कांग्रेस देश के सभी विपक्ष को एक साथ करने को लेकर प्रयास शुरू कर
दी।
भारत-लोकतांत्रिक व्यवस्था का खराब होते हालात पर कांग्रेस देश के
सभी विपक्ष को एक साथ करने को लेकर प्रयास शुरू कर दी है। क्योंकि, मोदी सरकार दिनोंदिन विपक्ष को कमजोर करते और
तानाशाह होते जा रही है। ऐसा कहना जल्दबाज़ी नहीं होगा कि भरत, विपक्ष मुक्त देश
की ओर कदम बढ़ा दिया है।
भारत में लोकतंत्र के हालात दिनोंदिन खराब होते जा रहें है। विपक्ष
के महत्व घटते जा रहें है। मौजूदा मोदी सरकार जो चाहती है, वो करती है। विपक्ष शोर मचाते रहती है और मोदी
सरकार अपने अनुसार फैसला ले लेती है। सरकार के फैसलों से पता चलता है कि विपक्ष को
समाप्त करने की साजिश रची जा रही है।
कांग्रेस-संविधान खतरे में है, लोकतंत्र
खतरे में है आदि संदेशों के साथ भारत के लोगों के पास जाना शुरू कर दी है। इसके
लिए भारत के सभी विपक्ष को एकसूत्र में बाँधकर चलने कि घोषणा कर दी है। और देश के
कुछ विपक्ष कांग्रेस के साथ चलने कि घोषणा भी कर दिए हैं। इनमें बिहार के
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने सभी नेताओं के साथ कांग्रेस को साथ देने का वादा कर
दिए है।
नितीश कुमार अपने नेता जैसे-उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और सहयोगी
ललन सिंह के साथ दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व कांग्रेस के अन्य
वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकात किये। इस मुलाकात में कांग्रेस के अध्यक्ष समेत
राहुल गाँधी भी मौजूद थे। इस सम्मेलन में दोनों दलों-शीर्षस्थ नेताएं संविधान
बचाने को लेकर एक साथ चलने के सहमती पर राजी हुए।
राहुल गांधी इस सहमती-बारे में प्रेस को जानकारी दिए। उन्होंने बताया
कि हमलोग सभी विपक्षों के साथ चलने को तैयार है, जो संविधान के साथ चलना चाहते है और जिनका लोकतंत्र पर विश्वास है।
राहुल गांधी ने कहा, ““हमलोग विपक्ष का देश के लिए जो विज़न है, उसको डेवलप करेंगे। और विपक्ष की जितनी भी
पार्टियाँ कांग्रेस के साथ चलना चाहेंगी, उसको
लेकर हमलोग आगे चलेंगे।”

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