Skip to main content

पीएम मोदी के सर्वज्ञानी गुणों को देखकर भगवान भी भ्रमित हैं -राहुल गांधी। अमेरिका!

पीएम मोदी के सर्वज्ञानी गुणों को देखकर भगवान भी भ्रमित हैं -राहुल गांधी। अमेरिका!

कांग्रेस नेता राहुल गांधी अमेरिका में भाषण दे रहें हैं और इधर नरेंद्र मोदी टीम के लोगों और इनके समर्थकों को खुजली होने लगी है। इससे पहले राहुल गांधी ब्रिटेन गए थे, उस समय भी मोदी टीम के लोग और इनके चमचे लोग खुब हल्ला मचाए थे। इस बार गांधी अमेरिका के निमंत्रण पर, यहाँ के मीडिया, विश्वविद्यालयों और बु़़द्धजीवियों के सवालों को जवाब दे रहें हैं।


राहुल गांधी इस बार अमेरिका दौरे पर बीजेपी शहंशाह नरेंद्र मोदी के बारे में स्पष्ट शब्दों में बोल दिए हैं। मोदी के सर्वज्ञानी भाषणों पर प्रहार किए हैं। मोदी मन की बात करते हैं, खुद पढ़-लिखा नहीं बताते और विद्यार्थियों को परीक्षा में कैसे लिखना है और कैसे अच्छे नम्बर से पास करना है का ज्ञान देते है। नाला से चाय बनाने का तरक़ीब सीखाते है, जैसे कोई वैज्ञानिक हों।

मोदी कहते हैं कि एक चाय बनानेवाला के पास गैस खत्म हो गया, तो बगल के नाले में पाईप डालकर, इसके गैस से चुल्हा जला लिया और चाय बनाने लगा। मोदी भारत के लोगों से ऐसे बकवास बातें करते है और इसके समर्थक सुनकर वाह! मोदी जी - वाह! मोदी जी कार नारा लगाकर, भारत के लोगों को बेवकूफ बनाकर, अपना काम निकालने में पारंगत हो चुके है।


कांग्रेस नेता राहुल गांधी बीजेपी शाहंशाह नरेंद्र मोदी के इस व्यवहार पर ऐसा प्रहार किए हैं, जिससे मोदी ऐसे भाषण देने के पहले जरूर सोच-विचार करेंगे। राहुल गांधी ने अमेरिका में कहा, “भारत में एक बीमारी फैल गई है कि एक व्यक्ति सबकुछ जानता है और वो जाननेवाला व्यक्ति भारत में पीएम नरेंद्र मोदी हैं।


मोदी से पुछने पर वह बता सकते है कि भगवान के पास कैसे जा सकते हैं और विश्व का निर्माण कैसे हुआ वो भी मोदी बता सकते है। मोदी ये भी बोल सकते है कि उन्हे भगवान से बातचीत हुई है।


राहुल गांधी ने कहा, “विश्व बहुत बड़ा, उलझा और रहस्मयों से भरा पड़ा है, इसके बारे कोई भी एक व्यक्ति ज्ञाता नहीं बन सकता। काई एक व्यक्ति सबकुछ नहीं जान सकता, समझ सकता और वर्णन कर सकता है। लेकिन नरेंद्र मोदी इस बात को खंडन कर दिए हैं। इन्हे और इनके चमचों पूरी तरह से सहमत हैं कि ये सबकुछ जानते हैं। ये सर्वज्ञानी मनुष्य या भगवान है।


गांधी ने कहा, “मोदी जिस प्रकार से इतिहास को एक इतिहासकार, भूगोल को भूगोलवेता, विज्ञान को वैज्ञानिक, दर्शन का दार्शनक, प्राकृतिक को भगवान की तरह वर्णन करते हैं को देखकर भगवान भी भ्रमित हैं कि हमने ये क्या बना दिया है!

 

Comments

Popular posts from this blog

एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात का ख्याल अवश्य रखना चाहिए।

एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए, यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात  का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए। यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इन बातों का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। हम कोई भी काम करते हैं उसकी योजना अवश्य तैयार करते हैं। एक छोटा सा छोटा काम के लिए भी हम योजना बनाते हैं। हलांकि छोटे कामों के लिए बनाये गए योजना हमारा दिमाग को पता नहीं चलता। हमारे दिमाग को इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसपर कभी आपने सोचा है कि आख़िर ऐसा क्यों होता है ? इसकी वजह को हमे जानने का प्रयास अवश्य करनी चाहिए। ऐसे तो इसके अनेकों वजह हो सकते हैं और इसके मनोवैज्ञानिक कारण भी कई हो सकते हैं, लेकिन हमे इन भारी वजहों को छोड़कर एक सरल वजह की तलाश करने की जरूरत है। मेरे अनुसार सरल स्वभाव से इसका एक वजह यह भी हो सकता है कि हमारा दिमाग इन छोटे-छोटे कामों को पहले कई बार कर चुका होता है। यूं कहें इस काम को मेरा दिमाग पूर्ण रूप से अभ्यस्त हो गया होता है। इसलिए हमारा दिमाग को इस छोटा काम को पूरा करने में किसी प्रकार की परेश...

एक कप चाय, मिट्टी वाली में - चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर भी नहीं वो कैसे !

एक कप चाय से याद आया कि मिट्टी के बर्तन वाली चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर एक प्रेमी को अपने प्रेमिका या एक प्रेमिका को अपने प्रेमी से मिलने में भी नहीं होगा! लेकिन वो मजा इस चाय पीने में आपको मिलेगा।  आप महिला हों या पुरुष यदि आप अपने जीवन में, प्रेम में प्रवाहित होने के आनंद से वंचित रह गाएं हैं तो हमारी मानिये एक बार इस चाय के प्रेम में बह जाइये, डूब जाइये और इसके गर्माहट में गोते लगा लीजिये! इसके मंद-मंद सुगंध में अपने नाक के दोनों सुराग को झोंक दीजिये। लेकिन एक बात का ख्याल रखियेगा,   इस चाय को पीने में कभी जल्दीबाजी नहीं कीजियेगा। नहीं तो, आपका जीभ आपसे नाराज हो जायेगा। बेमतलब के आप बेचारा स्वभाव से कोमल जीभ को रुखा कर दीजियेगा। यदि आपको विश्वास नहीं होता, तो एक बार मिट्टी वाला चुक्का में परोसी गई चाय को अपने होंठ से लगाकर और चाय को जीभ पर गिराकर तो देखिये! जैसे हीं, यह चाय आपके जीभ को स्पर्श करेगी वैसे हीं आप स्वयं इसके स्वाद से परिचित हो जाएंगें। हमारी मानिये तो आज हीं आप नुक्कड़ वाली एक कप चाय का मज़ा ले लीजिये। भारत आधुनीकता की ओर कदम बढ़ा च...

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।।

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।। राहुल गांधी ने संसद में जिस 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल या संदर्भ का जिक्र किया, वह सीधा हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की कार्यशैली पर था। गांधी ने सदन में एक पुरानी फाइल या रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह तर्क देने की कोशिश की कि सरकार कुछ खास उद्योगपतियों (अडानी-अंबानी) को फायदा पहुँचाने के लिए नियमों में बदलाव करती है। उन्होंने 'एल्फिंस्टन' नाम का जिक्र उन ऐतिहासिक नियमों या व्यवस्थाओं के संदर्भ में किया जो मुंबई के बंदरगाहों या रेलवे के बुनियादी ढांचे से जुड़ी थीं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरते हुए निम्नलिखित बातें कहीं: ​नियमों में बदलाव: उनका आरोप था कि सरकार ने पुराने नियमों (जिनका उन्होंने एल्फिंस्टन संदर्भ से जोड़ा) को दरकिनार कर दिया ताकि एयरपोर्ट्स और पोर्ट्स का नियंत्रण कुछ विशेष व्यापारिक समूहों को दिया जा सके। ​अडाणी समूह का जिक्र: उन्होंने दावा किया कि पहले नियम था कि जिसे एयरपोर्ट संचालन का अनुभव नहीं है, उसे टेंडर नहीं म...