पिछले नौ वर्षों में भरत पर 155 लाख करोड़ रूपए का कर्ज हुआ- चरण सिंह सापरा।।
भारत के लोगों को अपनी आर्थिक पेटी की सीट-बेल्ट बाँँध लेने की
जरूरतवाली खबर है। आजादी से लेकर मनमोहन सिंह की सरकार तक भारत सरकार पर 55 लाख करोड़ रूपए का कर्ज था, जो बढ़कर आठ से नौ साल के मोदी की सरकार में
भारत सरकार पर 155 लाख करोड़ रूपए का कर्ज हो गया है।
कांग्रेस राष्ट्रªीय
प्रवक्ता चरण सिंह सापरा ने कहा, “ आजादी
से लेकर वर्ष 2014 तक भारत सरकार के ऊपर 55 लाख करोड़ रूपए का कर्ज था और पिछले नौ वर्षों
में ये कर्ज बढ़कर 155 लाख करोड़ रूपए हो गया है।”
गौर करनेवाली व चिन्ता करनेवाली खबर यह है कि भारत सरकार पर इतनी भारी-भरकम
कर्ज होने के बावजूद भारत वैश्विक भूखा सूचकांक (ग्लोबल हंगर इंडेक्स) में अपने
पड़ोसी देशों से खराब स्थिति को प्राप्त किया है। अपने पड़ोसी देश, पाकिस्तान, बंगला
देश और नेपाल जैसे देश से भी बद्दतर स्थान को हासिल किया है।
चरण सिंह सापरा ने कहा,“ हमारा देश ग्लोबल हंगर इंडेक्स के 2022 के सूचकांक में विश्व के 116 देशों की प्रतिस्पद्र्धा में 101 स्थान को प्राप्त किया है। हमारा देश बंगला देश, पाकिस्तान और नेपाल से भी पीछे रह गया है।”

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