छतीसगढ़ के नारायणपुर में कुछ युवाओं ने एक चर्च पर आक्रमण कर दिए और
तोड़-फोड़ किए। मामला को सुलझाने व शांत करने के लिए
सैन्य बल आया, तो इनसे भी दो-दो हाथ करने पर आमदा हो गए, जिसमें कई सैनिक घायल
हुए, कुछ सैनिकों के सर फट गए। चर्च आक्रमणकारियों ने माँ समान स्त्री मूर्ती को भी नहीं बख्शा। हिन्दुत्व
वॉच के अनुसार इस इलाके में ऐसी घटनाएं लगातार घटीत हो रही हैं।
यह घटना 24 दिसंबर वर्ष 2022 के आस-पास की है, हिन्दुत्व वॉच ने इस घटना को ट्वीट
करके बताया और इसके अनुसार ऐसी घटनाएं, इस क्षेत्र में अनेकों बार घट चुकी हैं। इस
संस्था के अनुसार, पिछले तीन सप्ताह के अंदर इन क्षेत्रों
में दर्जनों ऐसी घटनाएं घटी हैं, जिसमें चर्च के संस्थानों पर हमले हुए हैं। और
देखा जाय, तो कुछ लोग के द्वारा इन क्षेत्रों में एंटी चर्च का माहौल बनाने का प्रयास
किया जा रहा है।
सैंकङो की संख्या में कुछ युवाओं ने नारायणपुर के
चर्च पर हमला कर दिये और इसके अंदर तोङ-फोङ किया, चर्च को अस्त-व्यस्त कर दिया।
माँ तुल्य प्रतिमा को भी नहीं बख्शा,
लाठी से मार-मार करके उसे बरबाद कर दिया और तोङ
दिया। मामला को शांत करने के लिए, जब मौके वारदात पर सैन्य बल पहुंची, तो इन लोगों
पर भी लाठी चला दिया, जिससे कई सैनिक घायल हो गए।
फिलहाल, नारायणपुर के चर्च पर हमला का
मामला बिलकुल शांत हो चुका है, लेकिन एक सवाल छोङ जाता है कि चुनाव का समय नजदीक आता
देख राजनीतिक पार्टी ने चाल चली हो। इसलिए इस देश में नारायणपुर मामला को अयोध्या के राम-मंदिर की
तरह एक राजनीतिक पैतरा हो, से इनकार कैसे किया जा सकता
है भला!

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