विवेक अग्निहोत्री 2024 लोकसभा चुनाव के लिए नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं दी, सुप्रिया श्रीनेत का शानदार जवाब।।
फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने वर्ष 2024 में होनेवाले लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी के चुनाव प्रचार-प्रसार का स्टार नेता नरेंद्र मोदी को शुभकामना संदेश दिए है। इन्होंने यह संदेश ट्वीटर पर पोस्ट के माध्यम से दिए। ट्वीटर पोस्ट अंग्रेजी भाषा में लिखा गया है। पोस्ट के साथ एक फोटो भी संलग्न किया गया है। इनके इस ट्वीट को कांग्रेस सीनियर लीडर सुप्रिया श्रीनेत ने रीट्विट की हैं और पोस्ट भी की हैं। विवेक अग्निहोत्री वहीं फिल्म निर्देशक है, जिन्होंने 'द कश्मीर फाईल' नामक फिल्म बनाई है, जिसको नरेंद्र मोदी ने स्वंय प्रचार किया था और फिल्म का टैक्स भी माफ किया था।
'द कश्मीर फाईल' फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री अपने ट्वीट में लिखा है " congratulations @narendramodi for leading @BJP4India to this unprecedented win. Wishing you all the best for 2024."। ट्वीट का हिन्दी रूपांतरण करने पर, ' इस अभूतपूर्व जीत के लिए, भारत के लिए भाजपा का नेतृत्व करने के लिए नरेंद्र मोदी को बधाई और आपको वर्ष 2024 लोकसभा चुनाव के लिए शुभकामनाएं", प्राप्त होता है।
आपको यह भी मालूम करा देना चाहता हूँ कि इस पोस्ट के साथ एक फोटो भी संलग्न है। फोटो में भेङियों का झुंड है, जो बर्फील क्षेत्र में चल रहे हैं। एक भेड़िया जो सबसे आगे चल रहा है, वो अन्य भेङियों के लिए रास्ता बना रहा है और इस भेड़िया के पास लीडर लिखा हुआ है, शायद विवेकजी इसे नरेंद्र मोदी के रूप में दिखाने का प्रयास किए है।
कांग्रेस सीनियर लीडर सुप्रिया श्रीनेत ने अग्निहोत्री के इस ट्वीट को अपने ट्विटर खाता के द्वारा वहन करते हुए लिखती हैं " हे भगवान! शर्म नहीं आती प्रधानमंत्री को भेड़िया और भाजपा को भेङियों का झुंड कहते हुए? हमारे जितने भी वैचारिक मतभेद हों, मैं इसकी कङी निंदा करती हूँ। " हालांकि, मैं जितना समझ रहा हूँ उसके अनुसार अग्निहोत्री अपने इस ट्वीट में नरेंद्र मोदी को लीडर के रूप में बताने का प्रयास कर रहे है और एक ऐसा लीडर जो अपने जीवन को खतरे में डालकर अपनो के लिए काम करता है और रास्ता का भी निर्माण करता है।
मालूम हो, विवेक अग्निहोत्री द्वारा निर्मित फिल्म 'द कश्मीर फाईल' को भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2022 (आईएफएफआई) के एक ज्यूरी सदस्य ने प्रोपेगैंडा फिल्म बता दिए। फिल्म महोत्सव के मंच से भाषण देते हुए ज्यूरी सदस्य नादव लापिड ने कहा " अंतरराष्ट्रीय कंपीटिशन के लिए 15 फ़िल्में थीं, जिनमें 14 फ़िल्में कला के लिहाज़ से उत्कृष्ट थीं, लेकिन 15वीं फ़िल्म, जो कि 'द कश्मीर फाईल' थी, उसे देखकर पूरी ज्यूरी विचलित और स्तब्ध थी और हम सबने माना कि वो एक प्रोपेगैंडा वल्गर फ़िल्म थी।"

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