सीरीज भी गंवाई, साख भी डूबी: तीसरे टी-20 में इंग्लैंड ने भारत को बुरी तरह रौंदा; क्लीन स्वीप का संकट गहराया।।
सीरीज भी गंवाई, साख भी डूबी: तीसरे टी-20 में इंग्लैंड ने भारत को बुरी तरह रौंदा; क्लीन स्वीप का संकट गहराया।।
खेल डेस्क | नई दिल्ली/लंदन/N5: भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही 2026 टी-20 सीरीज में भारतीय क्रिकेट टीम का बेहद निराशाजनक प्रदर्शन जारी है। सीरीज के तीसरे और निर्णायक मुकाबले में मेहमान टीम इंग्लैंड ने भारत को एकतरफा मुकाबले में करारी शिकस्त दी। इस शर्मनाक हार के साथ ही भारतीय टीम ने पांच मैचों की टी-20 सीरीज 0-3 से गंवा दी है। अब टीम इंडिया के सामने अपने ही घर में 'क्लीन स्वीप' की बेइज्जती से बचने की सबसे बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
इस 'करो या मरो' के मुकाबले में भारतीय फैंस को उम्मीद थी कि टीम इंडिया जोरदार वापसी करेगी और सीरीज में अपनी उम्मीदें जिंदा रखेगी। लेकिन मैदान का नजारा इसके बिल्कुल उलट रहा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत एक बार फिर बेहद खराब रही। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ के सामने भारत का टॉप ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। सलामी बल्लेबाज बिना कोई प्रभाव छोड़े पवेलियन लौट गए, जिसके बाद मध्यक्रम पर दबाव पूरी तरह हावी हो गया।
मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने भी पिच पर टिकने का कोई जज्बा नहीं दिखाया। खराब शॉट सिलेक्शन और क्रीज पर तालमेल की कमी के चलते भारतीय टीम निर्धारित 20 ओवरों में एक सम्मानजनक स्कोर खड़ा करने में भी नाकाम रही। इंग्लैंड की अनुशासित गेंदबाजी के सामने भारतीय बल्लेबाज एक-एक रन के लिए तरसते नजर आए।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम को भारतीय गेंदबाजों ने कोई चुनौती नहीं दी। दिशाहीन गेंदबाजी और बेहद लचर फील्डिंग ने मेहमान बल्लेबाजों का काम और भी आसान कर दिया। भारतीय स्पिनर्स भी मध्य ओवरों में रन गति पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे। इंग्लैंड ने बिना किसी बड़े नुकसान के बेहद आसानी से लक्ष्य को हासिल कर लिया और सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली।
इस करारी हार के बाद सोशल मीडिया से लेकर खेल के गलियारों तक फैंस और पूर्व क्रिकेटरों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। कप्तान की रणनीतियों, टीम चयन में लगातार हो रहे बदलावों और सीनियर खिलाड़ियों के खराब फॉर्म को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
हार के क्या है मुख्य कारण जानते हैं :
टॉप ऑर्डर का फ्लॉप शो: पावरप्ले में लगातार विकेट गंवाना टीम को भारी पड़ा।
खराब शॉट सिलेक्शन: दबाव के क्षणों में बल्लेबाजों ने गैर-जिम्मेदाराना शॉट्स खेले।
दिशाहीन गेंदबाजी: शुरुआती ओवरों और डेथ ओवरों में जमकर रन लुटाए गए।
कमजोर कप्तानी व फील्डिंग: मैदान पर कप्तानी के फैसले बेअसर रहे और कई कैच भी छूटे।
आगे की राह: अब सीरीज के बचे हुए दो मैच भारतीय टीम के लिए केवल अपनी साख बचाने की लड़ाई हैं। यदि टीम इंडिया को 5-0 के शर्मनाक क्लीन स्वीप से बचना है, तो प्लेइंग इलेवन में बड़े बदलाव करने होंगे और खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत होकर मैदान पर उतरना होगा।
