लोकतंत्र तीर्थ यात्री राहुल गाँधी ‘भारत
जोङो यात्रा’ को लेकर भारत के दक्षिण छोर स्थित ‘कन्याकुमारी’ से पंजाब पहुँच चुके
हैं। यह यात्रा जम्मू-कश्मीर में जाकर थम जाएगी। पौष-माघ के कड़कड़ाती ठंड, उपर से
सीने को भेदनेवाली पछवाँ हवा का झोंका को मात्र एक सफेद हाफ़ टी-शर्ट और जिसके अन्दर एक
वार्मर पहने के झेलते हुए, लोकतंत्र को बचाने व मजबूत करने ख़ातिर, ‘राहुल गाँधी’ भारत
के सड़कों पर पैदल चल रहे हैं।
यात्रा विश्राम के दरम्यान उन्होंने
भारत जोड़ो यात्रा का शुरूआत के कारण को बताते हुए कहा, “हम लोग संसद
भवन में जनता की आवाज उठाने शुरू किए, तो हमारी बात को भारत के लोग तक पहुँचने
से रोका जाने लगा, जिसके कारण सड़क पर आना पड़ा, ताकि जनता को मालूम हो कि सरकार
उन्हें कितना धोखा दे रही है। संसद भवन में हम जब बोलना शुरू करते है, तो हमारा माइक को बन्द कर दिया जाता है और संसद के
कैमरा को भी हमारे उपर से हटा दिया जाता है।”
राहुल गाँधी ने कहा, “हिन्दुस्तान एक लोकतांत्रिक देश है, इसमें
अलग-अलग संस्थाएं हैं, जो हमारे देश के लोकतंत्र की रक्षा कर रहें हैं। लेकिन, आज
के हिन्दुस्तान में बीजेपी और आरएसएस के लोगों ने इन संस्थाओं में अपने लोग को बैठा दिए हैं।
संसद भवन में हम नोटबंदी, जीएसटी और कृषि कानून जैसे मुद्दों पर सरकार के साथ बहस
करना शुरू किए, तो हमारा माइक को बन्द कर दिया गया। और जिस चीन ने हमारे देश के
भूभाग को कब्जा किया है, जैसे संवेदनशील मुद्दा पर बहस करना शुरू किया, तो हमारा
माइक को बन्द कर दिया गया।”

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