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Showing posts from January, 2020

“उज्ज्वला योजना” से ग्रामीण महिलाओं के बढ़े हैं कदम।।

भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री का महत्वकांक्षी योजना “उज्ज्वला” देश के ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान साबित हुआ है। इसमें दो राय नहीं है तथा इसपर कोई सवाल खड़ा नहीं कर सकता। इसके जरिये हीं आज भारत के उन महिलाओं ने गैस चूल्हा से खाना बनाना शुरू किया जिनके लिए फ़िलहाल असम्भव था इससे वे कोसों दूर थीं।  हलांकि इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता की आज के तारीख में ग्रामीण समुदाय के अधिकांश कनेक्शन का सिलेण्डर घर के कोने में धरा पड़ा है, लेकिन लोग साल में एकाध बार तो भरा हीं लेते हैं जैसे बरसात के समय व ठंड के समय इसमें बढ़ोत्तरी होती है बाकी गर्मी के मौसम में लोग सिलेण्डर नहीं भराते हैं क्योंकि इस समय गाय - भैंस के उपला बनाकर इससे खाना बना लेते हैं।  उज्ज्वला को मौसमी गैस कनेक्शन कहा जाय तो इसे गलत नहीं माना जाना चाहिए बल्कि गर्व महसूस करना चाहिए। सरकार के द्वारा इतने हीं मदद से ग्रामीण महिलाओं को बड़ी राहत मिला है इसलिए इनके घरों में ख़ुशी का मौसम है जिसका श्रेय सीधे – सीधे उज्ज्वला के जनक भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। इनके इस योगदान को भारत के ग्रामीण महिलाएँ...

सौ दिन के रोजगार से गैस चूल्हा तक का सफ़रनामा ।।

यह लेख गैर राजनीतिक है, किसी पार्टी या नेता को टारगेट करके नहीं लिखा जा रहा है, इसका मकसद सिर्फ देश हीत है। यदि किसी नेता या पार्टी का जिक्र होता है तो उसके संलिप्तता के कारण होगा और इसके जरिये किसी को किसी प्रकार का नुकसान पहुँचाना नहीं है। नरेंद्र मोदी उज्वला योजना को लेकर बहुत हीं एग्रेससिव मोड में दिखते हैं। वहीं इनके समर्थक शौचालय निर्माण स्कीम को लेकर बोलते नहीं थकते लोगों को ताने मारते फिरते हैं। शौचालय निर्माण पर मोदी के स्टार समर्थक अक्षय कुमार फिल्म भी बना चुके हैं। सरकार अपने पांच सालों के कार्यकाल में इन दोनों योजना को महत्वपूर्ण उपलब्धी मानती है और इसके आधार पर वोट मांगने का काम किया और टीवी पर प्रचार किया कि एक बार फ़िर मोदी सरकार। इस हिसाब से इसपर सवाल करना बनता है। आखिर इन दोनों योजना में ऐसा क्या है जिसे इतना प्रचार किया जा रहा है। मोटे तौर पर हिसाब है कि कांग्रेस के समय सिंगल सिलेंडर रिफिल वाला घरेलू गैस कनेक्शन 4500 रूपये में मिलता था, जिसको मोदी ज़ी ने गरीब लोगों को मुफ्त में देने का काम किया है। कांग्रेस के समय गैस चूल्हा और मोदी ज़ी के गैस चूल्हा के क्वा...

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब बीजेपी वालों से अलग हुए थे- बिहार ।।

बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दावा करते हैं कि वह अपने सिद्धांत के पक्के इन्सान हैं और   अक्सर इस बात को लेकर बहस करते – करते प्रतिद्वंदियों से भीड़ जाते हैं। लेकिन, राजनीतिक क्षेत्र में इसका कोई महत्व नहीं रहता फ़िर भी इनके दावे को मानना या अनुसरण करना औचित्य बन जाता है क्योंकि इनका ऐसा मानना है कि सिद्धांत के बगैर हमारी जिन्दगी नहीं चलती इसलिए इनको सिद्धांतवादी पुरुष भी कहा जाता है। राजनीतिक के मिज़ाज से कुमार अपने आप को नहीं बचा सके। यह कहानी राजनीतिक पैतरे की है जिसे बिहार के रजनीतिक इतिहास में सदा जिक्र किया जायेगा। एक समय था जब नीतीश कुमार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ केन्द्र सरकार चला रहे थे तथा बिहार में भी राजनीतिक सिक्का का खेल खेल रहे थे और उस समय बीजेपी का कर्ताधर्ता अटल बिहारी वाजपेयी ज़ी के हांथों में था। जिसके बाद बीजेपी का साम्राज्य नरेंद्र मोदी के हाथ में आया तो कुमार साहब को सिद्धांत को लेकर इनसे मनमुटाव हो गया और नाराज होकर बीजेपी से अलग हो गए। इतना हीं नहीं मोदी के साथ कभी न होने का वचन बिहार के जनता को दिया तथा बिहार के विधानसभा मे...

भारत सरकार से सम्मानित अधिकारी आतंकवादी के साथ - गजब ।।

भारत का विपक्ष पार्टी इंडियन नेशनल कांग्रेस ने सोलह जनवरी 2020 के अपने फेसबुक एकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखती है कि आतंकी हमले में दविंदर सिंह की संदिग्ध भूमिका सामने आई है सिंह को किसकी शह पर उसे सम्मान मिलता रहा और बड़ी जिम्मेदारियां मिलती रही जिससे जाहिर होता है कि भाजपा सरकार का सूचना तंत्र विफल है या फ़िर दविंदर सिंह को मजबूत सहारा मिला। देश इन सवालों के जवाब जानना चाहता है। विपक्ष सत्ताधारी सरकार से आगे सवाल करते हुए पोस्ट में लिखता है कि भाजपा ने दविंदर सिंह को इतना क्यों महत्व दिया ? भाजपा शासन के समय हीं सिंह को अगस्त 2018 में सर्वोच्च पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया गया। हाल हीं में श्रीनगर दौरे पर आए पन्द्रह विदेशी प्रतिनिधियों के दल की जिम्मेदारी भी दविंदर सिंह को हीं दी गई। जम्मू - कश्मीर पुलिस के अधीक्षक के रूप में भी दविंदर को   नियुक्त किया जाना तय कर लिया गया था। मालूम हो कि दविंदर सिंह डीएसपी हैं जो एक भारतीय प्रशासन का बहुत हीं जिम्मेदारी और ईमानदारी बरतने वाला पद है इस पद का गलत इस्तमाल करना उसमें भी देश सुरक्षा के मामला में यह देश के जनता को असहनीय प...

युवा नेता तेजस्वी यादव एनपीआर और एनआरसी के विरुद्ध ।।

बिहार के युवा  विपक्ष नेता तेजस्वी यादव ने मोदी का एनआरसी और एनपीआर फैक्टर पर जोरदार प्रहार करते हुए  इस कानून के खिलाफ़ जनता को सम्बोधन किया, उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी अपील किया कि वह भी इस अभियान में जनता का साथ दें। यह अधिनियम हमारे देशहित के खिलाफ़ है, इससे देश टूटेगा बनने नहीं जा रहा है । इनके इस भाषण पर मौजूद आवाम ने खुलकर स्वागत किया तालियां बजाकर इस नेता का जोरदार समर्थन का अहसास दिलाया। नरेंद्र मोदी जब प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने सबसे पहले देश में नोटबंदी को लागू किया जिसका भी विपक्ष लोगों ने खुलकर विरोध किया, बड़े-बड़े अधिकारी भी नोटबंदी को गलत फैसला बताते रहे लेकिन मोदी किसी का एक भी नहीं सुने और देश में नोटबंदी को लागू कर दिया। जिसके परिणाम से अब पूरा देश अवगत हो चुका है। मोदी ने उस समय कहा था कि मेरे नियत में कोई खोट हो तो मुझे बताना! तो क्या पांच सौ एवं एक हजार के नोट को बंद करके दो हजार का नोट को चलन में लाना इनके नियत पर सवाल खड़ा नहीं करता है?  इस बात को मोदी ज़ी के द्वारा दरकिनार कर देने से या न कहने से सही नहीं हो सकता। यदि नोटबंद...