अगर न्याय नहीं होगा इस देश में, तो ऐसे में कोई अपने बेटी को-अपने बहन को खेल में कौन भेजेगा?- दीपेन्द्र हूड्डा। कांग्रेस।
अगर न्याय नहीं होगा इस देश में, तो
ऐसे में कोई अपने बेटी को-अपने बहन को खेल में कौन भेजेगा?- दीपेन्द्र हूड्डा। कांग्रेस।
दीपेन्द्र हूड्डा ने एक बहुत बड़ी बात कह दिए हैं। उन्होंने कहा है कि
अगर ये आप पिछले यूपीए के टाईम से, कांग्रेस
के समय से शुरू हुआ। तब से लेकर अब तक ओलंपिक देखेंगे तो 17 व्यक्तिगत मेडल भारत में आये हैं। और 17 में से 10
हरियाणा के खिलाड़ी लेकर आये हैं।
दीपेन्द्र हुड्डा की आँखे नम हो गयी थी और उनकी आत्मा रोने लगी थी, जब वह अपनी बात कह रहे थे। उन्होंने कहा, "उस वातावरण को कांग्रेस के द्वारा तैयार किया गया है, जिसे तहस-नहस किया जा रहा है। आनेवाला समय में देश को बहुत नुकसान होगा। अगर न्याय नहीं होगा इस देश में, तो ऐसे में कोई अपने बेटी को-अपने बहन को खेल में कौन भेजेगा?"
इसे सुनकर शायद भारत के पीएम नरेंद्र मोदी को अक्ल आ जाये और महीनों
से परेशान भारत के पहलवान बेटियों के लिए कुछ करने का सोच-विचार करें। उन बेटियों
के खा़तिर कोई फैसला लें,
जो यौण शोषण के खिलाफ जंतर-मंतर पर
महीनों से आंदोलन कर रहीं थी।
अब ये आंदोलन नहीं कर रहीं हैं। क्योंकि, इन लोगों को मोदी के सिपाहियों ने लाठी मारकर
निकालने का काम किया है। जंतर-मंतर से भगा दिया है, जहाँ आंदोलन कर रहीं थीं।
दुर्भाग्य ये है कि और साथ में मुकदमा भी किया है। ऐसे में कोई महिला यौण शोषण का
मामला को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी के पास कैसे जाएंगी?
इससे पीएम मोदी की छवि साफ-साफ धूमिल होती है। मोदी के द्वारा यौण
शोषण के मुख्य आरोपी बृजभूषण शरण सिंह को पनाह और संरक्षण देने का काम किया गया, कहना गलत नहीं होगा।
सोशल मीडिया पर इस बात कि खुब चर्चा है कि जिस समय भारत के पहलवान
बेटियां जंतर-मंतर पर यौण शोषण के खिलाफ पुलिस से लाठी खा रहीं थीं, जूते-तले रौंदीे जा रहीं थीं, उस समय मुख्य आरोपी बृजभूषण मोदी के साथ संसद
भवन में सफेद कपड़ा धारण करके ईमानदार बनता फिर रहा था।

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