भारत की जनता उस ‘पक्षी’ के समान हो गई है, जिसके सारे पंख नोच दिए गये हैं।
कांग्रेस एक घरेलू गैस सिलेंडर का दाम 410 रुपए के आस-पास छोड़कर गई थी, जिसे भी बीजेपी के महारथी लोग सम्भाल नहीं पाये
और देश के लोगों को बताते फिर रहें हैं कि हमारी सरकार गरीबों की सरकार है, आम लोगों की सरकार है। पर, यह कैसे! क्या गरीबों की सरकार तथा आम लोगों की
सरकार, इन्हीं लोगों को आर्थिक शोषण करेगी? घरेलू गैस का दाम बढ़ाते-बढ़ाते कांग्रेस के 410 रुपए से 1200
रुपए तक ले आई। वो भी मात्र नौ साल के अन्दर हीं।
भारत के आम लोग बड़ी उम्मीद के साथ नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री
बनाया था कि ये देश से महंगाई कम करेंगे, लेकिन
इस सरकार ने तो महंगाई के सारे सरहदें पार कर गई और पुरानी सरकार कांग्रेस की
सरकार को भी इसमें पिछे छोड़ दी। एक घरेलू गैस सिलेंडर का दाम 410 रुपए से 1200
रुपए कर दी, सीधे तीन गुणा दाम में वृ़िद्ध कर दी।
यह एक ऐतिहासिक ही होगा। जहाँ भारत के लोगों को 410रुपए में एक गैस सिलेंडर ख़रीदने में परेशानी हो रही थी, उस जनता को आज 1200रुपए में ख़रीदने पड़ रहे हैं। जनता किस हाल से गुजर रही होगी
सोचनेवाली बात है।
जिस जनता को चार सौ रुपये में गैस ख़रीदने में पसीना छूट रहा था, आज उसी जनता को 1200रुपए में गैस बेचे जा रहे हैं। यह एक आर्थिक अपराध है, जिसे नरेंद्र मोदी की सरकार ने की है। इसे
भ्रष्टाचार भी कहा जाएगा तो कम ही होगा। यह सीधे-सीधे आम जनता के सम्पति पर डाका
डालना, आम जनता को दिन-दहाड़े लूटना कहना बेहतर
होगा। ये कुछ अच्छा लगता है। ऐसे मोदी के इस सफेद लूट और डकैती के लिए कोई शब्द
नहीं है। आखिर इतना धोखा देकर, सफेद
झूठ बोलकर कोई सरकार कैसे चला सकता है! मोदी ने कहा था कि महंगाई कम करेंगे लेकिन
इसने तो तीन गुणा महंगाई बढ़ा दी।
नरेंद्र मोदी टीम पर सवाल ये भी खड़ा होता है कि जिस गैस सिलेंडर को
कांग्रेस 410 रुपये में जनता को दे रही थी, उसी गैस सिलेंडर को मोदी 1200 रुपये में दे रही है। सीधा सा थ्योरी है, आखिर कांग्रेस 410 रुपये में कैसे एक घरेलू गैस जनता को दे रही थी? और उसी गैस को मोदी अब तीन गुणा दाम बढ़ाकर जनता
को दे रही है। साफ-साफ कहा जा सकता है कि यह एक सफेद लूट है। जनता को लूटा जा रहा
है। आम लोगों को प्रलोभन देकर लूटा गया और लूटने की सजिश रचि गई। लेकिन, दुःख कि बात यह है और भारत के लोगों को
मंथन करनेवाली बात यह है कि इतना होने के बावजूद लूटपाट मचानेवाली मोदी सरकार को
लोग पहचान नहीं पा रहें हैं।
भारत में मोहम्मद गज़नी की तरह लूटपाट मचानेवाली नरेंद्र मोदी सरकार
के खिलाफ, मंहगाई के विरोध में प्रदर्शन इसलिए
नहीं हो रहा है कि इस मुद्दा को जनता तक पहुँचने नहीं दिया जा रहा है। हलाँकि जनता
इस बात से वाक़िफ हो चुकी है कि मोदी आम लोगों को लूट रही है, लेकिन जनता में इतना दम नहीं है कि मोदी के इस
कार्य को लेकर विरोध प्रदर्शन करे। भारत की जनता उस ‘पक्षी’ के समान हो गई है, जिसके सारे पंख नोच दिए गये हैं और फिर उसे
उड़ने के लिए छोड़ दिया गया है।

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