दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनिष सिसोदिया को सीबीआई पुलिस गिरफ्तार
करके ले गई।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री, आम आदमी पार्टी (आप) का दूसरा माथा तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करनेवाले अन्ना हजारे के शिष्य मनिष सिसोदिया को पुलिस गिरफ्तार करके ले गई। इन्हे शराब अबकारी मामले में बहुत बड़ी रकम का उल्ट-फेर करने व गैरकानूनी तरीके से शराब का ठेका देने और पैसा जमा करने और फिर मामला को दबाने तथा सबूत मीटाने के आरोप में सीबीआई गिरफ्तार की है।
गिरफ्तारी के बाद सिसोदिया ने पत्रकारों के द्वारा पूछे गए सवालों का
जवाब नहीं दिए और वह चुप-चाप सीबीआई टीम के साथ जा रहे थे। हलाँकि इनके गिरफ्तारी
के बाद आप के लोगों ने दिल्ली के सड़कों पर केन्द्र सरकार के खिलाफ और सीबीआई के
विरूद्ध में नारे लगाए। सूत्रोंनुसार सीबीआई सिसोदिया से पुछताछ करेगी और उसके बाद
भी आरोप तय करेगी। सीबीआई टीम का कहना है, “सिसोदिया
जाँच-पड़ताल में मदद नहीं कर रहें हैं।”
आपको मालूम हो आम आदमी पार्टी दिल्ली से भ्रष्टाचार खतम करने का जनता
से वादा के कारण सत्ता हासिल की है। जनता का विश्वास जीतकर, इस प्रकार से सरकार बनानेवाली आम आदमी पार्टी
का दो बड़े नेता, बहुत ही संगीन भ्रष्टाचार के मामले में
जेल चले गए। एक मनिष सिसोदिया हैं, जिन्हें
सीबीआई टीम गिरफ्तार करके ले गई और दूसरा सत्येन्द्र जैन, जो पार्टी के बड़े चेहरा थे वे कई महिनों से
दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद हैं।
आपको ये भी मालूम हो कि अजय मकान कांग्रेस पार्टी के नेता भ्रष्टाचार के मामले में अरविन्द केजरीवाल से बहुत पहले से तीखे सवाल करते रहे हैं। इन्होंने पूछा था, “केजरीवाल की सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘लोकपाल’ का गठन करने व इसे लागू करने के नाम पर बनी थी, लेकिन आज इनके सरकार बने नौ-साल हो चुके हैं, जिसके बावजूद भी वह ‘लोकपाल’ का गठन नहीं किए हैं। और इतना हीं नहीं! शिला दीक्षित सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ गठित किया गया ‘लोकायुक्त’ को भी पंगु बना दिया, इसका आख़री रिपोर्ट वर्ष 2018 में जारी किया गया, उसके बाद इसका कुछ अता-पता नहीं है।”
अजय मकान ने उस समय कहा था, “आज
शराब घोटाले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनिष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी
के लिए आर्थिक संसाधन जमा करनेवाला सत्येन्द्र जैन को नाम शरा अबकारी मामला में
स्टैबलिश हो चुका है। ऐसे में इन लोगों के भ्रष्टाचार का जाँच कौन करेगा?”
आपको बता दूँ दिल्ली के शराब घोटाला में तीन, अरविन्द केजरीवाल, मनिष सिसोदिया और सत्येन्द्र जैन का नाम मुख्य
रूप से लिया जाता रहा है,
जिनमें सिर्फ अरविन्द केजरीवाल बाहर
हैं और बाकी दो लोग जेल जा चुके हैं। अब देखना ये है कि केजरीवाल अपने-आप को बचाते
कैसे हैं और सीबीआई भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आगे की लड़ाई कैसे लड़ती है कि केन्द्र
सरकार की कठपुतली बनकर रह जाती है।

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