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झारखण्ड के ‘तवरेज अंसारी घटना’ क्यों ?


यदि इसे आरोप के नजरिये से न लेकर सुधार की दृष्टि से लिया जाय तो बताना चाहता हूँ कि भारत में जब से नई सरकार बनी है तब से भारत धार्मिक उन्माद की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। भारत के मुस्लिम समुदाय को एक बार फ़िर से सिद्ध करने का समय आ गया है कि वह भारतीय है, भारत से प्रेम करता है और भारत के लिए मर-मिटने को तैयार है। आजकल एक बात भारत में जोरों से फैल चुका है कि जो व्यक्ति मुस्लिम समुदाय या पड़ोसी देश पाकिस्तान या चीन के समर्थन में कुछ भी कहता है तो वह देशद्रोही हो जाता है उसको सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं है।  

जबकि भारत सरकार का व्यपारिक व सामरिक सम्बन्ध अभी तक दोनों देशों से अच्छा है भारत सरकार के लोग इनसे सम्बन्ध रख सकते हैं लेकिन जनता पर एक प्रकार का रोक माना जा सकता है। हम फ़िर से साफ कर देना चाहते हैं कि इस मुद्दा पर बहस करने या विवाद खड़ा करने की जरूरत नहीं है बल्कि भारत के लोग और सरकार को समझने और सुधार करने का समय है।

झारखण्ड भारत का एक खनिज सम्पन्न राज्य है, यहाँ विभिन्न धर्म के लोग निवास करते हैं और मुस्लिम समुदाय का भी रहना होता है। हाल की घटना है कि कुछ कट्टरहिन्दूवादी समर्थक एक मुस्लिम समुदाय के शादीशुदा युवक (तवरेज अंसारी) को इतना पिटाई किया की युवक अस्पताल में पहुंचते हीं दम तोड़ दिया। कट्टरपंथी हिंदूवादी युवकों ने तवरेज को जय श्री राम और जय हनुमान का नारा लगाने को कहा था। आपको बता दूँ कि राम और हनुमान हिन्दू धर्म के देवता हैं और हनुमान को हिन्दूवादी जीवित भगवान मानते हैं।

तवरेज अंसारी शुरूआती में नाम लेने से इनकार किया जो एक दूसरे धर्म वालों को करना भारत में संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। लेकिन बाद में हिन्दू चरमपंथी युवकों ने अंसारी को पिटाई करने लगा लाठी-डंडे के डर से तवरेज जय श्री राम और जय हनुमान का नाम लेने लगा। हिन्दू चरमपंथी तवरेज को पिटता और जय श्री राम और जय हनुमान का नारा लगवाता। इस घटना का विडियो भी भारत में खूब वायरल हुआ है। संविधान के विरूद्ध यह घटना पर पीड़िता के लिए बहुत सारे लोग न्याय की गुहार लगाना शुरू कर दिया है और इसके लिए भारत की राजधानी दिल्ली के सड़कों पर आंदोलन किया गया था ।

पाकिस्तान के Baloch-Bhai नाम का यूटूब चैनल है जो तवरेज अंसारी (एक असंवैधानिक घटना) पर अपना बयान जारी किये हैं, जिसमें वह कहते हैं कि मुहम्मद अल्ली जिन्ना ने कहा था कि भारतीय मुसलमानों को पूरी ज़िन्दगी इस बात को साबित करने में गुजर जाएगी की वह एक सच्चा भारतीय है और आज जिन्ना की बात सच हो गई है।

हलांकि बलोच-भाई के इस वक्तव्य से हम सहमत नहीं हैं, क्योंकि हम सब भारतीय एक साथ काम करते हैं और एक हीं थाली में खाते हैं, लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं कर सकते कि जब से भारत में दूसरी सरकार आई है तब से भारत धर्म के मामला में संवेदनशील हो गया है तथा भारत को यह डर सताने लगा है कि कहीं भारत में फ़िर से गुजरात दंगा जैसा माहौल पैदा न हो जाय?

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