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सियासत से बड़ा 'साथ'—बंगाल के रण में ममता की 'शक्ति' बने तेजस्वी यादव

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विशेष रिपोर्ट: सियासत से बड़ा 'साथ'—बंगाल के रण में ममता की 'शक्ति' बने तेजस्वी यादव कोलकाता: पश्चिम बंगाल के चुनावी महासमर में जहाँ गठबंधन के कई साथी अपनी राहें जुदा कर चुके हैं, वहीं बिहार के युवा नेतृत्व तेजस्वी यादव ने 'गठबंधन धर्म' की एक ऐसी मिसाल पेश की है जिसकी गूँज पूरे देश में है। राहुल गांधी के तीखे हमलों और कांग्रेस के विरोध के बीच, तेजस्वी यादव ने ममता दीदी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर यह साबित कर दिया कि असली राजनीति पदों के लिए नहीं, बल्कि सिद्धांतों और रिश्तों के लिए की जाती है। "दीदी बंगाल की शेरनी हैं": तेजस्वी का ममता को खुला समर्थन कोलकाता की सड़कों पर जब तेजस्वी यादव और ममता बनर्जी एक साथ नजर आए, तो समर्थकों का उत्साह चरम पर था। तेजस्वी ने न केवल चुनावी रैलियों को संबोधित किया, बल्कि ममता बनर्जी के संघर्ष को देश के लिए मिसाल बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ममता दीदी बंगाल की वह 'शेरनी' हैं जो अकेले दिल्ली की सत्ता को चुनौती दे रही हैं, और संकट के इस समय में उन्हें अकेला छोड़ना गठबंधन धर्म के खिलाफ होता। राजनीति से ऊपर की सोच जहाँ...

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: सुरक्षा या 'अति-सैन्यीकरण'? लोकतंत्र के उत्सव में सेना की अभूतपूर्व मौजूदगी पर उठते सवाल

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पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: सुरक्षा या 'अति-सैन्यीकरण'? लोकतंत्र के उत्सव में सेना की अभूतपूर्व मौजूदगी पर उठते सवाल कोलकाता | समाचार ब्यूरो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान (29 अप्रैल) से ठीक पहले, राज्य के गलियारों में चर्चा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कम और उसके 'पैमाने' को लेकर अधिक हो रही है। इस बार बंगाल की गलियों में जो दृश्य दिख रहे हैं, वे किसी सामान्य राज्य के चुनाव से कहीं अधिक किसी जटिल सैन्य अभियान की याद दिलाते हैं। 2.4 लाख जवान: क्या बंगाल कोई 'नया क्षेत्र' है? निर्वाचन आयोग ने इस बार सुरक्षा के लिए 2,400 कंपनियों (लगभग 2.4 लाख जवान) को तैनात किया है। इतिहास में पहली बार किसी राज्य के चुनाव में इतनी भारी फोर्स उतारी गई है। इसे लेकर आम जनता और विश्लेषकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। तर्क दिया जा रहा है कि इतनी सघन सैन्य तैनाती आमतौर पर केवल उन क्षेत्रों में की जाती है जहाँ या तो पहली बार चुनाव हो रहे हों, या जिनका हाल ही में विलय हुआ हो। बंगाल, जो दशकों से भारतीय लोकतंत्र का एक सक्रिय हिस्सा रहा है, वहाँ मतदान केंद्रों के 1...

"उल्टा टांगने" वाले बयान पर तेजस्वी का अमित शाह को जवाब— "दम है तो ट्रंप को जवाब दें"

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"उल्टा टांगने" वाले बयान पर तेजस्वी का अमित शाह को जवाब— "दम है तो ट्रंप को जवाब दें" बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के अंतिम दौर के प्रचार में भाषा की मर्यादा और व्यक्तिगत हमलों ने राजनीतिक विमर्श को एक नए निचले स्तर पर पहुँचा दिया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा भ्रष्टाचारियों और घुसपैठियों को "उल्टा टांग कर सीधा कर देने" वाले विवादास्पद बयान पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने जबरदस्त पलटवार किया है। तेजस्वी यादव ने अपनी प्रतिक्रिया में भाषा की मर्यादा को लेकर भी काफी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अमित शाह के बयान को पद की गरिमा के खिलाफ बताते हुए कई बातें कहीं: तेजस्वी यादव ने कहा कि एक देश के गृहमंत्री के मुंह से इस तरह की भाषा शोभा नहीं देती। उनका तर्क था कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को संयमित और मर्यादित शब्दों का चुनाव करना चाहिए।  उन्होंने स्पष्ट रूप से "उल्टा टांग देंगे" जैसे शब्दों को "सड़क छाप भाषा" करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के शीर्ष नेता अब राजनीतिक...

आम आदमी पार्टी के सात राज्य सभा सांसद बीजेपी में शामिल हुए। आम आदमी पार्टी में बङी राजनीतिक दरार!

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आम आदमी पार्टी के सात राज्य सभा सांसद बीजेपी में शामिल हुए, आम आदमी पार्टी में बङी राजनीतिक दरार! 24 अप्रैल, 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए एक बहुत बड़ा राजनीतिक झटका लगा जब राज्यसभा में उसके 10 में से 7 सांसदों ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का फैसला किया। इन सांसदों का नेतृत्व राघव चड्ढा कर रहे थे। उन्होंने तर्क दिया कि चूंकि वे कुल सांसदों का दो-तिहाई (2/3) हिस्सा हैं, इसलिए उन पर दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत कार्रवाई नहीं होनी चाहिए और इसे तकनीकी रूप से बीजेपी के साथ विलय माना जाना चाहिए। बीजेपी में शामिल होने वाले सात सांसदों के नाम निम्नलिखित हैं: राघव चड्ढा (पंजाब) संदीप पाठक (पंजाब) अशोक मित्तल (पंजाब) हरभजन सिंह (पंजाब) विक्रमजीत सिंह साहनी (पंजाब) संजीव अरोड़ा (राजिंदर गुप्ता) (पंजाब) स्वाति मालीवाल (दिल्ली) मुख्य बातें: कारण: राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और भ्रष्टाचार विरोधी दावों से भटक गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम करने की इच्छा जताई। ...

मतदान से ठीक पहले राहुल गांधी ने ममता बनर्जी और टीएमसी पर किया तीखा हमला।।

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मतदान से ठीक पहले राहुल गांधी ने ममता बनर्जी और टीएमसी पर किया तीखा हमला।। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान (23 अप्रैल 2026) से ठीक पहले राहुल गांधी ने एक वीडियो संदेश जारी कर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी पर तीखा हमला बोला है।  राहुल गांधी ने सीधे तौर पर कहा कि "अगर ममता जी ने एक साफ-सुथरी सरकार चलाई होती और बंगाल का ध्रुवीकरण (polarisation) नहीं किया होता, तो बीजेपी को राज्य में कदम रखने की जगह ही नहीं मिलती। उन्होंने टीएमसी पर आरोप लगाया कि उनके शासन में भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी बढ़ी है, जिससे जनता परेशान है। हालाँकि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस और टीएमसी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन का हिस्सा रहे हैं, लेकिन बंगाल में कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ रही है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि बंगाल में "विचारधारा की लड़ाई" केवल कांग्रेस ही जीत सकती है।  दिलचस्प बात यह रही कि राहुल गांधी के इस बयान के बाद बंगाल बीजेपी ने उनके वीडियो का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर साझा करते हुए उन्हें "सच्चाई बोलने के लिए धन्यवाद" भी दिया। यह बयान रणनीतिक रूप से काफी ...

गुजरात के दाहोद में शादी का जश्न मातम में बदला: जहरीला भोजन खाने से 400 से अधिक लोग बीमार।।

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गुजरात के दाहोद में शादी का जश्न मातम में बदला: जहरीला भोजन खाने से 400 से अधिक लोग बीमार।। ​ दाहोद, गुजरात गुजरात के दाहोद जिले के अभलोड (Abhlod) गांव में मंगलवार को एक शादी समारोह के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सामूहिक भोज के बाद सैकड़ों मेहमानों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। खबर लिखे जाने तक, फूड पॉइजनिंग (विषाक्त भोजन) के कारण बीमार पड़ने वालों की संख्या 400 के पार पहुंच गई है। ​प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभलोड गांव में एक विवाह समारोह का आयोजन था, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और रिश्तेदार शामिल हुए थे। दोपहर का भोजन करने के करीब एक से दो घंटे बाद, मेहमानों ने पेट दर्द, लगातार उल्टी और तेज घबराहट की शिकायत शुरू की। देखते ही देखते बीमारों की संख्या इतनी बढ़ गई कि गांव में एम्बुलेंस कम पड़ गईं और लोगों को निजी वाहनों व टेंपो के जरिए अस्पताल ले जाना पड़ा। ​प्रारंभिक जांच और मरीजों के बयानों के आधार पर, स्वास्थ्य विभाग का मुख्य संदेह भोजन में परोसी गई पनीर की सब्जी और आम के रस (मैंगो पल्प) पर है। आशंका जताई जा रही है कि भीषण गर्मी के कारण या पनीर की खराब गुणवत्ता की वजह से...