Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) एक्ट के तहत दंपति अपराधी को मिली फांसी की सजा- उत्तर प्रदेश ।।
Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) एक्ट के तहत दंपति अपराधी को मिली फांसी की सजा- उत्तर प्रदेश ।। यह खबर उत्तर प्रदेश के झांसी की एक अत्यंत गंभीर और हृदयविदारक कानूनी घटना से जुड़ी है। यह मामला समाज और न्याय व्यवस्था के लिए एक बड़ा उदाहरण बना है। झांसी के एक दंपत्ति (पति और पत्नी) इन दोनों पर एक या दो नहीं, बल्कि 33 बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न (Sexual Assault) करने का दोष सिद्ध हुआ है। यह शोषण कई सालों तक चलता रहा, जहाँ बच्चों को डरा-धमकाकर उनका उत्पीड़न किया जाता था। पॉक्सो अदालत ने इस मामले को ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ (Rarest of rare) माना। अदालत ने अपराध की भयावहता को देखते हुए पति और पत्नी दोनों को फांसी की सजा सुनाई है। फांसी के साथ-साथ उन पर भारी आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। आमतौर पर ऐसे मामलों में उम्रकैद होती है, लेकिन 33 बच्चों के साथ क्रूरता को देखते हुए मौत की सजा देना अपराधियों के लिए एक सख्त चेतावनी है। जो यह दिखाता है कि Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) एक्ट के तहत बच्चों की सुरक्षा के लिए कानून कितने सख्त कदम उठा सकता है। यह इतनी बड़ी स...