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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर पथराव: कार का शीशा बंद न होता तो सिर फट जाता – ममता बनर्जी।।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर पथराव: कार का शीशा बंद न होता तो सिर फट जाता – ममता बनर्जी।। ​ बैरकपुर (पश्चिम बंगाल)/N5: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और पूर्व मुख्यमन्त्री ममता बनर्जी के काफिले पर असामाजिक तत्वों द्वारा कथित तौर पर पथराव किया गया।  यह घटना उस समय घटी जब वे क्षेत्र में एक TMC कार्यकर्ता से मिलने जा रही थीं। ​इस घटना का एक वीडियो सामने आने के बाद तृणमूल सांसद डोला सेन द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार, मुख्यमंत्री की गाड़ी को निशाना बनाकर भारी पत्थरबाजी की गई। ​ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल और मुख्यमंत्री का बयान ​घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुलिस की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।  ममता बनर्जी के अनुसार;  "पुलिस की मौजूदगी के बावजूद असामाजिक तत्वों ने मेरी गाड़ी पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके। यह हमला इतना भीषण और जोरदार था कि अगर कार की खिड़कियां खुली होतीं, तो मेरा सिर फट सकता था।" ​ घटना का विवरण इसप्रकार से है। ​स्थान: बैरकपुर, उत्तर 24 परगना (पश्चिम बंगाल) ​उ...

राहुल गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन का विश्लेषण: साधुओं की हिरासत, पूर्व कार्यकर्ताओं का आक्रोश और गहराता राजनीतिक गतिरोध

राहुल गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन का विश्लेषण: साधुओं की हिरासत, पूर्व कार्यकर्ताओं का आक्रोश और गहराता राजनीतिक गतिरोध।। ​ नई दिल्ली/OPINION/N5: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी के नई दिल्ली स्थित आवास के बाहर शुक्रवार को हुए एक अप्रत्याशित घटनाक्रम ने राष्ट्रीय राजधानी के राजनीतिक पारे को बढ़ा दिया है।  उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में साधु-संतों और महिलाओं सहित प्रदर्शनकारियों के एक समूह द्वारा अचानक किए गए इस प्रदर्शन के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 8 लोगों को हिरासत में ले लिया।  इस घटना के पीछे के कारणों, आंतरिक पार्टी असंतोष और वर्तमान राजनीतिक संदर्भ का विस्तृत विश्लेषण निम्नलिखित बताए जा रहे है: ​1. सुरक्षा उल्लंघन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ​नई दिल्ली के लुटियंस जोन में स्थित नेता प्रतिपक्ष का आवास एक अति-संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्र माना जाता है। धारा 144/निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद, साधु-संतों का वेश धारण किए प्रदर्शनकारी और महिलाएं वहां तक पहुंच गईं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, किसी भी अप्रिय घटना और कानून-व्यवस्था के उल्लंघन को रोकने के लिए ...

रांची में प्रदर्शन के दौरान AISA की प्रदेश अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी गई; पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया।।

रांची में प्रदर्शन के दौरान AISA की प्रदेश अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी गई; पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया।। ​रांची/झारखंड/N5: झारखंड की राजधानी रांची में परीक्षा में धांधली और नौकरियों में गड़बड़ियों को लेकर झारखंड विधानसभा तक निकाले जा रहे विरोध मार्च के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की प्रदेश अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक व्यक्ति द्वारा स्याही फेंकने का मामला सामने आया है। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद पुलिस बलों ने आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया है। ​ नेहा बोरा  #NehaBora घटनाक्रम का विवरण ।। ​परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों और युवा संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। मार्च के दौरान अचानक एक युवक सामने आया और उसने नेहा बोरा के चेहरे पर सीधे स्याही फेंक दी। ​स्याही फेंकने वाले युवक की पहचान अमर पांडे के रूप में हुई है। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अमर पांडे को मौके से हिरासत में ले लिया और पूछताछ के लिए थाने ले गई। ​ नेहा बोरा #NehaBora और आरोपी के बयान। । ​घटना के बाद नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि यह हमला राजनीतिक...

प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली का विरोध: अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को मिला सोनम वांगचुक का समर्थन।।

प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली का विरोध: अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को मिला सोनम वांगचुक का समर्थन।। ​ रांची (झारखंड)/N5: झारखंड में JPSC, JSSC-CGL और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित धांधली व पेपर लीक के विरोध में आंदोलन तेज हो गया है।  रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 25 जुलाई से जारी सत्याग्रह और 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को प्रसिद्ध पर्यावरणविद और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक का समर्थन मिला है। ​"बिना पानी की हड़ताल आत्महत्या जैसी": सोनम वांगचुक। ​सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के जरिए छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से बातचीत कर उनका हाल-चाल जाना। गिरते स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए वांगचुक ने उनसे जल ग्रहण करने की अपील की।  वांगचुक ने कहा, "कृपया थोड़ा पानी पी लीजिए, बिना पानी के हड़ताल करना आत्महत्या जैसा है। इस तरह की लड़ाइयों में समय लगता है, इसमें 2-3 हफ्ते भी लग सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि सरकार स्थिति की गंभीरता को समझेगी और सही फैसला लेगी।" ​बातचीत के दौरान देवेंद्र नाथ महतो...

"ये लोग संसद नहीं आ रहे, हमें चंदा चोरी का मुद्दा उठाना है": संसद परिसर में गरजीं सपा सांसद डिंपल यादव।।

"ये लोग संसद नहीं आ रहे, हमें चंदा चोरी का मुद्दा उठाना है": संसद परिसर में गरजीं सपा सांसद डिंपल यादव।। ​नई दिल्ली/N5: संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी राजनीतिक खींचतान जारी है। समाजवादी पार्टी (सपा) की मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार और शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। ​"संसद से भाग रहे हैं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री" ​संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान सपा सांसद डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि देश के महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने और जवाबदेही से बचने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री संसद नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा, "ये लोग संसद नहीं आ रहे हैं, हमें संसद के अंदर 'चंदा चोरी' का मुद्दा उठाना है और इस पर विस्तृत बहस करनी है।" ​ चंदा चोरी को लेकर विपक्षी सांसदों का लगातार प्रदर्शन ​उल्लेखनीय है कि पिछले कई दिनों से समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के सांसद संसद परिसर में 'चंदा चोरी' के मुद्दे पर लगातार विरोध प्रदर्शन और सत्याग्रह कर रहे हैं। विपक्षी स...

"बांकीपुर की हार के बाद BJP कार्यकर्ताओं के पास कुछ नहीं बचा, मिला 12 साल का रिटर्न गिफ्ट-अखिलेश यादव का तंज।।"

"बांकीपुर की हार के बाद BJP कार्यकर्ताओं के पास कुछ नहीं बचा, मिला 12 साल का रिटर्न गिफ्ट-अखिलेश यादव का तंज।।" नई दिल्ली/Politics/N5: ​समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बांकीपुर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की हार को लेकर सत्ताधारी दल पर जोरदार सियासी हमला बोला है। उन्होंने बांकीपुर के चुनावी नतीजों को भाजपा के 12 साल के शासन का "रिटर्न गिफ्ट" करार दिया। ​ अखिलेश यादव का इस उपचुनाव को लेकर भाजपा पर  तीखा प्रहार।  ​भाजपा पर निशाना साधते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा: ​"बांकीपुर की हार के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के पास कुछ बाकी बचा नहीं है। 12 साल का ही रिटर्न गिफ्ट मिला है बीजेपी को।" ​ अखिलेश यादव- भाजपा सत्ताधारी दल में निराशा का माहौल। ​अखिलेश यादव ने दावा किया कि इस हार के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं में गहरा हताशा का माहौल है। जनता ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए भाजपा को उनके पिछले 12 सालों की नीतियों और कामकाज का करारा जवाब दिया है। ​उन्होंने आगे कहा कि जनता का मूड बदल चुका है और यह नतीजा साफ ...