झारखण्ड के 2019
विधानसभा चुनाव खत्म हो गया है, इसके चुनाव के नतीजे भी आ चुके हैं और कांग्रेस
गठबंधन के समर्थन वाली सरकार बन चुकी है। झारखण्ड के 11वें मुख्यमंत्री के रूप में
हेमंत सोरेन झारखण्ड के मुख्यमंत्री का शपथ भी ले लिए हैं। भारत के प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के द्वारा लाख प्रचार – प्रसार करने के बावजूद भी भारतीय जनता पार्टी
की सरकार झारखण्ड से बेदखल हो गई। मोदी के बड़े-बड़े काम तथा अमित शाह के चाणक्य
नीतियां जनता को रास नहीं आयी। यह चुनाव झारखण्ड में उस समय कराया गया जिस समय
नरेंद्र मोदी चुनाव से ठीक पहले नागरिक संशोधन अधिनियम लागू करने का पैतरा का
दांवपेंच खेल चुके थे फ़िर भी यहाँ के आवाम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बात को
आवाम ने अनसुना कर दिया। यह जीत झारखण्ड के जनता की जीत है जिन्होंने अन्यायियों
को सबक सिखाने का संदेश दिया है और यूपीए गठबंधन (कांग्रेस, राजद और झामुमो) के
युवा नेता राहुल गाँधी, तेजश्वी यादव व हेमंत सोरेन पर भरोसा जताते हुए इनको मौका
दिया। इन नेताओं को जनता के भरोसा पर खरे उतरना होगा, जनता के लिए अच्छे फैसले
लेने होंगे तथा इन्हें जनता को आर्थिक, सामाजिक और कानूनी सुरक्षा प्रदान करने
होंगें। चुनाव के दरम्यान जनता से किये गए वादे को पूरा करने होंगे क्योंकि अब साफ़
हो गया है कि नरेंद्र मोदी जैसे नेता को जब झारखण्ड के जनता ने अस्विकार कर दिया
है। राहुल गाँधी जैसे नेता पर विश्वास जताने का साहस दिखाया है। इस हिसाब से इनकी
जिम्मेदारी इस चुनाव परिणाम के बाद पहले से बढ़ जाता है। अब बोलने के साथ-साथ काम करके
दिखानेवाले नेता की जरूरत हो गई है ऐसा लगता है! झारखण्ड के विधानसभा चुनावी समर
में सभी नेता ने अपनी- अपनी बात जनता के सामने रखे, इसमें जिसकी जीत हुई उसकी बात
जनता की आवाज समझकर हम इसे याद दिलाने का प्रयास करते हैं कि झारखण्ड के आवाम अपनी
सरकार से काम के सिलसिले में सवाल पुछने में संकोच न करें। भारत के प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी जो चुनावी मैदान में अपनी पार्टी के लिए प्रचार-प्रसार कर रहे थे और
कांग्रेस व इसके समर्थकों गठबंधन पर आक्रामकता के साथ हमला कर रहे थे उसी समय
कांग्रेस गठबंधन के युवा नेता राहुल गाँधी ने एक चुनावी सभा के सम्बोधन में मोदी
के कारनामे का पोल खोल कर रख दिया था इनका यह भाषण झारखण्ड के जनता के लिए सबक बना
हीं देश के जनता को भी इसपर ध्यान देना चाहिए।
कांग्रेस गठबंधन के
युवा नेता राहुल गाँधी झारखण्ड के गोड्डा (महगांव) के चुनावी मंच से जनता को
संबोधन करते हुए उन्होंने जनता से पुछा कि यहाँ पानी की समस्या कैसी है, पीने का
पानी मिल रहा है और साफ पानी मिल रहा है? इस पर जनता ने जोर देकर बोला था कि नहीं
मिल रहा है। आगे राहुल गाँधी कहते हैं कि आप अपने आप से पुछा कि 21वीं शदी में साफ
पानी क्यों नहीं मिल रहा है। आप लोग गरीब हैं लेकिन आपका यह झारखण्ड राज्य बहुत
धनवान है यह सम्पति से भरा राज्य है फ़िर भी आपको पानी नहीं मिल रहा है। देखा जाय
तो यह जनता के द्वारा कोई भाषण का जवाब नहीं था बल्कि आवाम का दर्द भरा आवाज था
जिसपर गाँधी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरन टीम को इस पर का करना होगा जनता को इस
समस्या से निज़ात दिलाना होगा।
नोटबंदी के द्वारा
जनता का आँख खोलने का प्रयास करता हुए राहुल गाँधी बताते हैं कि नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री बने तो पहला काम देश में नोटबंदी किया। यदि नोटबंदी को भूल गए तो याद
कीजिये इसके माध्यम से हीं गरीब जनता के जेब से पैसा निकालने का काम किया गया। जब
आपलोग लाइन में खड़े थे तो मोदी ने यह लड़ाई कालेधन के खिलाफ़ है बताकर आपको चुप करा
दिया। लेकिन इस लाइन में अदानी ज़ी या किसी अरबपति को लाइन में खड़ा होते नहीं देखा
केवल किसान, मजदूर, छोटे दुकानदार, बेरोजगार और आप लोग लाइन में खड़े थे। आपको
मालूम होना चाहिए कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ज़ी ने आपका लाखो करोड़
रुपया लेकर देश के पन्द्रह पूंजपतियों को दे दिया है। पिछले पांच सालों में
नरेंद्र मोदी ने तीन लाख पचास हजार करोड़ रूपये हिंदुस्तान के दस – पन्द्रह
अरबपतियों का कर्जा माफ़ करने का काम किया है। कुछ दिनों पहले एक लाख पचास हजार
करोड़ रूपये टैक्स को माफ़ करने का काम किया है। इतना हीं नहीं साठ हजार करोड़ रूपये
टेलीफोन कम्पनियों को माफ़ कर दिया गया है अब इतना- इतना पैसा भारत के अरबपतियों को
माफ़ किया जायेगा तो आपके घरों में साफ़ पानी कैसे मिलेगा। मोदी सरकार सिर्फ आपका
पैसा छिनकर अरबपतियों को देने का काम किया है और इस बात को हमे समझना बहुत जरुरी
है।
लैंड बैंक बनाकर
इसके माध्यम से आपका जमीन चौबीस घंटा के अन्दर छीन लिया जाता है। जबकि छतीसगढ़ में
हमारी सरकार है, वहां ऐसे नही किया जाता। हमारी सरकार छतीसगढ़ में जमीन मालिकों को
मार्केट रेट से चार गुना अधिक पैसा देती है और जमीन मालिकों से पूछने के बाद हीं
उनका जमीन सरकार लेती है। यदि सरकार जमीन लेकर किसी कम्पनी को देती है और वह
कम्पनी पांच साल के अन्दर उस जमीन पर अपना काम शुरू नहीं करती है तो उस स्थिति में
उन जमीनों को फ़िर से जमीन मालिकों को लौटा दिया जाता है। हाल की घटना है छतीसगढ़ में
दुनिया के प्रतिष्ठित कम्पनी टाटा को जमीन दिया गया, लेकिन इस कम्पनी ने पांच साल
के अन्दर काम शुरू नहीं किया जिसके बाद हमारी सरकार ने इस अधिग्रहण जमीन को जमीन
मालिकों व आदिवासियों को लौटा दिया। हमारी सरकार वाले राज्यों में मनरेगा चल रहा
है जिससे आपलोगों को रोजगार दिया जा रहा। राज्य के किसानों को सही एम.एस.पी दिया
जा रहा है। छतीसगढ़ में 2500 रूपये क्विंटल के हिसाब से धान का एमएसपी रेट किसानों
को दिया जा रहा है। जबकि आपके झारखण्ड में 1300 रूपये के हिसाब से धान का एमएसपी
रेट यहाँ के किसानों को दिया जा रहा है। किसान भाइयों आप सोचिये कि 2500 और 1300
के बिच का पैसा कहाँ जा रहा है। आज मीडिया भी हमारा नहीं है इसलिए हम आपके टीवी पर
नहीं दिखते हैं। जबकि मोदी ज़ी खूब नजर आते होंगें क्योंकि मीडिया भारत के चुनिंदा
अरबपतियों का है और हमारे मोदी ज़ी इन भारत के अरबपतियों के लिए काम करते हैं, आपसे
पैसा छिनकर इनको देते हैं, इसलिए आपके टीवी पर मोदी ज़ी दिखते हैं।
