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रामनवमी के दिन जुलूस और दंगा होना, क्या कहता हैं?

रामनवमी के दिन जुलूस और दंगा होना, फिर अडानी घोटला मुद्दा शांत पड़ना क्या कहता हैं?

इस साल के रामनवमी के दिन भारत के कई राज्यों में जुलूस निकाले गए, इसमें भारी संख्या में युवाओं को देखा गया। भारत के युवा भगवा रंग का झंडा लेकर सड़को पर जय श्री राम का नारा लगाए और साथ में उपद्रव भी मचाया।


जुलूस के दौरान मसजिदों पर झंडा लहराया गया, मुसलिम के मदरसा को जला दिया गया, दंगा फैलाने के उद्देश्य हेतु गौ हत्या किया गया, मुसिलमों के खिलाफ भाषण दिया गया और भगवा झंडा के साथ नाथुराम गोडसे का फोटो को भी लहराया गया।

उतर भारत के कई राज्यों में रामनवमी के दिन जुलूस निकालने का काम किया गया, इसमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लोग शामिल होते हैं या इन लोगों के शरणागत में,  देख-रेख में जुलूस निकालने का काम सम्पन्न हुआ। लोगों में इसी बात की चर्चा होती है तथा इसे देखा और समझा भी जा सकता है।


भारत के पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, छत्तिसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में रामनवमी के दिन हिंदू संगठनों द्वारा जुलूस निकालने का काम किया गया। इन हिंदू संगठनों को बीजेपी का संरक्षण प्राप्त है, ऐसा आम लोगों में चर्चा है और बीजेपी के नेता इसके सर्मथन में आवाज उठाकर इस तथ्य कि पुष्ठी कर देते हे।


हिंदू संगठनों के द्वारा पश्चिम बंगाल और बिहार में दंगा का महौल बना दिया गया। बिहार में बच्चों को शिक्षा देनेवाला मदरसा में आग लगा दिया गया। उत्तर प्रदेश के आगरा में दंगा फैलाने के उद्देश्य से गौ की हत्या कर दि गई। गुजरात में रामभक्तों को सम्बोधित करते हुए मुसलिमों के विरोध में भाषण दिये गये। एक जुलूस में भगवा रंग के झंडा के साथ आजाद भारत का प्रथम आतंकवादी और महात्मा गाँधी का हत्यारा नाथुराम गोडसे का फोटो के साथ भगवाधारी रामभक्त लोगों को देखा गाया।


आपको बता दूँ, भारत कि स्थिति हर क्षेत्रों में कांग्रेस की मनमोहन सिंह सरकार के तुलना में खराब हो गई है। भूखमरी, प्रेस कि स्वतंत्रता, स्वास्थ, शिक्षा, डालर के मुकाबले रुपया का वैल्यु, महंगाई, बेरोजगारी, न्याय, लोकतंत्र, आर्थिक समानता अदि मामला में भारत कि स्थिति बद्तर हो चुकी है।


अभी वर्तमान समय में भारत में गौतम अडानी के द्वारा किया गया भ्रष्टाचार का मामला जोरों पर है। विश्व समुदाय इस बात को सिद्ध कर चुका है कि अडानी भ्रष्टाचार के माध्यम से धनी व्यक्ति बन गया। वह जिस तरीक़ा से पैसा कमाया है, वो भ्रष्टाचार कहलाता है। और खबर ये भी है कि इसमें मोदी सरकार ने अडानी को मदद की है। गौतम अडानी के द्वारा किये गाये विश्व का सबसे बडा घोटाला में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी आता है, ऐसा विपक्ष नेताओं का कहना है। विपक्ष, भारत तथा विश्व का सबसे बड़ा घोटला गौतम अडानी घोटाला की जाँच कराने की माँग कर रहें हैं, जेपीसी गठन की माँग कर रहें हैं, लेकिन मोदी सराकर इससे भाग रही है।


रामनवमी जुलूस के लोगों ने भारत के इन घटनाओं को अपने जुलूस में शामिल नहीं किये, क्योंकि ये सभी मुद्दे देश हीत में है, परंतु भारतीय जनता पार्टी के विरोध में है और नरेंद्र मोदी सरकार के विरोध में है। इसलिए, रामभक्तों ने इन मुद्दों को जनता के बीच लाने के बजाय देश में दंगा का माहौल बना दिया, ताकि लोगों का घ्यान इन मुद्दों से हट जाय और मोदी सरकार का नुकसान न हो। ऐसा भारत के कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का बताना है।

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