नंगे पांव और साड़ी में दौड़कर रचा इतिहास: गरीबी को पछाड़ होमगार्ड भर्ती में सफल हुई रामगढ़ की बेटी विशेष रिपोर्ट: इरादे अगर फौलादी हों और दिल में कुछ कर गुजरने का जुनून हो, तो कोई भी बाधा मंजिल का रास्ता नहीं रोक सकती। अभाव और गरीबी इंसान के शरीर को तो थका सकती है, लेकिन सपनों को उड़ान भरने से नहीं रोक सकती। इसका एक बेहद प्रेरणादायक और जीवंत उदाहरण देखने को मिला झारखंड के रामगढ़ जिले में आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा में, जहां एक गरीब परिवार की बेटी ने आधुनिक संसाधनों की कमी के बावजूद अपने जज्बे से इतिहास रच दिया। संसाधनों का अभाव, पर हौसलों की उड़ान आज के समय में जब खेल और शारीरिक परीक्षाओं के लिए युवा महंगे स्पोर्ट्स शूज़, स्पोर्ट्स ट्राउजर और विशेष ट्रेनिंग किट पर निर्भर रहते हैं, वहीं इस बेटी के पास दौड़ में शामिल होने के लिए न तो दौड़ने वाले जूते थे और न ही स्पोर्ट्स ट्राउजर। आर्थिक तंगी का आलम यह था कि वह साधारण से कपड़ों में मैदान में पहुंची। लेकिन मजबूरी को अपनी कमजोरी बनाने के बजाय उसने अपनी हिम्मत को अपनी ताकत बनाया। वह जूते और ट्राउजर के बिना ही, भारतीय परंपरा का प्रतीक मा...
नंगे पांव और साड़ी में दौड़कर रचा इतिहास: गरीबी को पछाड़ होमगार्ड भर्ती में सफल हुई रामगढ़ की बेटी विशेष रिपोर्ट: इरादे अगर फौलादी हों और दिल में कुछ कर गुजरने का जुनून हो, तो कोई भी बाधा मंजिल का रास्ता नहीं रोक सकती। अभाव और गरीबी इंसान के शरीर को तो थका सकती है, लेकिन सपनों को उड़ान भरने से नहीं रोक सकती। इसका एक बेहद प्रेरणादायक और जीवंत उदाहरण देखने को मिला झारखंड के रामगढ़ जिले में आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा में, जहां एक गरीब परिवार की बेटी ने आधुनिक संसाधनों की कमी के बावजूद अपने जज्बे से इतिहास रच दिया। संसाधनों का अभाव, पर हौसलों की उड़ान आज के समय में जब खेल और शारीरिक परीक्षाओं के लिए युवा महंगे स्पोर्ट्स शूज़, स्पोर्ट्स ट्राउजर और विशेष ट्रेनिंग किट पर निर्भर रहते हैं, वहीं इस बेटी के पास दौड़ में शामिल होने के लिए न तो दौड़ने वाले जूते थे और न ही स्पोर्ट्स ट्राउजर। आर्थिक तंगी का आलम यह था कि वह साधारण से कपड़ों में मैदान में पहुंची। लेकिन मजबूरी को अपनी कमजोरी बनाने के बजाय उसने अपनी हिम्मत को अपनी ताकत बनाया। वह जूते और ट्राउजर के बिना ही, भारतीय परंपरा का प्रतीक मा...