​'600 योजनाओं पर नेहरू-गांधी परिवार का नाम', शिवराज सिंह चौहान।


'600 योजनाओं पर नेहरू-गांधी परिवार का नाम', शिवराज सिंह चौहान। 

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर कांग्रेस पर 'परिवारवाद' को लेकर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि देश में लगभग 600 सरकारी योजनाओं और संस्थानों के नाम केवल नेहरू-गांधी परिवार के सदस्यों के नाम पर रखे गए हैं। चौहान के इस बयान ने देश की राजनीति में 'नामकरण' बनाम 'काम' की बहस को फिर से छेड़ दिया है।

​शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक शासन करते हुए देश के अन्य महान स्वतंत्रता सेनानियों और नायकों को हाशिए पर रखा। 

चौहान का तर्क है कि खेल रत्न पुरस्कार से लेकर हवाई अड्डों, विश्वविद्यालयों और सिंचाई योजनाओं तक, हर जगह जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का नाम दर्ज है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. बी.आर. अंबेडकर, सुभाष चंद्र बोस और वीर सावरकर जैसे दिग्गजों को वह सम्मान नहीं दिया गया जो उन्हें मिलना चाहिए था।

उन्होंने भाजपा सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि अब योजनाओं के नाम महापुरुषों और जन-कल्याण के भाव (जैसे 'पीएम जनमन', 'विश्वकर्मा योजना') के आधार पर रखे जा रहे हैं।

​कांग्रेस ने चौहान के इन दावों को 'इतिहास मिटाने की कोशिश' करार दिया है। पार्टी का तर्क है कि नेहरू-गांधी परिवार ने देश के निर्माण और बलिदान में बड़ी भूमिका निभाई है, इसलिए उनके नाम पर योजनाओं का होना उनके योगदान का सम्मान है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा केवल नाम बदलने की राजनीति कर रही है ताकि वह अपनी विफलताओं को छिपा सके।

​निष्कर्ष
​शिवराज सिंह चौहान का यह बयान केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि भाजपा की उस वैचारिक लड़ाई का हिस्सा है जिसमें वह कांग्रेस को 'वंशवादी राजनीति' के प्रतीक के रूप में पेश करती है। जैसे-जैसे आगामी चुनावों की सुगबुगाहट बढ़ती है, 'नामों की यह राजनीति' और तेज होने की उम्मीद है।

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