वर्तमान मोदी सरकार के द्वारा वर्ष 2016 में किया गया नोटबंदी पर सुप्रीम कोर्ट (उच्चतम न्यायालय) ने अपना फैसला सुना दिया है, जिसपर न्यायाधीश नागरत्ना अलग टिप्पणी कर दिए हैं, इससे देश में राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है और इस विवाद को सर आँख पर उठाते हुए, शिव सेना के सीनियर लीडर संजय राउत मैदान में कुदते हुए उन्होंने कहा कि हम न्यायालय के फैसला को सम्मान करते हैं, लेकिन न्यायाधीश नागरत्ना के द्वारा दिया गया टिप्पणी को तहे दिल से सर्मथन करते हैं।
शिव सेना सीनियर लीडर संजय राउत मोदी का नोटबंदी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रकाश अम्बेडकर के बयान से पुरा देश सहमत है। हमारी पार्टी प्रमुख उद्भव ठाकरे जी का बयान भी हमेशा रहा है कि नोटबंदी से देश का फायदा क्या हुआ? उस वक्त बैंक के कतार में हजारों लोग मारे गए, उसका जिम्मेदार कौन है?
संजय राउत ने आगे कहा, “ मोदी सरकार का नोटबंदी जनता पर एक प्रकार आतंकवादी हमला था, जिसे मौजूदा सरकार द्वारा देश में लाया गया। इसे ‘आर्थिक आतंकवाद’ भी कहा जा सकता है। इसमें हजारों लोग मारे गए और लाखों लोग बेरोजगार हो गए। इस निर्णय से देश तबाह हो गया। नोटबंदी के बाद देश में आतंकवादी सक्रियता में बेतहाशा वृद्धि हुई, काला धन में भी कमी नहीं आयी, बल्कि इसमें भी वृद्धि हुई।”
शिव सेना नेता कहते हैं कि अगर सुप्रीम कोर्ट कहता है, चार जज कहते हैं, यह सरकार का बहुत हीं अच्छा कदम था और यह लीगल था, लेकिन हम सहमत हैं, न्यायाधीश नागरत्ना के टिप्पणी से, जिन्होंने ‘मोदी का नोटबंदी’ पर डीसेन्ट नोट दिया है। इन्होंने निर्भिकता के साथ अपनी बात को देश के सामने रखते हुए कहा, “ये ईलीगल है, नोटबंदी से देश को कुछ फायदा नहीं हुआ और यह एक मनमानी निर्णय था।” और नोटबंदी पर लोगों की यहीं आवाज भी है। वह नोटबंदी के दु:ख से आहत होते हुए, अंत में कहा, “ इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्णय दिया है, हम उसको सम्मान करते हैं।”

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