभिलाषा ।।

चाह नहीं मैं सुरबाला के, गहनों में गुथा जाऊं । चाह नहीं प्रेमी माला में, बिंध प्यारी को ललचाऊं । चाह नहीं सम्राटों के शव पर, हे हरि डाला जाऊं । चाह नहीं देवों के सिर पर, चढूं भाग्य पर इठलाऊं । मुझे तोड़ लेना बनमाली, उस पथ पर देना तुम फेंक , मातृभूमि पर शीश चढ़ाने, जिस पथ पर जाएं वीर अनेक। अंगेजी हुकूमत के शासन व्यवस्था से तंग आकर एक स्वतंत्रता सेनानी के अंतरात्मा की आवाज ने इस कविता की रचना की थी। पं माखनलाल चतुर्वेदी ने “पुष्प की अभिलाषा” शीर्षक नाम से 18 फरवरी 1922 को बिलासपुर के सेन्ट्रल जेल के बैरक संख्या 9 में अंग्रेजों के अत्याचार के खिलाफ़ जेल में बंद रहकर रचना की। आज भारत आजाद है, लेकिन जिस तरह से जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में फिदायनी हमला में 40-44 सैनिकों को मौत हुई, वह दिल दहला देनेवाली घटना है। इसे कभी भूलाया नहीं जा सकता और भूलाने योग्य भी नहीं है। भारत माता के वीर सपूतों को इस दर्द के साथ जीना है और देश में लगातार हो रहे ऐसी घटना से देशवासियों को आजाद करानी है। इससे पहले भारत कई हमला हो चुका जिनमें वर्ष 1999 में भारत और पाकिस्तान के मध्य हुए कारगिल युद्ध म...

झारखण्ड के ‘तवरेज अंसारी घटना’ क्यों ?

यदि इसे आरोप के नजरिये से न लेकर सुधार की दृष्टि से लिया जाय तो बताना चाहता हूँ कि भारत में जब से नई सरकार बनी है तब से भारत धार्मिक उन्माद की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। भारत के मुस्लिम समुदाय को एक बार फ़िर से सिद्ध करने का समय आ गया है कि वह भारतीय है, भारत से प्रेम करता है और भारत के लिए मर-मिटने को तैयार है। आजकल एक बात भारत में जोरों से फैल चुका है कि जो व्यक्ति मुस्लिम समुदाय या पड़ोसी देश पाकिस्तान या चीन के समर्थन में कुछ भी कहता है तो वह देशद्रोही हो जाता है उसको सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं है।    जबकि भारत सरकार का व्यपारिक व सामरिक सम्बन्ध अभी तक दोनों देशों से अच्छा है भारत सरकार के लोग इनसे सम्बन्ध रख सकते हैं लेकिन जनता पर एक प्रकार का रोक माना जा सकता है। हम फ़िर से साफ कर देना चाहते हैं कि इस मुद्दा पर बहस करने या विवाद खड़ा करने की जरूरत नहीं है बल्कि भारत के लोग और सरकार को समझने और सुधार करने का समय है। झारखण्ड भारत का एक खनिज सम्पन्न राज्य है, यहाँ विभिन्न धर्म के लोग निवास करते हैं और मुस्लिम समुदाय का भी रहना होता है। हाल की घटना है कि कुछ कट्टरह...

भारतीय सैनिकों पर हमला पर फेसबुक विचार ।।

पुलवामा में फिदायनी हमला के बाद से देश के घर-घर में इसी बात को लेकर चर्चा हो रही है कि आख़िर यह कैसे हुआ? ऐसा कब तक चलता रहेगा? क्या इसका समाधान सरकार के पास मौजूद नहीं है? की सरकार कुछ करना नहीं चाहती? गली-मुहल्ले और चौक-चौराहे पर लोग इसके पक्ष-विपक्ष को खोदना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया भी इससे अछूता नहीं। यहाँ लोग कमेन्ट, पोस्ट तथा दूसरों के द्वारा पोस्ट किये गए मैटर को साझा करके अपनी बात लोगों के सामने रख रहे हैं। देश की हालात से सरकार और देश सुधारकों को अवगत करा रहे हैं। इनमें कुछ लोग राजनीतिक महकमा के विचार से प्रेरित हो सकते हैं इसमें कोई दो राय नहीं और सोशल मीडिया का इस्तमाल कर रहे हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इन सबसे उपर उठकर देश के बारे में चिन्ता कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर अपनी बात रख रहे हैं। कालीन खान अपने फेसबुक एकाउंट पर एक पोस्ट साझा किया है उसमें लिखा है कि पाकिस्तानी झंडा जलाकर मुझे भी देशभक्ति साबित करनी है मगर झंडा नहीं मिल रहा है कोई बताएगा पाकिस्तान का झंडा भारत में कहाँ मिलता है । वह एक दूसरे पोस्ट में लिखते हैं कि कश्मीर छोड़कर यूनिवर्सिटीज में देशद्र...