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भारत किससे खरीदे तेल । बङा सवाल और बङा फैसला। किसका पलरा भारी। रूस या वेनेजुएला।।

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भारत किससे खरीदे तेल । बङा सवाल और बङा फैसला। किसका पलरा भारी। रूस या वेनेजुएला।। फरवरी 2026 में हुए भारत-अमेरिका ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या भारत को रुस से तेल खरीदना चाहिए कि वेनेजुएला से। यह एक बङा सवाल बनकर भारत के समाने खङा है । तो चलिए इस सवाल को जानने का प्रयास करते हैं। इस लेख में हम जानने का प्रयास करेंगे कि भारत के लिए क्या फायदे का सौदा रहेगा वेनेजुएला या रूस या फिर तीसरा विकल्प की दोनों से थोङा-थोङा खरीदा जाय। तो चलिये जानते हैं। रूस से तेल खरीदने के फायदेः रूस पर लगे पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण, वह भारत को अंतरराष्ट्रीय बाजार (Brent Crude) की तुलना में $6 से $10 प्रति बैरल तक की छूट के साथ भारत को ऑयल दे रहा है ।  इससे भारत के 'आयात बिल' (Import Bill) में अरबों डॉलर की बचत होती है, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रहता है और इसमें इजाफा भी हो रहा है। आर्थिक दवाबः यह भारत के लिए कई तरह से फायदा पहुंचचा रहा है । जिसमें एक है महंगाई। भारत अपनी ज़रूरत का लगभग 85% तेल आयात करता है। अगर भारत महंगे अमेरिकी तेल की ओर पूरी तरह मुड़ता ...

UGC 2012 Rule: SC/ST छात्रों के लिए सुरक्षा कवच या 'कागजी शेर'? जानिए क्यों उठ रही है इसे खत्म करने की मांग

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UGC 2012 Rule: SC/ST छात्रों के लिए सुरक्षा कवच या 'कागजी शेर'? जानिए क्यों उठ रही है इसे खत्म करने की मांग नई दिल्ली/ब्यूरो: उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक न्याय और समानता के दावों के बीच एक पुरानी बहस फिर से जीवंत हो गई है। मामला विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के 2012 के उन नियमों का है, जो अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों की सुरक्षा के लिए बनाए गए थे। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा UGC के नए 2026 नियमों पर 'स्टे' (Stay) लगाने और 2012 के पुराने नियमों को ही प्रभावी रखने के फैसले ने वंचित वर्ग के छात्रों और विचारकों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। विशेषज्ञों और छात्र संगठनों का तर्क है कि 2012 का यह नियम SC/ST छात्रों को न्याय दिलाने में पूरी तरह विफल रहा है और इसे "लहूलुहान" करने वाला कानून कहना गलत नहीं होगा। क्या है 2012 का UGC नियम? वर्ष 2012 में UGC ने "उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना" (Promotion of Equity) विनियम अधिसूचित किया था। इसका उद्देश्य परिसरों में जाति-आधारित भेदभाव को रोकना था। इसके तहत: हर ...

भारी बर्फबारी में फंसे 2900 यात्रियों के लिए 'मसीहा' बनी भारतीय रेलवे; कटड़ा-श्रीनगर के बीच चलाया 'रेस्क्यू' ऑपरेशन

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भारी बर्फबारी में फंसे 2900 यात्रियों के लिए 'मसीहा' बनी भारतीय रेलवे; कटड़ा-श्रीनगर के बीच चलाया 'रेस्क्यू' ऑपरेशन श्रीनगर/जम्मू: जम्मू-कश्मीर में कुदरत के सफेद सितम (भारी बर्फबारी) के बीच जहाँ सड़क और हवाई रास्ते पूरी तरह ठप हो गए, वहीं भारतीय रेलवे ने हजारों पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए 'लाइफलाइन' का काम किया है। पिछले 48 घंटों में उत्तरी रेलवे (Northern Railway) ने एक विशेष रेस्क्यू अभियान चलाकर 2,900 से अधिक फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुँचाया। जब रास्ते हुए बंद, तब पटरियों ने दिया साथ जनवरी के अंतिम सप्ताह में कश्मीर घाटी में हुई भारी बर्फबारी के कारण श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे (NH-44) कई जगहों पर लैंडस्लाइड और बर्फ जमा होने के कारण बंद हो गया। साथ ही, कम दृश्यता (low visibility) की वजह से श्रीनगर एयरपोर्ट से उड़ानें भी रद्द कर दी गईं। ऐसे में हजारों सैलानी कटड़ा और श्रीनगर में फंस गए थे। मुसीबत की इस घड़ी में उत्तरी रेलवे ने तत्परता दिखाते हुए दो जोड़ी विशेष आरक्षित ट्रेनें (Special Reserved Trains) चलाने का निर्णय लिया। ये ट्र...

बंगाल में 'ग्रीन फाइल' पर घमासान, ममता बनर्जी का ED के खिलाफ सड़क पर संग्राम ।।

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बंगाल में 'ग्रीन फाइल' पर घमासान, ममता बनर्जी का ED के खिलाफ सड़क पर संग्राम ।। कोलकाता: पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सियासी पारा अपने चरम पर पहुँच गया है। गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को कोलकाता में जो हुआ, उसने भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय लिख दिया है। कोयला तस्करी मामले की जाँच के नाम पर जब ED की टीम ने I-PAC (TMC की चुनावी रणनीतिकार फर्म) और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापेमारी की, तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुँच गईं। पश्चिम बंगाल की राजनीति में जनवरी 2026 की शुरुआत एक बड़े सियासी भूचाल के साथ हुई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बीच का टकराव अब सीधे सड़कों पर आ गया है। इस पूरे विवाद के केंद्र में एक  'रहस्यमयी ग्रीन फाइल'  है, जिसने बंगाल से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में हलचल मचा दी है। क्या है 'ग्रीन फाइल' का रहस्य? छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी का प्रतीक जैन के आवास पर पहुँचना और वहाँ से निकलते समय उनके हाथ में एक हरे रंग की फाइल (Green File) का होना, सबसे बड़ा विवाद बन गया है। TMC का प...

विशेष रिपोर्ट: वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप—भारत के लिए क्या हैं इसके मायने?

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विशेष रिपोर्ट: वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप—भारत के लिए क्या हैं इसके मायने? जनवरी 2026 की शुरुआत में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और वहां की गई सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। वेनेजुएला, जिसके पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार (लगभग 303 अरब बैरल) है, अब अमेरिकी नियंत्रण या प्रभाव की ओर बढ़ रहा है। भारत के नजरिए से इस घटनाक्रम के कई आर्थिक और रणनीतिक मायने हैं। नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में सैन्य अभियान और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की हिरासत के बाद वैश्विक भू-राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भारत के लिए यह खबर मिली-जुली प्रतिक्रिया लेकर आई है। जहाँ एक ओर तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय में यह भारत के लिए 9,000 करोड़ रुपये ($1 बिलियन) से अधिक के फंसे हुए बकाया को वापस पाने का रास्ता खोल सकता है। 1. फंसे हुए धन की वापसी की उम्मीद भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ONGC विदेश लिमिटेड (OVL) का वेनेजुएला के तेल क्षेत्रों में बड़ा निवेश है। मादुरो सरकार पर ...

कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत के खिलाफ संसद भवन पर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन

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कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत के खिलाफ संसद भवन पर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन ​नई दिल्ली: उन्नाव दुष्कर्म मामले में सजा काट रहे पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को मिली अंतरिम जमानत के विरोध में आज राजधानी दिल्ली में भारी आक्रोश देखा गया। विभिन्न महिला संगठनों और नागरिक समाज की महिलाओं ने संसद भवन के बाहर एकत्रित होकर इस फैसले के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ​प्रमुख बिंदु: ​विरोध का कारण: प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि इतने जघन्य अपराध के दोषी को जमानत मिलना पीड़िता के साथ अन्याय है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। ​सुरक्षा और न्याय की मांग: प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने "बेटी बचाओ" के नारों के साथ न्यायपालिका और सरकार से दोषी की जमानत रद्द करने की मांग की। उनका तर्क है कि सेंगर की बाहर मौजूदगी से पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। ​प्रशासनिक कार्रवाई: संसद भवन के पास बढ़ते विरोध को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई। ​पृष्ठभूमि: कुलदीप सिंह सेंगर को 2017 क...

"सांता क्लॉज़ के लाल कपड़ों की कहानी बहुत ही दिलचस्प है!- मैरी क्रिसमस 2025।"

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"सांता क्लॉज़ के लाल कपड़ों की कहानी बहुत ही दिलचस्प है!- मैरी क्रिसमस 2025।" क्रिसमस 2025: सांता क्लॉज़ के लाल कपड़ों की कहानी बहुत ही दिलचस्प है! इसमें इतिहास, परंपरा और मार्केटिंग का एक अनोखा मेल है। ​इसे समझने के लिए हमें सांता के सफर को तीन चरणों में देखना होगा: ​1. शुरुआती दौर: संत निकोलस (Saint Nicholas) ​चौथी शताब्दी में, असली 'संत निकोलस' जिनके आधार पर सांता का चरित्र बना, वे चर्च के एक बिशप थे। उस समय बिशप अक्सर लाल और सफेद रंग के धार्मिक चोगे (Robes) पहनते थे। यहीं से सांता के कपड़ों में लाल रंग का पहला संकेत मिलता है। ​2. 1800 का दशक: अलग-अलग रंग ​19वीं सदी तक सांता का कोई एक तय रूप नहीं था। कलाकार उन्हें अपनी कल्पना के अनुसार चित्रित करते थे: ​कभी वह हरे रंग के लंबे कोट में दिखते थे (जो प्रकृति और वसंत का प्रतीक था)। ​कभी वह नीले, भूरे या सफेद कपड़ों में दिखाए जाते थे। ​कई बार उन्हें एक दुबले-पतले 'बौने' (Elf) की तरह दिखाया जाता था। ​3. थॉमस नास्ट और कोका-कोला (मोड़ यहाँ आया) ​सांता को आज वाला "लाल और सफेद" रूप देने में दो प्रमुख लोगों/क...

"जब मैंने जजमेंट सुना तो मुझे बहुत दुख हुआ, मुझे लगा कि मैं यहीं आत्महत्या कर लूँ- निर्भया की माँ।"

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  "जब मैंने जजमेंट सुना तो मुझे बहुत दुख हुआ, मुझे लगा कि मैं यहीं आत्महत्या कर लूँ- निर्भया की माँ।" उन्नाव रेप कांड: दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 दिसंबर 2025 को उन्नाव रेप कांड के दोषी और पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित करते हुए उसे जमानत दे दी है। इस फैसले के बाद निर्भया की माँ, आशा देवी और पीड़िता के परिवार ने जो दर्द और रोष व्यक्त किया है, वह वाकई विचलित करने वाला है। ​इस मामले की ताज़ा स्थिति कुछ इस प्रकार है: ​विरोध और भावुक प्रतिक्रियाएँ ​निर्भया की माँ (आशा देवी): उन्होंने इस फैसले पर गहरा दुख और आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि "जब मैंने जजमेंट सुना तो मुझे बहुत दुख हुआ, मुझे लगा कि मैं यहीं आत्महत्या कर लूँ।" उन्होंने इसे एक 'नया नियम' बताया कि दोषी अपनी सजा के खिलाफ अपील के बहाने बाहर आ रहे हैं। ​पीड़िता और उसका परिवार: दिल्ली के इंडिया गेट पर पीड़िता और उसकी माँ ने इस फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। पीड़िता की बहन ने यहाँ तक कहा कि "अगर उसे (सेंगर को) रिहा किया गया है, तो हमें जेल में डाल दो ताकि हम कम से कम जिंदा तो रह सकें।...

उन्नाव रेप कांड में दिल्ली हाई कोर्ट से मुख्य दोषी और पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को मिली बङी राहत। अच्छे आचरण बना आधार

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उन्नाव रेप कांड में दिल्ली हाई कोर्ट से मुख्य दोषी और पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को मिली बङी राहत। अच्छे आचरण बना आधार।। नई दिल्ली: उन्नाव रेप कांड में कल यानी 23 दिसंबर 2025 को एक बहुत बड़ा अपडेट आया है, जिसने इस मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले के मुख्य दोषी और पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। ​ताजा अपडेट के मुख्य बिंदु यहाँ दिए गए हैं: ​ 1. कुलदीप सेंगर की सजा पर रोक (Suspension of Sentence) ​दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव रेप मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को सुनाई गई उम्रकैद की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने सेंगर को जमानत (Bail) भी दे दी है। यह फैसला सेंगर द्वारा अपनी सजा के खिलाफ दायर की गई अपील के लंबित रहने तक प्रभावी रहेगा। ​2. जमानत की सख्त शर्तें ​सजा पर रोक लगाने के साथ ही कोर्ट ने कुछ बेहद सख्त शर्तें भी रखी हैं: ​दूरी बनाए रखना: सेंगर को निर्देश दिया गया है कि वह पीड़िता के घर के 5 किलोमीटर के दायरे में नहीं जा सकेगा। ​दिल्ली में रहना: जमानत की अवधि के दौरान सेंगर को दिल्ली में ही रहन...

उमर अब्दुल्ला के बयान पर "INDIA" गठबंधन में मतभेद गहराए।

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🗣️उमर अब्दुल्ला के बयान पर "INDIA" गठबंधन में मतभेद गहराए। । नई दिल्ली: ​उमर अब्दुल्ला द्वारा राहुल गांधी के 'वोट चोरी' के नैरेटिव से 'INDIA' गठबंधन का पल्ला झाड़ने के बाद विपक्षी खेमे में तुरंत हलचल मच गई। गठबंधन के कुछ नेताओं ने अब्दुल्ला के बयान को खारिज कर दिया, जबकि कुछ अन्य सहयोगी पहले से ही कांग्रेस के इस अभियान से दूरी बनाए हुए थे। ​1. कांग्रेस और आरजेडी की तीखी प्रतिक्रिया ​उमर अब्दुल्ला के बयान पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और 'INDIA' गठबंधन के प्रमुख रणनीतिकार मनोज झा की ओर से आई। ​ मनोज झा (RJD): उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस पर सीधा हमला करते हुए कहा, "उमर अब्दुल्ला बार-बार विवादों में घिर रहे हैं, और हमें जवाब देना पड़ रहा है।" ​झा ने तर्क दिया कि जब हम वोटिंग में धांधली और चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं, तो यह मुद्दा बहुत अहम हो जाता है। यह सिर्फ कांग्रेस का मुद्दा नहीं है, बल्कि निष्पक्ष चुनाव और लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों से जुड़ा हुआ है। ​उनका इशारा स्पष्ट था कि अब्दुल्ला का बयान गठबं...

“सत्तापक्ष की प्राथमिकता देश की आर्थिक स्थिरता या प्रशासनिक पारदर्शिता के बजाय चुनावी लाभ - वंदेमातरम बहस।“

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“सत्तापक्ष की प्राथमिकता देश की आर्थिक स्थिरता या प्रशासनिक पारदर्शिता के बजाय चुनावी लाभ - वंदेमातरम बहस।“ सच में सरकार ने ये देश को भटकाने वाला आगामी समयों में पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में होने वाले विधान सभा चुनाव का निशाना बनाते हुए ये बहस की है । यदि सरकार को सच में देश की चिंता होती तो डाॅलर के मुक़ाबले गिरते रुपए और इंडिगो मामला पर चर्चा करती न कि इतिहास को कुरेदते हुए मुस्लिम पर निशाना साधते हुए विपक्ष को जनता-जनार्दन के सामने बदनाम करती। देश में “वंदे मातरम” के गायन की अनिवार्यता और प्रासंगिकता पर चल रही राजनीतिक बहस को लेकर [भारत की राजनीतिक धूरी की भूमिका निभाने वाला उत्तरप्रदेश] के सांसद नगिणा प्रसाद ने एक तीखा हमला किया है। उन्होंने इस चर्चा को ‘बेकार’ करार दिया है और कहा है कि यह सत्तापक्ष का राजनीतिक एजेंडा है, जिसका उद्देश्य सिर्फ देश के जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाना है। ​ सत्तापक्ष पर सीधा आरोप: सिर्फ मुसलमानों को टार्गेट करना ​सांसद नगिणा प्रसाद ने अपने बयान में सत्तापक्ष के इरादों पर सीधे सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “जब मैंने सत्तापक्ष के प्रमुख वक्ताओं क...

इंडिगो एयरलाइंस (IndiGo Airlines) को लेकर भारत में बड़े पैमाने पर विवाद सरकार सख्त ।।

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इंडिगो एयरलाइंस (IndiGo Airlines) को लेकर भारत में बड़े पैमाने पर विवाद- सरकार सख्त ।। इंडिगो एयरलाइंस ( IndiGo Airlines) को लेकर भारत में यात्रियों के साथ बड़े पैमाने पर विवाद हुआ है। यह मुख्य रूप से दिसंबर 2025 की शुरुआत (2-7 दिसंबर) में हुई भारी उड़ान रद्द होने और विलंब ( Delay) के कारण था। ​ 🚨 मुख्य मसला और विवाद के बिंदु ​बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द और विलंबित: ​छह दिनों की अवधि में 2000 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं और 4000 से अधिक उड़ानें घंटों की देरी से चलीं। ​इससे देश भर में 7 लाख से अधिक यात्री हवाई अड्डों पर फंसे रहे। ​यात्रियों को हुई परेशानी: ​यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा, और कईयों ने बताया कि उन्हें भोजन, पानी, मेडिकल सहायता या आवास जैसी बुनियादी सहायता भी नहीं मिली। ​कई यात्रियों ने अस्पष्ट संचार ( Lack of Clear Communication) और एयरलाइन कर्मचारियों की ओर से असहयोग की शिकायत की। ​कुछ यात्रियों के सामान ( Luggage) गुम होने की भी खबरें आईं। ​रिफंड और मुआवजे में समस्या: ​यात्रियों को रिफंड ( Refund) और वैकल्पिक यात्रा के विकल्प मिलने में सबसे बड़ी...