वर्तमान समय में
भारत के हजारों छात्र उक्रेन में फंसे हुए हैं। और इसमें करीब दो छात्रों की
मृत्यु होने की खबर है। इतना हीं नहीं अभी तक स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हम यह
खबर आपको ट्विटर पर पोस्ट के आधार पर बता रहें हैं। सोशल मीडिया पर उक्रेन में फंसे
छात्र अपने स्थिति को पोस्ट कर रहें हैं उससे पता चलता है कि उक्रेन में फंसे
भारतीय छात्रों व नागरिकों की स्थिति ठीक नहीं है। इसपर भारत सरकार को कोई ठोस
राजीनीतिक निर्णय लेने की आवश्यकता है, भारत सरकार को ठोस कदम उठाने की नितांत
आवश्यकता है ताकि छात्रों को सुरक्षित सुनिश्चित किया जा सके।
लेकिन भारत सरकार के
वर्तमान रवैये से ये कहना भ्रम होगा कि सरकार किसी प्रकार का ठोस कदम उठानेवाली है।
जबकि सरकार ठोस कदम उठाकर फंसे नागरिकों को सुरक्षित भारत ला सकती है, लेकिन भारत
की सरकार ऐसा करना नहीं चाहती सरकार के नीयत साफ नहीं लगती।
आज हजारों भारतीय छात्र उक्रेन में फंसे है जिसका दो
तत्कालिन कारण हो सकते हैं:
इसको इस रूप में समझा जा सकता है। आज हजारों भारतीय छात्र उक्रेन में फंसे है जिसका दो तत्कालिन कारण हो सकते हैं। पहला, पूरी दुनिया को एक फरवरी को हीं यह पता चल गया था कि रूस सैनिक आक्रमण कभी भी उक्रेन पर सकता है। इसलिए विश्व के होशियार देश अपने नागरिकों को सुरक्षित सुनिश्चित करने में लग गए थे। लेकिन भारत सरकार ने अपनी पहली एडवाइजरी 15 फरवरी को जारी करती है जो पन्द्रह दिन देर था। दूसरा, जब उक्रेन में फंसे भारतीय छात्र भारत लौटने के लिए तैयार हुए तो एयर इंडिया ने एक छात्र के उक्रेन से भारत के किराया को 23000 रूपये से बढ़ाकर 80000 रूपये कर दिया। इन दो वजहों से छात्र निर्णय लेने में देर कर दिया और परिणाम ये हुआ कि आज भारतीय छात्र उक्रेन में चिंताजनक स्थिति में फंस चुके हैं।

Comments