Skip to main content

Posts

corona virus को भारत से भगाने के उपाय - लॉकडाउन ।।

आज कोरोना वायरस से भरत हीं नहीं पूरा विश्व भयभीत हो गया है तथा बड़े-बड़े देश को भी यह बीमारी छक्के छुड़ा कर रख दिया है। इसकी खास बात यह भी है कि इस बीमारी का अभी तक कोई कारगर ईलाज की ख़ोज की दावा किसी देश के द्वारा नहीं की गई है। विश्व समुदाय अभी तक इसके ईलाज से अनभिज्ञ है। अमेरिका, ईटली, आस्ट्रेलिया, चीन, फ़्रांस, ब्रिटेन, ईरान आदि जैसे चिकित्सा क्षेत्र में उच्च कोटी का स्थान रखनेवाला देश भी कोरोना से परेशान और हैरान है तथा संघर्ष कर रहा है। इन देशों में यूरोप महाद्वीप का इटली को सबसे ज्यादा झेलना पड़ रहा। जिन-जिन देशों में यह बीमारी उत्पात मचा रखा है, उन देशों के चिकित्सकों ने अभी तक इसके लक्षणों को देखते हुए सतर्क रहने व इसे फैलने से रोकने को कहा है और इसकी जानकारी हीं इस बीमारी का ईलाज है। हम सब भाग्यशाली हैं कि हमलोगों को कोरोना वायरस के बारें में इतनी जानकरी प्राप्त है जिसके माध्यम से इस बीमारी से लड़ सकते हैं। Corona Virus को ऐसे समझा जा सकता है: ठंड मौसम के समाप्ति और गर्मी की शुरुआत यूं कहें मौसम के बदलाव मतलब सर्दी से गर्मी की ओर मौसम का जाना के समय यह virus अपना अस्त...

Corona Virus से लङने के लिए देश में चला थाली बजाओ अभियान ।।

कोरोना वायरस से लड़ने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ज़ी ने पूरा देश वासियों को एकसाथ होने का आवाहन किया था, उस में देश के सारे हिस्सों से लोगों ने औचित्य जवाब देने का काम किया है, जिसे प्रधानमंत्री को धन्यवाद जरुर कहना चाहिए। बिहार की राजधानी पटना में भी लोगों ने रविवार शाम को थाली बजाकर, ताली बजाकर, ढोल बजाकर और कुछ लोगों ने पटाखा फोड़कर प्रधानमंत्री का साथ होने का परिचय दिया। उन लोगों को साथ होने का परिचय दिया जो इस बीमारी से लड़ रहें हैं और इस बीमारी को खत्म करने के लिए अपने जान का परबाह किये बगैर मरीजों को सेवा व बीमारी न फैले इसका उपाय में दिन-रात काम कर रहें हैं।  प्रधानमंत्री के आवाहन पर रविवार के दिन लगभग पटना के अधिकांश लोगों ने हिस्सा लिया जिसमें अधिकतर घर की महिलाएं दिखीं इनके साथ घर के बच्चे और पुरुष भी एक साथ सूर में सूर मिलाते नजर आये। हालाँकि बहुत लोग यह स्पष्ट रूप से यह समझने में अन्जान थे कि यह आयोजन किस लिए किया गया है इसका उद्देश्य क्या है फ़िर भी प्रधानमंत्री के पुकार के चलते देश का साथ हो लिए। क्योंकि इतना सभी को पता था की कोरोना वायरस से लड़ने के ...

मध्यप्रदेश के गुप-चुप राजनीति का खेल हुआ खत्म ।।

मध्यप्रदेश के गुप-चुप राजनीति का खेल हुआ खत्म ।। भारत के मध्य भाग में स्थित राज्य मध्यप्रदेश गुपचुप राजनीतिक का शिकार हो चुकी है जिससे यहाँ का लोकतान्त्रिक सरकार अस्थिर हो गई है। राज्य की सरकार देश के बड़े नेताओं के महत्वकांक्षा का भेंट चढ़ गया है। सोशल मीडिया पर इस बात की चर्चा बहुत पहले शुरू हो चुकी थी। उस समय issue यह बना था कि एक महिला विधायक स्वयं को खरीदे जाने के बारे में बता रहीं थी। महिला विधायक का कहना था कि मुझे कमलनाथ की कांग्रेस सरकार को सत्ता से गिराने के एवज में करोड़ो रुपया मिल रहा है, लेकिन वह matter वहीं दब कर रह गया। हल्का शोरगुल हुआ पर चिराग जलाने में असफल रहा जिसका result आज जाकर मिला है। चलो देर आया पर दुरस्त आया।  आज मध्यप्रदेश की जनता राजनीतिक नेताओं को आये दौरा (attack) का शिकार हो गई है। कांग्रेस की सरकार राज्य में अपना सत्ता लगभग खो चुकी है। सुनने में यह भी आ रहा है कि इनके 22 विधायक राज्य छोड़कर कहीं सैरसपाटे पर निकल चुके हैं। मध्यप्रदेश के कमलनाथ की सरकार को विधानसभा के सत्र शुरू करना था जिसके लिए विधायकों का होना जरुरी है लेकिन जनता का दुर्भा...

भारत के दो फ़कीर !

मेरा क्या ? हम तो फ़कीर हैं झोला लेकर कहीं भी चल देंगें! भारत के ऐसे लाल जो अपने फकीरी अंदाज के लिए जाने जाते हैं मैं उन सभी का फैन हो गया हूँ और   कभी-कभी ये भी सोचता हूँ कि मैं भी फ़कीर बन जाऊं। घर परिवार में क्या रखा है! परिवार के लालन पालन में व्यस्त रहने वालों, आपको क्या मालूम की फ़कीरी में क्या मज़ा है? आख़िर ! सब को एक दिन इस दुनिया से फ़कीर बनकर हीं जाना होता है। जब आदमी की मौत होती है, उस समय मनुष्य फ़कीरी अंदाज में हीं लोगों से विदा लेता है। लेकिन छोड़िए ! हम फ़कीर नहीं बन सकते परन्तु मुझे दो फ़कीर अन्दाज वाले व्यक्ति से पाला पड़ा है जिसकी कहानी सुनाता हूँ। अपने शब्दों में। झेल लेना, शायद कभी काम आ जाय। क्योंकि मैं फ़कीर नहीं हूँ ना ! भाइयों-बहनों ! इस शब्द से घबराइए नहीं हम हैं। आपको मालूम हो कि आजकल फ़कीर का भी टाईप होता है। एक फ़कीर वो होता है, जो लोगों को आशीर्वाद देते फिरता है यह पूर्व के भारत में हुआ करते थे अब ये विलुप्त प्राणी की श्रेणी में गिने जाते हैं । और दूसरा वो होता है, जिसको सत्ता चाहिए। आजकल ऐसे लोगों का भारत में भरमार है, इन्हें आपको खोजने की जरूरत नहीं है, ये ...

श्री कृष्णा (श्रीमद्भागवत गीता) कहते हैं कि अहंकार की लगाम को कसकर पकड़े रहना चाहिए ।

आप अहंकार शब्द से परिचित तो होंगें! यह देखने में तो चार अक्षर का शब्द प्रतित होता है, लेकिन जिस व्यक्ति पर यह चढ़ता है, उस मानव का रंग-रूप के अलावा सबकुछ बदल जाता है। ऐसे तो   इसे कभी अपनेआप पर हावी होने की छूट नहीं देना चाहिए। इस अहंकार रूपी घोड़े के लगाम को कसकर पकड़े हुए रखना चाहिए। इसे बहकने मत दीजियेगा। यदि यह एक बार बहक गया तो फ़िर आप पर सवार हो जायेगा और आपको घोड़ा बनाकर अपने मनचाहे ढंग से नचाएगा फ़िर एक दिन आपको ले डूबेगा। यह मनुष्य पर अक्सर सफलता से पहले सवार होता है, जिसे पहचान करने के पूर्व हीं मनुष्य को अपने वश में कर लेता है और सफलता के उचित मार्ग से दूर लेकर चला जाता है। एक वाक्य से तो परिचित अवश्य होंगें “अहंकारी रावण”। श्री कृष्ण महाभारत होने से पहले अपने पाँचों पांडवों में व्याप्त अहंकार को समाप्त करके हीं युद्ध में कदम रखे थे। कृष्ण को यह अनुमान जब पक्का हो गया था कि कुरुक्षेत्र में धर्म और अधर्म को लेकर युद्ध होना निश्चित है तथा इस युद्ध का केन्द्र बिन्दु पाण्डव के अर्जुन को होना है तो कृष्ण ने सबसे पहले अर्जुन को हनुमान के जरिये उनके अन्दर छुपे अहंकार को खत्म करन...