राहुल गाँधी अपने
टीम के साथ भारत जोड़ो यात्रा को कन्याकुमारी से लेकर जम्मू-कश्मीर पहुंच चुके हैं
से प्रभावित होकर कश्मीरी
नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा,“ मैं इनको मुबारक
करता हूँ कि इन्होंने ये कदम उठाया है।”
राहुल गाँधी अपने टीम के साथ भारत जोड़ो यात्रा को
कन्याकुमारी से लेकर जम्मू-कश्मीर पहुंच चुके हैं। और इनके इस प्रयास से प्रभावित
होकर कश्मीरी नेता फारूक अब्दुल्ला
ने कहा, “मैं इनको मुबारक करता हूँ कि इन्होंने ये कदम उठाया है कि हमलोग आगे चल सकें
और हमारे आनेवाले औलादें जो हैं, वो भी उस भारत को देख सकें, जो महात्मा गाँधी
चाहते थे, जो शहरी कश्मीर और नेहरू चाहते थे।”
कश्मीरी नेता
फारूक अब्दुल्ला जी आगे कहते हैं कि सदियों पहले शंकराचार्य जी ने यात्रा की थि शुरू।
उनका यात्रा कन्याकुमारी से कश्मीर तक का था। ये (राहुल गाँधी) दूसरा शख्स हैं, जो
कन्याकुमारी से कश्मीर आ रहा है। अब्दुल्ला जी ने कहा, “ ये किसलिए आ रहा है? ये जो नफरते हमारे देश में पैदा की जा रही है, ये
नफरतों को खत्म करने के लिए।”
फारूक अब्दुल्ला जी एक प्रसिद्ध लाईन “मजहब नहीं सीखाता आपास में बैर रखना, हिंद
हैं हम, वतन है- हिन्दोस्ताँ हमारा” का जिक्र करते हुए आगे
कहा, “ हमलोग सब एक
हैं। कोई भी धर्म क्यों न हो, कोई ज़ुबान क्यों न हो, कोई संस्कृति क्यों न अलग हो,
हमारा भाषा अलग है, मगर हम भारत के सब एक हैं और ये (राहुल
गाँधी) इसको जोड़ने कि कोशिश कर रहे हैं।”

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