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मोदी सरकार, एमएसपी रेट पर फसल ख़रीदने से इनकार की और फिर किसानों पर लाठीचार्ज-हरियाणा।।

मोदी सरकार, एमएसपी रेट पर फसल ख़रीदने से इनकार से किसान लोग सुरजमुखी को सस्ते दामों पर बेचने को मजबूर-हरियाणा।।


भारत के किसान फिर से आंदोलन करने को मजबूर हो गए हैं और इसके एवज में लाठी मिली है। वजह वही है, मोदी सरकार का किसानों के प्रति खराब रवैया। मोदी सरकार किसानों को एमएसपी देने से इनकार कर रही है और किसान एमएसपी की माँग कर रहें हैं।


मेदी जी किसानों को शोषण करना चाहते है और किसान लोग शोषण के खिलाफ आवाज उठाने की शुरूआत कर देते है; परिणाम में आंदोलन, जिसके बाद मोदी पुलिस की लाठी और किसानों के शरीर।


खबर ये है कि कुरूक्षेत्र में हरियाणा कि किसान लोग, सरकार के विरोध में आंदोलन कर रहे थे, इसी बीच देखते-देखते पुलिस ने किसानों को लाठियों से पीटने शुरू कर दी। इसमें कई किसान घायल हो गये हैं और कई किसानों के गंभीर चोटें आईं है।


इस आंदोलन में सैंकड़ो पीड़ित किसान थे, जिन्हें सरकार फसल का एमएसपी नहीं दे रही है या देने से साफ मना कर दी है। जबकि, एमएसपी के लिए किसान लोग पहले सालों तक मोदी सरकार से लड़ाई लड़ चुके हैं, जिसमें 700 से 800 किसान शहीद हुए थे। इसके बावजूद, किसानों को एमएसपी के लिए आंदोलन करना, समझ से परे लगाता है। आखि़र मोदी सकरकार किसानों से क्या चाहती है?


ये किसान सुरजमुखी फसल के एमएसपी को लेकर सरकार के विरोध में नेशनल हाईवे को जाम करते हुए, फिर कुरूक्षेत्र में आंदोलन करने को गए। किसानों का कहना है कि सरकार सुरजमुखी फसल के लिए जो एमएसपी निर्धारित की है वो रकम किसानों को नहीं दिया जा रहा है।


किसानों का कहना है कि सरकार सुरजमुखी फसल के लिए एमएसपी के रूप में 6,400 रुपए निर्धारित की है। लेकिन, सरकार किसान से इतने दाम पर फसल खरीदने को तैयार नहीं है। जिसका परिणाम ये हुआ कि किसान अपने सुरजमुखी फसल को बाजार में 4,000 रुपए से 4,500 रुपए में बेचने को मजबूर हो गए हैं।


हरियाणा में मोदी की हीं बाजेपी और इसके समर्थक पार्टी की सरकार है और इनके साथी गौतम अडानी जो इनके पार्टी बीजेपी के सबसे बड़ा दाता हैं, उनका हरियाणा के कृषि बाजार पर मजबूती से कब्जा है। सुरजमुखी से तेल निकालने का काम किया जाता है, जिसमें उद्योग चलानेवाले लोग शामिल हैं।


यदि मोदी सरकार सुरजमुखी फसल के सरकारी एमएसपी दामों पर किसानों से नहीं लेती है तो किसान लोग बाजार में बेचने को मजबूर होंगे, जिसका फायदा बाजार मे बैठे अडानी जैसे लोग को होगा। और मोदी सरकार यहीं काम किसानों के साथ कर रही है। मोदी सरकार एमएसपी रेट पर फसल को नहीं ख़रीद रही है, जिससे किसान लोग सुरजमुखी को 4000 से 4500 रुपए में बेचने को मजबूर हो चुके हैं।

 

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