छतीसगढ़ राजधनी रायपुर में महाधिवेशन पूर्व ईडी और सीबीआई के धमाकेदार
छापे।।
कुछ दिनों पहले कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेरा ने प्रेस वार्ता के
दरम्यान कहा था, “आज के भारत में ईडी का मतलब
एलिम्नेटिंग डेमोके्रसी हो गया है। वर्ष 2004 से
लेकर वर्ष 2014 के बीच यूपीए की सरकार थी। इस दम्यान
यूपीए की सरकार के समय ईडी ने 112
बार छापे मारे थे। जबकि पछिले आठ साल से भारत में नरेंद्र मोदी की सरकार है, बीजेपी की सरकार है के दरम्यान ईडी ने 3010 छापे मारे हैं। और अगर आप राजनीतिक दलों को, नेताओं पर पड़े छापे के लिस्ट को देखते हैं और
उसे सामने रखते हैं, तो ईडी के द्वारा 95 प्रतिशत छापे विपक्ष नेताओं पर डाले गए हैं।”
कांग्रेस पर पड़े ईडी के छापे का जिक्र करते हुए पवन खेरा ने कहा था, “आपको मालूम होगा ‘नेशनल हेराल्ड’ पर ईडी के
द्वारा छापा डाला गया था,
इसमें राहुल गाँधी से लगातार 50 घंटों तक ईडी ने पूछ-ताछ की थी। कांग्रेस
पूर्व अध्यक्षा सोनिया गाँधी से लगातार तीन दिनों तक ईडी के द्वारा पूछ-ताछ की गई।
वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से भी सात-आठ घेटे की पूछ-ताछ की गई
थी और अब छतीसगढ़ में लगातार ईडी के द्वारा छापा मारा गया। कांग्रेस के सफलताओं से
और जनता के बीच फिर से बहाल होते कांग्रेस की लोकप्रियता से नरेंद्र मोदी और इनकी
पार्टी बीजेपी के लोग घबरा गई है।”
आपको बता दूँ छतीसगढ़ के रायपुर में कांग्रेस का 85वां महाधिवेशन होना है, इसके लिए एक ओर कांग्रेस पार्टी के लोग के तैयारी करने में लगे है, तो दूसरी ओर नरेंद्र मोदी टीम अधिवेशन की धज्जियाँ उड़ाने के सारे प्रयत्न करने में लगी है। शायद यही वजह रहा कि अधिवेशन पूर्व कांग्रेस के विधायक, प्रवक्ता, कोषाध्यक्ष और निगम के चेयरमैन के घरों और इनके दफ्तरों में ईडी और सीबीआई के द्वारा छापे मारे गए। इन्हीं छापे के दरम्यान पवन खेरा ने ऊपरोक्त बयान जारी किये।

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