तेजप्रताप का 'दही-चूड़ा' कूटनीति—सियासी शिष्टाचार या नए समीकरणों की आहट?
तेजप्रताप का 'दही-चूड़ा' कूटनीति—सियासी शिष्टाचार या नए समीकरणों की आहट? पटना | N5Bharat विश्लेषण बिहार की राजनीति में मौसम के साथ-साथ मिजाज बदलने की परंपरा पुरानी है। मकर संक्रांति का त्योहार राज्य में केवल तिल-गुड़ और पतंगबाजी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह वह दौर होता है जब सियासी 'खिचड़ी' पकने की शुरुआत होती है। इस साल इस सियासी रसोई के केंद्र में हैं— तेजप्रताप यादव । जनशक्ति जनता दल (JJD) के अध्यक्ष और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने 14 जनवरी को अपने आवास (26M, स्ट्रैंड रोड) पर भव्य 'दही-चूड़ा भोज' का आयोजन किया है। लेकिन चर्चा खाने के मेन्यू की नहीं, बल्कि 'मेहमानों की सूची' की है। आरजेडी से दूरी और एनडीए से नजदीकी? सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तेजप्रताप खुद चलकर एनडीए के दिग्गज नेताओं के दरवाजे तक पहुंचे हैं। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, सम्राट चौधरी, मंत्री अशोक चौधरी और जीतन राम मांझी के सुपुत्र संतोष सुमन को व्यक्तिगत रूप से न्योता देना महज 'शिष्टाचार' नहीं दिखता। हाल के दिनों में आरजेडी और अपने परिवार से कथित तौर पर 'क...