प्रधानमंत्री कहे थे- किसानो से एमएसपी कोई नहीं छीन सकता, फिर हरियाणा के किसानों को एमएसपी के लिए लाठी खानी क्यों पड़ रही है?
प्रधानमंत्री कहे थे- किसानो से एमएसपी कोई नहीं छीन सकता, फिर हरियाणा के किसानों को एमएसपी के लिए लाठी
खानी क्यों पड़ रही है?
इस समय हरियाणा के किसान अपने जीवन का आधार एमएसपी न्युनतम समर्थन मुल्य को लेकर आंदोलन कर रहें हैं, सरकार से पीटे जा रहें हैं और एक किसान को शहीद होने की भी खबर है। जबकि, मोदी सरकार स्वंय घोषणा किये थे कि किसानों के एमएसपी को कोई खत्म नहीं कर सकता और इसे किसानों को देने की बात किये थे। इसके लिए एक कमीटी बानाने को कहा था, जो एमएसपी देने का काम करेगी। आज वो सब कहाँ गया?
मोदी सरकार, एमएसपी रेट पर फसल ख़रीदने से इनकार की और फिर किसानों पर लाठीचार्ज-हरियाणा।
ये सवाल कांग्रेस लीडर दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने मोदी सरकार से किये हैं, क्योंकि एमएसपी के लिए हीं हरियाणा के किसान आंदोलन कर रहें हैं। और इसके लिए हीं किसान सरकार की पुलिस से लाठी खा रहें हैं। यहाँ सरकार अपने दावे से भागती नजर आ रही है। ये सरकार तो किसान विरोधी निकली। ये सरकार इतनी किसान विरोधी है कि किसानों के लिए तीन काले कृषि कानून लाने और इसे लागू करने का अथक प्रयास की थी।
जिसके लिए किसानों को सोलों तक आंदोलन करने पड़े। आंदोलन में 700 से 800 किसान शहीद हो गए थे। सरकार कृषि कानून के माध्यम से एमएसपी को समाप्त करना चाहती थी, लेकिन किसानों जान गंवा कर भी अपने जीवन का आधार एमएसपी को बचाने में सफल रहें। प्रधानमंत्री भाषण में कहा था-किसानो का एमएसपी रहेंगे। इसके लिए एक कमेटी बनाने की बात किये थे, उसका भी डेढ़ साल होने को है और अभी तक कुछ नहीं हुआ।
After all, why shouldn't Narendra Modi be considered guilty of the death of these farmers?
सरकार किसान विरोधी निकली। किसानों के लिए ये सरकार कुछ करने को तैयार नहीं है। जिस एमएसपी के लिए किसानों के जान चली गाई, सालों तक आंदोलन किये, भूखे-प्यासे सरकार से लड़े और आज वहीं एमएसपी के लिए किसान फिर से आंदोलन करने और सरकार की लाठियाँ खाने को मजबूर हैं। प्रधानमंत्री तो घोषणा किये थे कि किसानो से एमएसपी कोई नहीं छीन सकता है, फिर हरियाणा के किसानों को एमएसपी के लिए लाठी खानी और जान गंवानी क्यों पड़ रही है?
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