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भारी बर्फबारी में फंसे 2900 यात्रियों के लिए 'मसीहा' बनी भारतीय रेलवे; कटड़ा-श्रीनगर के बीच चलाया 'रेस्क्यू' ऑपरेशन

भारी बर्फबारी में फंसे 2900 यात्रियों के लिए 'मसीहा' बनी भारतीय रेलवे; कटड़ा-श्रीनगर के बीच चलाया 'रेस्क्यू' ऑपरेशन

श्रीनगर/जम्मू: जम्मू-कश्मीर में कुदरत के सफेद सितम (भारी बर्फबारी) के बीच जहाँ सड़क और हवाई रास्ते पूरी तरह ठप हो गए, वहीं भारतीय रेलवे ने हजारों पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए 'लाइफलाइन' का काम किया है। पिछले 48 घंटों में उत्तरी रेलवे (Northern Railway) ने एक विशेष रेस्क्यू अभियान चलाकर 2,900 से अधिक फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुँचाया।

जब रास्ते हुए बंद, तब पटरियों ने दिया साथ

जनवरी के अंतिम सप्ताह में कश्मीर घाटी में हुई भारी बर्फबारी के कारण श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे (NH-44) कई जगहों पर लैंडस्लाइड और बर्फ जमा होने के कारण बंद हो गया। साथ ही, कम दृश्यता (low visibility) की वजह से श्रीनगर एयरपोर्ट से उड़ानें भी रद्द कर दी गईं। ऐसे में हजारों सैलानी कटड़ा और श्रीनगर में फंस गए थे।

मुसीबत की इस घड़ी में उत्तरी रेलवे ने तत्परता दिखाते हुए दो जोड़ी विशेष आरक्षित ट्रेनें (Special Reserved Trains) चलाने का निर्णय लिया। ये ट्रेनें श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा (SVDK) और श्रीनगर (SINA) के बीच चलाई गईं।

रेलवे का 'मिशन रेस्क्यू': मुख्य बिंदु

  • यात्रियों की संख्या: लगभग 2,900 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया।

  • विशेष कोच: यात्रियों की भारी भीड़ और ठंड को देखते हुए रेलवे ने इन विशेष ट्रेनों में अतिरिक्त AC कोच भी जोड़े।

  • राजस्व: सेवा के साथ-साथ रेलवे को इन विशेष फेरों से लगभग 22 लाख रुपये का राजस्व भी प्राप्त हुआ।

  • समय और रूट: ट्रेन संख्या 04629/04630 ने कटड़ा और श्रीनगर के बीच बनिहाल होते हुए सफर तय किया, जिससे सड़क मार्ग पर फंसे लोगों को सीधा लाभ मिला।

"हमारा प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी यात्री बीच रास्ते में न फंसा रहे। चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद हमारी टीम ने रिकॉर्ड समय में इन ट्रेनों का संचालन किया।" > — अशोक कुमार वर्मा, महाप्रबंधक, उत्तर रेलवे

USBRL प्रोजेक्ट का दिखा दम

यह रेस्क्यू ऑपरेशन इस बात का प्रमाण है कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना कश्मीर के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। जहाँ पहले बर्फबारी के दौरान कश्मीर का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से कट जाता था, अब रेलवे के 'ऑल वेदर' (हर मौसम में कारगर) कनेक्टिविटी के कारण सफर आसान हो गया है। हाल ही में वंदे भारत एक्सप्रेस के भी बर्फ के बीच दौड़ने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे।

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यात्रियों ने जताया आभार

ट्रेन से सुरक्षित कटड़ा पहुँचे एक पर्यटक ने बताया, "हमें डर था कि हम यहाँ कई दिनों तक फंसे रहेंगे क्योंकि सड़कें बंद थीं। लेकिन रेलवे की इस स्पेशल ट्रेन ने हमें बचा लिया। स्टेशन पर प्रशासन की व्यवस्था भी काफी सराहनीय थी।"


निष्कर्ष: भारतीय रेलवे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह न केवल देश की धड़कन है, बल्कि आपदा के समय सबसे भरोसेमंद साथी भी है। Nalanda5 की टीम रेलवे के इस सराहनीय कार्य को सलाम करती है।

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