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हरियाणा किसान एमएसपी माँग को लेकर कल पिपली में करेंगे महापंचायत-सरकार से नहीं बनी बात, मामला बढ़ने के आसार।

हरियाणा किसान एमएसपी माँग को लेकर कल पिपली में करेंगे महापंचायत-सरकार से नहीं बनी बात, मामला बढ़ने के आसार।


मोदी सरकार हरियाणा के किसानों को उनके सूरजमुखी फसल को एमएसपी दामों पर खरीदने से मना कर दी है। जिससे किसान और मोदी सरकार के बीच फिर से विवाद शुरू हो गई है। हरियाणा के किसान आंदोलन करने को सड़क पर आ गए, जहाँ  सरकार द्वारा लाठी चला दी गई और इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नेताओं को गिरफ्तार करके, उनपर मुकदमा दायर करके और उन्हे जेल भेज दिया गया है।


मोदी सरकार के इस रवैये से किसान लोग काफी नाराज़ व आहृत हो चुके है और इनके फसल भी बरबादी के कागार पर पहुँच चुकी है। मोदी सरकार सूरजमुखी फसल के लिए प्रति क्वींटल 6400 रुपये निर्धारित की है, लेकिन सरकार इस रेट पर किसानों से सूरजमुखी नहीं खरीद रही है, जिसके कारण किसान अपने फसल को शाहाबाद अनाज मंडी में 4000 से 4400 रुपये प्रति क्वींटल सूरजमूखी बेचने को मजबूर हैं।


सरकार के इस रवैये से सूरजमुखी फसल पैदा करनवाले किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा। इसी को लेकर किसान शाहाबाद मंडी में आंदोलन करने लगे, जहाँ सरकार ने बर्बरता के साथ पीटने का काम की, लेकिन किसानों के सूरजमुखी फसल को एमएसपी दामों पर खरीदने का काम नहीं की। सरकार के इस नीयत से पता चलता है कि सरकार किसान को लूटने के फिराक में कार्य कर रही है। 


हरियाणा के किसानों के इस आंदोलन को मोदी सरकार द्वारा दमन किये जाने के बाद अब किसान समुदाय इसके लेकर व्यापक आंदोलन करने की तैयारी शुरू कर दिए हैं। किसान नेता राकेश टीकैत इस आंदोलन में शामिल होने की घोषणा कर दिये हैं। राकेश टीकैत ने कहा कि कल 12 जून को पीपली में महापंचायत किया जाएगा और उसके बाद निर्णय लिया जाएगा कि आगे क्या करना चाहिए! टीकैत ने आस-पास के सभी किसानों को इस महापंचायत में शामिल होने का निवेदन किये हैं।


आपको मालूम हो कि ये मोदी सरकार के वजह से हीं किसानों द्वारा किये गये पिछले साल के आंदोलन में करीब 750 किसान शहीद हुए थे। इसके बाद मोदी स्वंय एमएसपी देने की घोषणा किये थे, लेकिन अब नहीं दे रहें हैं, जिससे साफ हो जाता है कि मोदी सरकार किसानों की बात नहीं सुनेगी। यह सरकार गौतम अडानी जैसे उद्योगपति के लिए काम करती है। क्योंकि किसानो को एमएसपी नहीं देने से मोदी सरकार, इनके बिचैलियों और गौतम अडानी जैसे लोगों को सीधे फायदा होनेवाला है।

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