पुलवामा दुर्घटना मोदी सरकार की लापरवाही का परिणाम-सत्यपाल मलिक के साक्षात्कार से आया बात सामने। जिस समय , जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक थे , उस समय ‘पुलवामा आक्रमण’ हुआ था , जिसमें करीब चालिस जबान मारे गए-शहीद हुए। विदेशी नेताओं ने इसकी कड़ी आलोचना किए थे। भारत की सेना पर इतना बडा आक्रमण और इतनी भारी संख्या में सेना का मारा जाना , वो भी बगैर किसी युद्ध के भारत पर यह पहला आक्रमण था , जो पीएम नरेंद्र मोदी के नाक के नीचे हुआ। और जब मोदी सरकार ने इसकी जाँच कराई , तो उसमें कोई भी गुनाहगार अभी तक पकड़ा नहीं गया। वर्ष 2023 तक का रिपोर्ट ये रहा कि ‘पुलवामा हमला’ हुआ लेकिन कोई गुनाहगार नहीं। यह ‘गोधरा कांड’ की तरह हो गया। अब , ‘ पुलवामा हमला’ पर उस समय के जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक के साक्षात्कार से ये खुलासा हो गया है कि पुलवामा घटना एक राजनीतिक साजिश थी , जिसको राजनीतिक फायदा के इरादे से किये गये और ये मोदी सरकार की लापरवाही की वजह से हुआ , जिसमें चालिस ज़बान बगैर वजह के मारे गये-शहीद हुए। पूर्व रज्यपाल सतपाल मलिक ने साक्षात्कार में कहा कि यदि मोदी मंत्रालय सीआरपी...