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नौ दिनों तक छाती पर कलश रखकर कठिन साधना करने वाली महिला व्रती की संदिग्ध परिस्थिति में मौत

शैलेन्द्र कुमार, सुपौल (बिहार):  शारदीय नवरात्र के दौरान आस्था और कठिन साधना का एक दुखद अंत सामने आया है। सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज में नौ दिनों तक सीने पर कलश स्थापित कर मां दुर्गा की आराधना करने वाली 35 वर्षीय महिला व्रती की अनुष्ठान संपन्न होने के अगले दिन अचानक मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद से ही मृतका के घर में कोहराम मचा हुआ है और पूरा इलाका शोक संतप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर-4 की रहने वाली सचिता देवी (35 वर्ष), पत्नी वीरेंद्र यादव के रूप में हुई है। सचिता देवी ने शारदीय नवरात्र के पहले दिन से त्रिवेणीगंज बाजार स्थित प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर परिसर में अपनी छाती पर कलश स्थापित कर अखंड साधना शुरू की थी। पूरे नौ दिनों तक उन्होंने बिना हिले-डुले और कठिन नियमों का पालन करते हुए धार्मिक अनुष्ठान पूरा किया। मंगलवार को अनुष्ठान की समाप्ति पर वे सकुशल अपने घर लौटी थीं, जिससे परिवार में खुशी और धार्मिक उत्सव का माहौल था। "घटनाक्रम एक नज़र में: 9 दिनों की कठिन साधना: मंदिर परिसर में सीने पर कलश रखकर पूजा। अनुष्ठान का सम...

नौ दिनों तक छाती पर कलश रखकर कठिन साधना करने वाली महिला व्रती की संदिग्ध परिस्थिति में मौत

शैलेन्द्र कुमार, सुपौल (बिहार):  शारदीय नवरात्र के दौरान आस्था और कठिन साधना का एक दुखद अंत सामने आया है। सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज में नौ दिनों तक सीने पर कलश स्थापित कर मां दुर्गा की आराधना करने वाली 35 वर्षीय महिला व्रती की अनुष्ठान संपन्न होने के अगले दिन अचानक मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद से ही मृतका के घर में कोहराम मचा हुआ है और पूरा इलाका शोक संतप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर-4 की रहने वाली सचिता देवी (35 वर्ष), पत्नी वीरेंद्र यादव के रूप में हुई है। सचिता देवी ने शारदीय नवरात्र के पहले दिन से त्रिवेणीगंज बाजार स्थित प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर परिसर में अपनी छाती पर कलश स्थापित कर अखंड साधना शुरू की थी। पूरे नौ दिनों तक उन्होंने बिना हिले-डुले और कठिन नियमों का पालन करते हुए धार्मिक अनुष्ठान पूरा किया। मंगलवार को अनुष्ठान की समाप्ति पर वे सकुशल अपने घर लौटी थीं, जिससे परिवार में खुशी और धार्मिक उत्सव का माहौल था। "घटनाक्रम एक नज़र में: 9 दिनों की कठिन साधना: मंदिर परिसर में सीने पर कलश रखकर पूजा। अनुष्ठान का सम...

बिहार के भागलपुर में सनसनीखेज डबल मर्डर: सोते समय पति-पत्नी को गोलियों से भूंजा, इलाके में दहशत

शैलेन्द्र कुमार, भागलपुर/नवगछिया: बिहार के भागलपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ बेखौफ अपराधियों ने सो रहे दंपत्ति की गोली मारकर बर्बरतापूर्वक हत्या कर दी। इस दोहरे हत्याकांड (डबल मर्डर) की घटना से पूरे इलाके में सनसनी और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। देर रात की खूनी वारदात यह खूनी वारदात नवगछिया पुलिस जिले के इसमाईलपुर (इसमाईलपुर हटिया) इलाके में घटी। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना 22 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच अंजाम दी गई। बताया जा रहा है कि अज्ञात अपराधियों ने पहले घर में सो रहे रंजन मंडल पर अंधाधुंध गोलियाँ बरसाईं। इसके बाद अपराधियों ने उनकी पत्नी किरण देवी को भी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। चाय-नाश्ते की दुकान चलाकर करते थे गुजर-बसर प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मृतक पति-पत्नी (रंजन मंडल और किरण देवी) स्थानीय स्तर पर चाय-नाश्ते की दुकान चलाकर अपने परिवार का गुजर-बसर करते थे। वे एक सीधे-सादे और मेहनती परिवार से ताल्लुक रखते थे। इस तरह अचानक हुई उनकी हत्या से न केवल उनका परिवार पूरी तरह टूट गया है, बल्कि आसपास के व्यापारी और ग्रामीण भी गहर...

सम्पादकीय: शिक्षामित्रों का संघर्ष और अखिलेश यादव की दूरदर्शी पहल

"यह शिक्षामित्र वाली आधी-अधूरी योजना भी भारतीय जनता पार्टी ने शुरू की थी, हम उन्हें पूरा शिक्षक बनाकर सरकारी नौकरी देने का काम करेंगे- पूर्व मुख्य मंत्री माननीय अखिलेश यादव जी।"  भारतीय राजनीतिक पटल पर जब भी वंचितों, शोषितों और जमीनी स्तर के मेहनतकशों के अधिकारों की बात आती है, तो नेतृत्व की संवेदनशीलता सबसे बड़ा पैमाना बन जाती है। हाल ही में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा शिक्षामित्रों के संदर्भ में की गई घोषणा ने राज्य की राजनीति में एक नई हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि "यह शिक्षामित्र वाली आधी-अधूरी योजना भी भारतीय जनता पार्टी ने शुरू की थी, हम उन्हें पूरा शिक्षक बनाकर सरकारी नौकरी देने का काम करेंगे।"  यह बयान केवल एक राजनीतिक वादा भर नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के उस विशाल शिक्षक वर्ग के दर्द पर मरहम लगाने का प्रयास है, जिसने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को तब संभाला जब राज्य विकट और चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा था। विकट समय के सारथी, शिक्षामित्रों का अतुलनीय योगदान;  उत्त...

अखिलेश यादव के फैसले पर उठे सवाल: सोशल मीडिया यूजर्स ने तर्क के साथ दिखाया आईना, शिक्षा मित्र और शिक्षक भर्तियों को लेकर छिड़ी बहस

शैलेन्द्र कुमार  लखनऊ, उत्तर प्रदेश: भारतीय राजनीति में सोशल मीडिया अब केवल संवाद का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह नेताओं के बयानों, नीतियों और फैसलों की समीक्षा और आलोचना का एक बड़ा मंच बन चुका है। हाल ही में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा दिए गए एक बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में शिक्षक भर्ती, शिक्षामित्रों के भविष्य और चुनावी नफा-नुकसान के समीकरणों को केंद्र में ला दिया है। "ये शिक्षामित्र वाली आधी अधूरी योजना भी भारतीय जनता पार्टी ने शुरू की थी, हम उन्हें पूरा शिक्षक बनाकर सरकारी नौकरी देने का काम करेंगे- अखिलेश यादव।" समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव का आधिकारिक रुख समाजवादी पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का एक बयान साझा किया गया था। इस बयान में अखिलेश यादव ने कहा था— "ये शिक्षामित्र वाली आधी अधूरी योजना भी भारतीय जनता पार्टी ने शुरू की थी, हम उन्हें पूरा शिक्षक बनाकर सरकारी नौकरी देने ...

नौ दिनों तक छाती पर कलश रखकर कठिन साधना करने वाली महिला व्रती की संदिग्ध परिस्थिति में मौत

शैलेन्द्र कुमार, सुपौल (बिहार):  शारदीय नवरात्र के दौरान आस्था और कठिन साधना का एक दुखद अंत सामने आया है। सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज में नौ दिनों तक सीने पर कलश स्थापित कर मां दुर्गा की आराधना करने वाली 35 वर्षीय महिला व्रती की अनुष्ठान संपन्न होने के अगले दिन अचानक मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद से ही मृतका के घर में कोहराम मचा हुआ है और पूरा इलाका शोक संतप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर-4 की रहने वाली सचिता देवी (35 वर्ष), पत्नी वीरेंद्र यादव के रूप में हुई है। सचिता देवी ने शारदीय नवरात्र के पहले दिन से त्रिवेणीगंज बाजार स्थित प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर परिसर में अपनी छाती पर कलश स्थापित कर अखंड साधना शुरू की थी। पूरे नौ दिनों तक उन्होंने बिना हिले-डुले और कठिन नियमों का पालन करते हुए धार्मिक अनुष्ठान पूरा किया। मंगलवार को अनुष्ठान की समाप्ति पर वे सकुशल अपने घर लौटी थीं, जिससे परिवार में खुशी और धार्मिक उत्सव का माहौल था। "घटनाक्रम एक नज़र में: 9 दिनों की कठिन साधना: मंदिर परिसर में सीने पर कलश रखकर पूजा। अनुष्ठान का सम...

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सम्पादकीय: शिक्षामित्रों का संघर्ष और अखिलेश यादव की दूरदर्शी पहल

"यह शिक्षामित्र वाली आधी-अधूरी योजना भी भारतीय जनता पार्टी ने शुरू की थी, हम उन्हें पूरा शिक्षक बनाकर सरकारी नौकरी देने का काम करेंगे- पूर्व मुख्य मंत्री माननीय अखिलेश यादव जी।"  भारतीय राजनीतिक पटल पर जब भी वंचितों, शोषितों और जमीनी स्तर के मेहनतकशों के अधिकारों की बात आती है, तो नेतृत्व की संवेदनशीलता सबसे बड़ा पैमाना बन जाती है। हाल ही में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा शिक्षामित्रों के संदर्भ में की गई घोषणा ने राज्य की राजनीति में एक नई हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि "यह शिक्षामित्र वाली आधी-अधूरी योजना भी भारतीय जनता पार्टी ने शुरू की थी, हम उन्हें पूरा शिक्षक बनाकर सरकारी नौकरी देने का काम करेंगे।"  यह बयान केवल एक राजनीतिक वादा भर नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के उस विशाल शिक्षक वर्ग के दर्द पर मरहम लगाने का प्रयास है, जिसने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को तब संभाला जब राज्य विकट और चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा था। विकट समय के सारथी, शिक्षामित्रों का अतुलनीय योगदान;  उत्त...

अखिलेश यादव के फैसले पर उठे सवाल: सोशल मीडिया यूजर्स ने तर्क के साथ दिखाया आईना, शिक्षा मित्र और शिक्षक भर्तियों को लेकर छिड़ी बहस

शैलेन्द्र कुमार  लखनऊ, उत्तर प्रदेश: भारतीय राजनीति में सोशल मीडिया अब केवल संवाद का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह नेताओं के बयानों, नीतियों और फैसलों की समीक्षा और आलोचना का एक बड़ा मंच बन चुका है। हाल ही में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा दिए गए एक बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में शिक्षक भर्ती, शिक्षामित्रों के भविष्य और चुनावी नफा-नुकसान के समीकरणों को केंद्र में ला दिया है। "ये शिक्षामित्र वाली आधी अधूरी योजना भी भारतीय जनता पार्टी ने शुरू की थी, हम उन्हें पूरा शिक्षक बनाकर सरकारी नौकरी देने का काम करेंगे- अखिलेश यादव।" समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव का आधिकारिक रुख समाजवादी पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का एक बयान साझा किया गया था। इस बयान में अखिलेश यादव ने कहा था— "ये शिक्षामित्र वाली आधी अधूरी योजना भी भारतीय जनता पार्टी ने शुरू की थी, हम उन्हें पूरा शिक्षक बनाकर सरकारी नौकरी देने ...