“राहुल गांधी मानहानी मामला में कोर्ट ने की बड़ी गलती”- मनु सिंघवी।कांग्रेस।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एक मानहानी मामला में सूरत कोर्ट ने
इन्हें दो साल की सजा दे दी है। इससे गांधी की सदस्यता चली गई। मानहानी मामला में
दो साल की सजा सबसे अधिकतम सजा माना जाता है। सूरत कोर्ट ने राहुल गांधी को
मानहानी मामला में सबसे अधिकतम सजा दी है, जो
तर्कसंगत नहीं लगता है। लेकिन, न्यायालय
का फैसला है, मानना होगा।
कांग्रेस लीडर व एक उच्च कोटी के वकिल एम सिंघवी ने कहा है कि राहुल
गांधी मामला में कोर्ट की ओर एक बहुत बड़ी गलती हो गई है।” हालाँकि न्यायालय के इस गलती से
न्यायालय के फैसला पर कोई असर नहीं पड़ता, लेकन न्यायालय के कार्यप्रणाली पर तो
सवाल खड़े हो हीं सकते हैं। ताकि न्यायालय इस तरह से फैसला सुनाने से पहले कानूनी
कार्रवाई पूरी करके फैसला सुनाये और लोगों के साथ न्याय हो।
हमारा संविधान कहता है कि सौ गुनाहगार बच जाय वो ठीक है, लेकिन किसी एक गुनाहगार को सजा नहीं मिलनी
चाहिए। जबकि राहुल गांधी के मामला में ऐसा कुछ नहीं दिखता है। और ऊपर से कोर्ट
अपनी जिम्मेदारी निभाने में भी गलती कर दी है।
एम सिंघवी ने कहा कि राहुल गांधी का मामला कर्नाटक के कोलार की है, जिसे गुजरात के सूरत कोर्ट में मुकदमा दर्ज
किया गया। ऐसे मामले में जज या उच्च अधिकारी के द्वारा जाँच करने होते हैं। और जो
अधिकारी इस मामला को जाँच करते हैं, उनका
रिपोर्ट और उनका नाम निर्णय में संलग्न होना चाहिए था। ऐसा करना कानूनी प्रक्रिया
में शामिल है, जो राहुल गांधी के फैसला में नहीं किया
गया है।
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