भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जिस तरह से कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू जी, इन्दिर जी, राजीव जी और डाक्टर मनमोहन सिंह जैसे भारत के धरोहर नेताओं को जनता के सामने अपशब्द कहकर वोट पाने की जो राजनीतिक माहौल की शुरुआत की है, उसके खिलाफ आवाज उठनी शुरु हो गई है। यह अवाज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के एक करीबी ने तब शुरुआत किए हैं, जब राहुल गाँधी ने अटल जी के समाधि पर पुष्प अर्पित किए।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व 'भारत जोङो यात्रा' प्रमुख लोकतंत्र तीर्थ यात्री राहुल गाँधी, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी के दिल्ली स्थित समाधि पर पुष्प अर्पित किए और उनके आत्मा की शांति के लिए प्रर्थना किए। राहुल जी, दूसरे दल के दिवंगत नेता का सम्मान देने की प्रथा की शुरुआत, उस समय किए हैं, जिस समय भारत में नफ़रत की राजनीतिक की जा रही है और दूसरे दल के नेताओं को अपशब्द कहकर वोट हासिल करने का काम जोर-शोर से चल रहा है। खास बात यह है, ऐसी राजनीतिक माहौल से भाजपा नेताओं चुनाव जीत रहे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी के करीबी रहे अधिकारी ने कहा, " एक कांग्रेस का नेता, भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री (अटल जी) उनके प्रति श्रद्धांजली अर्पित करता है, उनके समाधि पर जाता है और पुष्प अर्पित करता है, ये बहुत अच्छी बात है। और मैं समझता हूँ कि राहुल गाँधी ने यह एक राजनीतिक बहादुरी दिखाई है। जिस प्रकार से राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी को गौरव दिखाया है, इसी तरह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता व लोग पंडित जवाहर लाल नेहरू के प्रति भी गौरव दिखाएंगे, तो ये भारत के लिए अच्छा होगा।"

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