बिहार के युवा विपक्ष नेता तेजस्वी यादव ने मोदी का एनआरसी और एनपीआर फैक्टर पर जोरदार प्रहार करते हुए इस कानून के खिलाफ़ जनता को सम्बोधन किया, उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी अपील किया कि वह भी इस अभियान में जनता का साथ दें। यह अधिनियम हमारे देशहित के खिलाफ़ है, इससे देश टूटेगा बनने नहीं जा रहा है । इनके इस भाषण पर मौजूद आवाम ने खुलकर स्वागत किया तालियां बजाकर इस नेता का जोरदार समर्थन का अहसास दिलाया।
नरेंद्र मोदी जब प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने सबसे पहले देश में नोटबंदी को लागू किया जिसका भी विपक्ष लोगों ने खुलकर विरोध किया, बड़े-बड़े अधिकारी भी नोटबंदी को गलत फैसला बताते रहे लेकिन मोदी किसी का एक भी नहीं सुने और देश में नोटबंदी को लागू कर दिया। जिसके परिणाम से अब पूरा देश अवगत हो चुका है। मोदी ने उस समय कहा था कि मेरे नियत में कोई खोट हो तो मुझे बताना! तो क्या पांच सौ एवं एक हजार के नोट को बंद करके दो हजार का नोट को चलन में लाना इनके नियत पर सवाल खड़ा नहीं करता है? इस बात को मोदी ज़ी के द्वारा दरकिनार कर देने से या न कहने से सही नहीं हो सकता। यदि नोटबंदी पर इनका नियत सही होता तो दो हजार के नोट को चलन में लाने की जरूरत नहीं थी। मोदी से पहले भारत में नोटबंदी हो चुका था, उस समय पांच और दस हजार के नोटों को बंद किया गया था जिसके बाद एक हजार के नोट को प्रचलन में लाया गया जिसे मोदी ने बंद करके दो हजार के नोट को प्रचलन में लाया। यह किस उद्देश्य से किया गया मोदी ज़ी हीं बता सकते हैं क्योंकि देश मोदी के सभी फैसले को सहने को तैयार है।
नेता तेजस्वी यादव का मानना है कि जिस प्रकार से नोटबंदी से पूरा देश और देश के जनता तबाह हो गए तथा देश का कोई फायदा नहीं हुआ बल्कि नुकसान हुआ, उसी प्रकार मोदी का एनआरसी और एनपीआर से भी होनेवाला है। यह सच भी है कि आज तक मोदी का कोई फैसला रंग नहीं लाया है, इनके फैसले से देश का सिर्फ नुकसान और परेशानी के अलावा कुछ भी नहीं मिला है फ़िर भी मोदी एक पर एक फैसले लेते जा रहे हैं ।