अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल भारत में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी, भारत की राजधानी दिल्ली में आन्दोलन किए थे, इस आन्दोलन ने उस समय के भारत सरकार को ईंट-से-ईट बजा दी थी। शिला दीक्षित की सरकार चुनाव हार गई और फिर कांग्रेस भी चुनाव हार गई। इन लोग इस वादा के साथ आन्दोलन किए और चुनाव जीते कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए 'लोकपाल' लाएंगे।
आज अन्ना और केजरीवाल के आन्दोलन और इस मुद्दा पर चुनाव जीतकर सरकार बनाई के नौ साल हो चुके हैं, लेकिन अफसोस ये लोग अभी तक 'लोकपाल' को नहीं ला सके। और भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस की शिला दीक्षित की सरकार के द्वारा गठित किया गया 'लोकायुक्त' को भी पंगु बना दिया है। यह भ्रष्टाचार के खिलाफ कैसी लङाई लङ रहे हैं, "अरविंद केजरीवाल स्वयं भ्रष्टाचार कर रहे हैं, 'लोकपाल' को लागू नहीं किए और 'लोकायुक्त' को भी पंगु बना दिए।"
यह कहना है कांग्रेस सीनियर लीडर अजय माकन का। अजय माकन ने कहा," भ्रष्टाचार के खिलाफ 'लोकपाल' लागू करने के नाम पर चुनाव जीत कर सरकार बनानेवाली आम आदमी पार्टी की अभीतक 'लोकपाल' कहाँ है? और ऊपर से शिला दीक्षित जी की 'लोकायुक्त' को भी पंगु बना दिए। आज केजरीवाल और इनके टीम पर कम-से-कम सौ करोङ रुपए का शराब में घोटाला करने का आरोप लगा है। अब इनके इस घोटाले की जांच कौन करेगा? "

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