भारत के राष्ट्रपति जेल में बंद लोगों के लिए दया की भावना व्यक्त किए और भावुक होते हुए कहा इन लोग के लिए हमे कुछ करना चाहिए, क्योंकि ये लोग अज्ञान है। जेल में बंद उन लोगों के लिए कुछ करने को संदेश दिए, जिन लोग को ये मालूम नहीं है कि संविधान क्या है, मौलिक अधिकार क्या है और मौलिक कर्तव्य क्या है और जेल में सजा काट रहे है।
राष्ट्रपति महोदया एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज हमारे देश के जेल में उन लोग बंद है, जिन्हे ये मालूम नहीं है कि मौलिक अधिकार क्या है, प्रस्तावना क्या है और मौलिक कर्तव्य क्या है। ऐसे लोग देश के जेल में बंद है। ये लोग एक छोटी सी गलती के लिए सालों से जेल में बंद है और इन्हे कोई छोङानेवाला नहीं है।
किसी को थप्पङ मार दिए जैसे अपराध को लेकर जेल में बंद हैं और इनपर अनेक कानूनी धाराएं लगा दिए गए हैं। इन लोग को कोई छोङानेवाला नहीं है। परिवार के लोग भी जेल में बंद इन लोग को छोड़ाकर घर ले जाने में असमर्थ हैं। परिवार के लोग इसलिए असमर्थ है, क्योंकि पैसा नहीं है। इनलोग के पास जो थोङे जमीन है वो भी खत्म हो जाएंगे। आर्थिक अभाव के कारण जेल में बंद लोगों के लिए कुछ करने का समय है।

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