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“कभी भी दंगाईयों को बख्शा नहीं जाएगा"- बिहार उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव।।”

"कभी भी दंगाईयों को बख्शा नहीं जाएगा"- बिहार उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव।।

बिहार के कुछ जगहों पर भगवाधारी रामभक्तों मुसलिमों पर आक्रमण कर दिए हैं, फिलहाल मामला नियंत्रण में है। दंगाईयों को पुलिस पकड़ने का काम बगैर दबाव के कर रही है, करीब सैंकड़ों देगाईयों को पकड़ा जा चुका है। दंगा करनेवालों पर नीतीश की सरकार काफी सख्त हो चुकी है। जुलूस का वीडियों को देखकर और गवाहों का सहारा लेकर दंगाईयों को पकड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव दोनों इस मामलें में बहुत सख्त दिख रहें हैं।

तेजस्वी यादव ने कहा, “ये बिहार की धरती है, जिसने गाँधीजी को ‘महात्मा गाँधी बनाने का काम किया है। और ये धरती महात्मा बु़द्ध की धरती है, वीर कुँवर सिंह की धरती है, सूफी संत मकदुम जी की धरती है,  कर्रपुरी जी की धरती है, लालू जी और नीतीश जी की धरती है। याहाँ कभी भी दंगाईयों को बख्शा नहीं जाएगा। बिहार हमेशा से अमन-चैन को पसंद करता है। जो लोग ऐसे हरकतें कर रहें हैं, उनको सरकार तो कठोर दंड देगी ही, लेकिन उसे जनता भी नहीं बख्शेगी।


यादव भावुक होते हुए कहा, “इन लोगों को अमन-चैन से मतलब है? इनलोगों को इंसानियत से मतलब है? इनलोगों को है कि पुरे देश पर कब्जा कर लेना हे। हर जगह भाजपा की सरकार को बढ़ावा देना है। ऐसे नहीं तो वैसे, उल्टा नहीं तो सीधा, कानूनी नहीं तो गैर कानूनी, संवैधानिक नहीं तो असंवैधानिक, पैसे से खरीद-फरोख्त करके आदि काम करके भाजपा के लोग सरकार में हमेशा रहना चहते है। ये भाजपा की केन्द्र सरकार किसी को सही से जीने नहीं देगी, देख लीजिएगा!

तेजस्वी यादव ने आगे कहा, “सरकार रहे या न रहे, सद्भावना और अमन-चैन राज्य में कायम रहना चहिए। हम लोग देख रहें है कि जनता के बीच हमारी सरकार को बदनाम करने के उद्देश्य से बिहार को लगातार टारगेट किया जा रहा है। पहले तमिलनाडू के लोगों के साथ बिहार के लोगों को लड़ाने का प्रयास किया गया और इसमें असफलता हाथ लगी तो अब राज्य में दंगा-फसाद कराने पर आमदा हो गए। हमलोग इसे बरर्दाश्त करनेवाले नहीं हैं, दंगा करनेवालों को पकड़ने का काम जोरों पर है। सौ से अधिक दंगाईयों को गिरफ्तार किया जा चुका है।


आपको बता दूँ, इस साल रामनवमी पर मुसलिम क्षेत्रों का निशाना बनाया गया, राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पुरा करने के उद्देश्य से दंगा करा दिया गया, जिसकी शुरूआत पिछले साल ही हुई थी, जिस समय बिहार में बीजेपी की सरकार थी। पिछले साल, भगवाधारी रामभक्तों ने मसजिदों पर आक्रमण कर दिए थे। रामनवमी के दिन दंगा सिर्फ बिहार में नहीं हुए हैं, बल्कि इसका प्रयास भारत के अन्य राज्यों में भी किया गया है। इस आधार पर ये अनुमान लगाया जा रहा है कि गौतम अडानी के द्वारा किया गया विश्व का सबसे बड़ा घोटाला, जिसमें बीजेपी शीर्ष नेतृत्व नरेंद्र मोदी का नाम सामने आ रहा है को दबाने और इस मुद्दा से जनता को भटकाने की एक राजनीति चाल है, भारत में दंगा-फसाद कराना। बस!


 

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