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पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में नाबालिग से दरिंदगी और हत्या, राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज।।



पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में नाबालिग से दरिंदगी और हत्या, राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज।।

​बारुईपुर/कोलकाता/N5:
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीय एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार और उसकी बेरहमी से हत्या का एक अत्यंत हृदयविदारक मामला सामने आया है। इस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर भारी जनाक्रोश देखने को मिल रहा है और पूरे राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।  
​प्राप्त जानकारी के अनुसार, कक्षा 6 की यह नाबालिग छात्रा शनिवार (4 जुलाई 2026) की दोपहर से लापता थी। रविवार (5 जुलाई) की सुबह बारुईपुर के सूर्यपुर हाट इलाके के एक तालाब में बोरे में बंद उसकी क्षत-विक्षत लाश बरामद हुई।  

​प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से बेहद चौंकाने वाले और दर्दनाक खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मासूम बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार और बर्बरता की गई थी। अपराधियों ने उसे बोरे में बंद कर तालाब में तब फेंका जब वह जीवित थी, जिसके कारण पानी में डूबने और अत्यधिक रक्तस्राव से उसकी मौत हो गई।  

घटना के सामने आते ही उग्र भीड़ ने एक संदिग्ध (इंद्रजीत तांती) की पीट-पीटकर हत्या (मॉब लिंचिंग) कर दी। 

इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त किया और रेल पटरियों को भी बाधित किया। हालात को देखते हुए प्रशासन ने बारुईपुर, सोनारपुर और नरेंद्रपुर इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी है।  

​मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस ने अब तक तीन मुख्य आरोपियों—आनंद सरदार, दिवाकर सरदार और प्रभास मंडल को गिरफ्तार कर लिया है। 

इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत सामूहिक बलात्कार, हत्या, सबूत मिटाने और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।  

हाल ही में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा शासित इस राज्य में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।  

​पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवार से फोन पर बात की और उन्हें त्वरित न्याय का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और सरकार अदालतों के माध्यम से दोषियों के लिए मृत्युदंड (फांसी की सजा) सुनिश्चित करेगी।  

​पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कोलकाता में एक कैंडल मार्च निकाला। टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार महिला सुरक्षा के वादों पर विफल रही है और विपक्ष को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया जा रहा है।  

​पीड़ित बच्ची की मां और परिजनों ने रोते हुए प्रशासन से केवल एक ही मांग की है कि उनकी बेटी को तड़पा-तड़पा कर मारने वाले इन दरिंदों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।  
Shailendra Kumar
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